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Hamirpur News: विरमा-चंद्रावल नदी के तेवर नरम, रपटा पुलों पर अब भी संकट
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फोटो 29 एचएएमपी 19- बिवांर क्षेत्र में विरमा नदी के पानी में जलमग्न फसलें। संवाद
कनेरा अब भी पानी से घिरा, कुपरा का रपटा दोनों ओर से कटा
बिलगांव में डेढ़ मीटर पानी, बिवांर में फसलें जलमग्न
फोटो 29 एचएएमपी 19- बिवांर क्षेत्र में विरमा नदी के पानी में जलमग्न फसलें। संवाद
फोटो 29 एचएएमपी 20- बिलगांव में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करतीं विधायक मनीषा अनुरागी। संवाद
फोटो 29 एचएएमपी 21- विरमा नदी के बहाव से क्षतिग्रस्त कुपरा का रपटा। संवाद
फोटो 29 एचएएमपी 22- शिवनी में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को दी गई राहत सामग्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मौदहा/सरीला (हमीरपुर)। जिले में दो दिन के बाद तीसरे दिन शनिवार को मामूली बारिश हुई है, इसका सीधा असर जल भराव वाले इलाकों में देखने को मिला। बेतवा, यमुना और विरमा के साथ चंद्रावल नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रपटा पुलों के ऊपर पानी होने से संपर्क कटा हुआ है।
शनिवार शाम चार बजे हमीरपुर में बेतवा का जलस्तर 97.630 मीटर और यमुना का 96.930 मीटर दर्ज किया गया। बेतवा का खतरे का निशान 104.54 मीटर और यमुना का 103.63 मीटर है। शुक्रवार शाम बेतवा का जलस्तर 98.500 मीटर था। बारिश थमने के बाद दोनों नदियों में गिरावट दर्ज की गई है। सरीला तहसील क्षेत्र के कनेरा मजरे में अभी पानी से घिरा है। कुपरा-छानी मार्ग पर विरमा नदी का रपटा दोनों तरफ से कटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। बिलगांव के रपटे के ऊपर करीब डेढ़ मीटर पानी बह रहा है। हालांकि बिलगांव की मॉडल गौशाला से पानी उतर गया है और मवेशियों को सूखे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
तीन बांधों से 1.15 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा
शनिवार शाम छह बजे मौदहा बांध से 15,667 क्यूसेक, लहचूरा से 40,100 क्यूसेक और माताटीला से 60,186 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। तीनों बांधों से कुल 1,15,953 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। दिनेश कुमार, अधिशासी अभियंता, मौदहा बांध निर्माण खंड, हमीरपुर ने बताया कि मौदहा बांध के नौ फाटक खुले हैं और पानी की मात्रा घटाई-बढ़ाई जा रही है। लहचूरा से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बेतवा में पानी अभी बना रहेगा, लेकिन जलस्तर बढ़ने की संभावना नहीं है और धीरे-धीरे गिरावट होगी। चंद्रावल का पानी घटना शुरू हो गया है और रविवार तक इसमें और कमी आने की उम्मीद है।
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कनेरा में पानी उतर रहा, कुपरा का रपटा क्षतिग्रस्त
सरीला। जलालपुर थाना क्षेत्र के कनेरा मजरे में विरमा नदी का पानी घट रहा है, लेकिन मजरा अभी भी चारों ओर से पानी से घिरा है। रास्ते बंद होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है।
श्यामसुंदर, कनेरा ने बताया कि पानी उतर रहा है, लेकिन कनेरा अभी भी पानी से घिरा हुआ है।
कुपरा के ग्राम प्रधान छिद्दू ने बताया कि विरमा नदी में बना कुपरा-छानी मार्ग का रपटा दोनों तरफ से कटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। कुपरा पहले से नदियों और नालों से घिरा है। रपटा जल्द नहीं बना तो गांव के लोगों को जलालपुर होकर छानी और हमीरपुर जाना पड़ेगा। इससे करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। तहसीलदार रविंद्र पाल ने बताया कि पानी लगातार उतर रहा है। तहसील क्षेत्र के अधिकारी लगातार स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
