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Hamirpur News: प्लास्टिक अपशिष्ट से जिले की दो सड़कों का होगा निर्माण
Tue, 04 Apr 2023 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 04 Apr 2023 01:16 AM IST
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हमीरपुर। प्लास्टिक अपशिष्ट से जिले में दो सड़कों का निर्माण किया जाएगा। करीब चार किलोमीटर लंबी सड़कों की लागत 34.50 लाख रुपये आएगी। पर्यावरण व गुणवत्ता की दृष्टि से इसे बेहतर माना जा रहा है। पूर्व में भी प्लास्टिक अपशिष्ट से दो सड़कों का निर्माण पूर्व में कराया जा चुका है।
प्लास्टिक धीरे-धीरे मानव आवश्यकता का अभिन्न अंग बन गया है। यह टिकाऊ होने के साथ उत्पादन में आसान हल्का, अटूट गंधहीन व रासायनिक प्रतिरोधी होता है। जिसके चलते इसका कचरा कई समस्याओं का कारण बनने लगा है। इसके कचरे से जहां भरने से लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। वही प्लास्टिक की थैलियां खाने से जानवरों की मौत होती है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए बिटुमिन मिक्स के साथ बेकार प्लास्टिक का उपयोग करने का रास्ता निकाल सरकार ने बेकार प्लास्टिक के निस्तारण करा समस्या को काफी कम कर लिया है। जिसके क्रम में अब जिले में भी बेकार प्लास्टिक का उपयोग कर सड़क निर्माण कराने का काम शुरू किया गया है।
जिले में दो सड़कें प्लास्टिक बेस्ट का प्रयोग कर निर्माण कराने की शासन ने स्वीकृति दी है। इनमें बांकी से धरमपुर 3.35 किलोमीटर लंबा मार्ग व इंगोहटा-छानी मार्ग से दाता आश्रम खड़ेही लोधन तक 400 मीटर सड़क निर्माण शामिल है। दोनों मार्गों में कुल लागत 34.50 लाख रुपये आने का आकलन किया गया है।
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प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता एमएल वर्मा ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग कर बनाई गई सड़कों का परिणाम बेहतर देखने को मिल रहे है। दोनों सड़कों का निर्माण जल्द कराया जाएगा।
तारकोल का दो प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट का किया जाता है प्रयोग
पीडब्ल्यूडी के जेई राजेंद्र सिकरवार ने बताया कि जिले में पहले अमिरता चंदुलीखेत मार्ग व रघवा का डेरा से विंदा का डेरा तक की सड़क निर्माण में इसका प्रयोग किया जा चुका है। इसमें उपयोग में आने वाले तारकोल की मात्रा को दो प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट प्रयोग किया जाता है। प्रक्रिया आसान है किसी नई मशीनरी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
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ऐसे होता प्रयोग
जेई राजेन्द्र सिकरवार ने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट को पहले थ्रेडिंग मशीन का उपयोग कर विशेष आकार में ढाल दिया जाता है। कुल मिश्रण को 165 डिग्री सेल्सियस पर गर्म कर मिलाया जाता है। इसके लिए तारकोल गर्म करने के दौरान उसी में मिश्रण को मिलाकर उपयोग किया जाता है। इससे सड़क की लचीलेपन की गुणवत्ता बढ़ जाती है।
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प्लास्टिक धीरे-धीरे मानव आवश्यकता का अभिन्न अंग बन गया है। यह टिकाऊ होने के साथ उत्पादन में आसान हल्का, अटूट गंधहीन व रासायनिक प्रतिरोधी होता है। जिसके चलते इसका कचरा कई समस्याओं का कारण बनने लगा है। इसके कचरे से जहां भरने से लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। वही प्लास्टिक की थैलियां खाने से जानवरों की मौत होती है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए बिटुमिन मिक्स के साथ बेकार प्लास्टिक का उपयोग करने का रास्ता निकाल सरकार ने बेकार प्लास्टिक के निस्तारण करा समस्या को काफी कम कर लिया है। जिसके क्रम में अब जिले में भी बेकार प्लास्टिक का उपयोग कर सड़क निर्माण कराने का काम शुरू किया गया है।
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जिले में दो सड़कें प्लास्टिक बेस्ट का प्रयोग कर निर्माण कराने की शासन ने स्वीकृति दी है। इनमें बांकी से धरमपुर 3.35 किलोमीटर लंबा मार्ग व इंगोहटा-छानी मार्ग से दाता आश्रम खड़ेही लोधन तक 400 मीटर सड़क निर्माण शामिल है। दोनों मार्गों में कुल लागत 34.50 लाख रुपये आने का आकलन किया गया है।
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प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता एमएल वर्मा ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग कर बनाई गई सड़कों का परिणाम बेहतर देखने को मिल रहे है। दोनों सड़कों का निर्माण जल्द कराया जाएगा।
तारकोल का दो प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट का किया जाता है प्रयोग
पीडब्ल्यूडी के जेई राजेंद्र सिकरवार ने बताया कि जिले में पहले अमिरता चंदुलीखेत मार्ग व रघवा का डेरा से विंदा का डेरा तक की सड़क निर्माण में इसका प्रयोग किया जा चुका है। इसमें उपयोग में आने वाले तारकोल की मात्रा को दो प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट प्रयोग किया जाता है। प्रक्रिया आसान है किसी नई मशीनरी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
ऐसे होता प्रयोग
जेई राजेन्द्र सिकरवार ने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट को पहले थ्रेडिंग मशीन का उपयोग कर विशेष आकार में ढाल दिया जाता है। कुल मिश्रण को 165 डिग्री सेल्सियस पर गर्म कर मिलाया जाता है। इसके लिए तारकोल गर्म करने के दौरान उसी में मिश्रण को मिलाकर उपयोग किया जाता है। इससे सड़क की लचीलेपन की गुणवत्ता बढ़ जाती है।