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बिलगांव में रपटे के ऊपर डेढ़ मीटर पानी
बिलगांव में विरमा नदी का पानी उतरने लगा है। मॉडल गौशाला से भी पानी उतर गया है और मवेशियों को सूखे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि गांव के रपटे के ऊपर अभी करीब डेढ़ मीटर पानी बह रहा है। ग्राम प्रधान रामपाल ने बताया कि बाढ़ से भूसे को नुकसान हुआ है। शनिवार को विधायक मनीषा अनुरागी और तहसीलदार रविंद्र पाल ने गांव पहुंचकर स्थिति और फसलों का निरीक्षण किया। तहसीलदार से फसलों का सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
विधायक मनीषा अनुरागी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोग बिना सुरक्षा जैकेट के नाव से आवागमन कर रहे हैं। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लाइफ जैकेट और स्टीमर की व्यवस्था कराने के लिए कहा गया है।
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विरमा के पानी से बिवांर में फसलें जलमग्न
बिवांर। मुस्करा विकासखंड के भटरा और हड़वारी डेरा में विरमा नदी का पानी खेतों में भरने से तिल, मूंग और उड़द की फसलें जलमग्न हो गई हैं। भटरा में शिवकुमार तिवारी की आठ बीघा, राजा भइया तिवारी की करीब 10 बीघा और रामनरेश की पांच बीघा फसल प्रभावित हुई है। हड़वारी डेरा में सुदामा निषाद की 12 बीघा, रामस्वरूप की पांच बीघा और ईश्वरदास की करीब पांच बीघा फसल पानी में डूबी है। नदी किनारे करीब एक दर्जन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं।
किसान ईश्वरदास ने बताया कि फसल खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। सर्दियों में बेटी की शादी तय है, लेकिन फसल खराब होने से चिंता सता रही है।
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रपटा पुलों पर पानी से आवागमन ठप
मौदहा। बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण तहसील क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा था। अब पानी घट रहा है, लेकिन कई रपटों पर पानी होने से आवागमन प्रभावित है।
शिवनी में विरमा नदी का पानी बढ़ने से बगिया, रजवा, धुनका और नत्थूपाल डेरा प्रभावित हुए थे। ग्रामीणों को बाबा गंगादास की कुटी आश्रय स्थल में पहुंचाया गया। यहां राहत सामग्री और खाद्य किट वितरित की गईं। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए दो नावें संचालित हैं।
लरौंद में रपटे पर पानी होने से एक नाव संचालित है। फत्तेपुरवा, गुरदहा, हिमौली और पढ़ोरी के रपटों पर पानी आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोका गया है। करहिया, ग्योड़ी और सिसोलर-टिकरी मार्ग से वैकल्पिक आवागमन कराया जा रहा है। इचौली-खन्ना मार्ग पर भी पानी होने से आवागमन प्रभावित है।
एसडीएम करणवीर सिंह ने बताया कि पानी कम होने पर फसलों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी और नुकसान के आधार पर किसानों को मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
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पांच स्थानों पर नाव लगाकर कराया जा रहा आवागमन
एडीएम राकेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पांच नावें संचालित की जा रही हैं। मुस्करा क्षेत्र के शिवनी डेरा में दो, बिलगांव में एक, लरौंद में एक और कुरारा क्षेत्र के शिवनी में एक नाव लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पानी घट रहा है, लेकिन पीछे से आने वाले पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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गौशाला से पानी उतरा, मवेशी सुरक्षित स्थान पर
बिलगांव की मॉडल गौशाला में विरमा नदी का पानी भरने के बाद मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया था। अब गौशाला से पानी उतर गया है। ग्राम प्रधान रामपाल ने बताया कि बाढ़ से भूसे को नुकसान हुआ है। गांव के रपटे के ऊपर अभी भी करीब डेढ़ मीटर पानी बह रहा है।
इनसेट : कुपरा में रपटा क्षतिग्रस्त, बढ़ेगी करीब 50 किमी दूरी
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बिलगांव में डेढ़ मीटर पानी, बिवांर में फसलें जलमग्न
फोटो 29 एचएएमपी 19- बिवांर क्षेत्र में विरमा नदी के पानी में जलमग्न फसलें। संवाद
फोटो 29 एचएएमपी 20- बिलगांव में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करतीं विधायक मनीषा अनुरागी। संवाद
फोटो 29 एचएएमपी 21- विरमा नदी के बहाव से क्षतिग्रस्त कुपरा का रपटा। संवाद
फोटो 29 एचएएमपी 22- शिवनी में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को दी गई राहत सामग्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मौदहा/सरीला (हमीरपुर)। जिले में दो दिन के बाद तीसरे दिन शनिवार को मामूली बारिश हुई है, इसका सीधा असर जल भराव वाले इलाकों में देखने को मिला। बेतवा, यमुना और विरमा के साथ चंद्रावल नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रपटा पुलों के ऊपर पानी होने से संपर्क कटा हुआ है।
शनिवार शाम चार बजे हमीरपुर में बेतवा का जलस्तर 97.630 मीटर और यमुना का 96.930 मीटर दर्ज किया गया। बेतवा का खतरे का निशान 104.54 मीटर और यमुना का 103.63 मीटर है। शुक्रवार शाम बेतवा का जलस्तर 98.500 मीटर था। बारिश थमने के बाद दोनों नदियों में गिरावट दर्ज की गई है। सरीला तहसील क्षेत्र के कनेरा मजरे में अभी पानी से घिरा है। कुपरा-छानी मार्ग पर विरमा नदी का रपटा दोनों तरफ से कटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। बिलगांव के रपटे के ऊपर करीब डेढ़ मीटर पानी बह रहा है। हालांकि बिलगांव की मॉडल गौशाला से पानी उतर गया है और मवेशियों को सूखे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
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तीन बांधों से 1.15 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा
शनिवार शाम छह बजे मौदहा बांध से 15,667 क्यूसेक, लहचूरा से 40,100 क्यूसेक और माताटीला से 60,186 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। तीनों बांधों से कुल 1,15,953 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। दिनेश कुमार, अधिशासी अभियंता, मौदहा बांध निर्माण खंड, हमीरपुर ने बताया कि मौदहा बांध के नौ फाटक खुले हैं और पानी की मात्रा घटाई-बढ़ाई जा रही है। लहचूरा से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बेतवा में पानी अभी बना रहेगा, लेकिन जलस्तर बढ़ने की संभावना नहीं है और धीरे-धीरे गिरावट होगी। चंद्रावल का पानी घटना शुरू हो गया है और रविवार तक इसमें और कमी आने की उम्मीद है।
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कनेरा में पानी उतर रहा, कुपरा का रपटा क्षतिग्रस्त
सरीला। जलालपुर थाना क्षेत्र के कनेरा मजरे में विरमा नदी का पानी घट रहा है, लेकिन मजरा अभी भी चारों ओर से पानी से घिरा है। रास्ते बंद होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है।
श्यामसुंदर, कनेरा ने बताया कि पानी उतर रहा है, लेकिन कनेरा अभी भी पानी से घिरा हुआ है।
कुपरा के ग्राम प्रधान छिद्दू ने बताया कि विरमा नदी में बना कुपरा-छानी मार्ग का रपटा दोनों तरफ से कटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। कुपरा पहले से नदियों और नालों से घिरा है। रपटा जल्द नहीं बना तो गांव के लोगों को जलालपुर होकर छानी और हमीरपुर जाना पड़ेगा। इससे करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। तहसीलदार रविंद्र पाल ने बताया कि पानी लगातार उतर रहा है। तहसील क्षेत्र के अधिकारी लगातार स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
बिलगांव में रपटे के ऊपर डेढ़ मीटर पानी
बिलगांव में विरमा नदी का पानी उतरने लगा है। मॉडल गौशाला से भी पानी उतर गया है और मवेशियों को सूखे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि गांव के रपटे के ऊपर अभी करीब डेढ़ मीटर पानी बह रहा है। ग्राम प्रधान रामपाल ने बताया कि बाढ़ से भूसे को नुकसान हुआ है। शनिवार को विधायक मनीषा अनुरागी और तहसीलदार रविंद्र पाल ने गांव पहुंचकर स्थिति और फसलों का निरीक्षण किया। तहसीलदार से फसलों का सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
विधायक मनीषा अनुरागी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोग बिना सुरक्षा जैकेट के नाव से आवागमन कर रहे हैं। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लाइफ जैकेट और स्टीमर की व्यवस्था कराने के लिए कहा गया है।
विरमा के पानी से बिवांर में फसलें जलमग्न
बिवांर। मुस्करा विकासखंड के भटरा और हड़वारी डेरा में विरमा नदी का पानी खेतों में भरने से तिल, मूंग और उड़द की फसलें जलमग्न हो गई हैं। भटरा में शिवकुमार तिवारी की आठ बीघा, राजा भइया तिवारी की करीब 10 बीघा और रामनरेश की पांच बीघा फसल प्रभावित हुई है। हड़वारी डेरा में सुदामा निषाद की 12 बीघा, रामस्वरूप की पांच बीघा और ईश्वरदास की करीब पांच बीघा फसल पानी में डूबी है। नदी किनारे करीब एक दर्जन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं।
किसान ईश्वरदास ने बताया कि फसल खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। सर्दियों में बेटी की शादी तय है, लेकिन फसल खराब होने से चिंता सता रही है।
रपटा पुलों पर पानी से आवागमन ठप
मौदहा। बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण तहसील क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा था। अब पानी घट रहा है, लेकिन कई रपटों पर पानी होने से आवागमन प्रभावित है।
शिवनी में विरमा नदी का पानी बढ़ने से बगिया, रजवा, धुनका और नत्थूपाल डेरा प्रभावित हुए थे। ग्रामीणों को बाबा गंगादास की कुटी आश्रय स्थल में पहुंचाया गया। यहां राहत सामग्री और खाद्य किट वितरित की गईं। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए दो नावें संचालित हैं।
लरौंद में रपटे पर पानी होने से एक नाव संचालित है। फत्तेपुरवा, गुरदहा, हिमौली और पढ़ोरी के रपटों पर पानी आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोका गया है। करहिया, ग्योड़ी और सिसोलर-टिकरी मार्ग से वैकल्पिक आवागमन कराया जा रहा है। इचौली-खन्ना मार्ग पर भी पानी होने से आवागमन प्रभावित है।
एसडीएम करणवीर सिंह ने बताया कि पानी कम होने पर फसलों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी और नुकसान के आधार पर किसानों को मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
पांच स्थानों पर नाव लगाकर कराया जा रहा आवागमन
एडीएम राकेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पांच नावें संचालित की जा रही हैं। मुस्करा क्षेत्र के शिवनी डेरा में दो, बिलगांव में एक, लरौंद में एक और कुरारा क्षेत्र के शिवनी में एक नाव लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पानी घट रहा है, लेकिन पीछे से आने वाले पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गौशाला से पानी उतरा, मवेशी सुरक्षित स्थान पर
बिलगांव की मॉडल गौशाला में विरमा नदी का पानी भरने के बाद मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया था। अब गौशाला से पानी उतर गया है। ग्राम प्रधान रामपाल ने बताया कि बाढ़ से भूसे को नुकसान हुआ है। गांव के रपटे के ऊपर अभी भी करीब डेढ़ मीटर पानी बह रहा है।
इनसेट : कुपरा में रपटा क्षतिग्रस्त, बढ़ेगी करीब 50 किमी दूरी

फोटो 29 एचएएमपी 19- बिवांर क्षेत्र में विरमा नदी के पानी में जलमग्न फसलें। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 19- बिवांर क्षेत्र में विरमा नदी के पानी में जलमग्न फसलें। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 19- बिवांर क्षेत्र में विरमा नदी के पानी में जलमग्न फसलें। संवाद