फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Trapped in the shower in the middle pipe Chekdam death

चेकडैम में नहा रहा अधेड़ पाइप में फंसा, मौत

Thu, 25 Aug 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Thu, 25 Aug 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
Trapped in the shower in the middle pipe Chekdam death
रतौली में शव निकालने को ह्यूम पाइप में घुसने का प्रयास करता ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
शिहोर नदी में नहाने गया एक अधेड़ तेज बहाव से चेकडैम पर बने रपटे के पाइप में जा घुसा। घटना के छह घंटे बाद पीएससी फ्लड कंपनी ने एक जांबाज ग्रामीण की सहायता से उसका शव निकाला। शव बाहर आते ही परिजनों में हाहाकार मच गया।
विज्ञापन



रतौली से हिमौली जाने वाले मार्ग में गांव के निकट ही शिहोर नदी पर चेकडैम बना है। इसी के ऊपर रपटा बना है। इसमें डेढ़ फिट व्यास के ह्यूम पाइप पड़े हैं। गुरुवार की सुबह करीब सात बजे गांव निवासी ओम प्रकाश (45) पुत्र रामदास वर्मा चेकडैम में नहाने गया था। बताया जाता है कि नदी के तेज बहाव से वह खुद को संभाल न सका और बहते हुए पुलिया के अंदर पाइप में जा घुसा। इससे वह उसमें फंस गया।
विज्ञापन


गांव निवासी टुन्नू यादव ने बताया कि वह भी वहां था और उसने ओमप्रकाश कोवहां नहाने से मना भी किया था। इस पर ओमप्रकाश ने उसकी बात यह कहते हुए टाल दी कि वह तैरना जानता है। ओमप्रकाश पाइप में फंसा तो वह दौड़कर गांव गया और लोगों को जानकारी दी। दर्जनों लोग वहां पहुंच गए और पाइप को एक ओर से बंद कर रस्सी व बांस डालकर ओमप्रकाश को निकालने का प्रयास किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी वे उसे नहीं निकाल सके। इस पर सूचना बिवांर पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी अभिमन्यु यादव व क्षेत्राधिकारी उमरदराज खां मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी ने सुमेरपुर में पड़ाव डाले पीएससी फ्लड कंपनी के दस्ते को गांव बुलाया। मोटरबोट के सहारे पीएससी के जवान चेकडैम पर उतरे और खासी मशक्कत की लेकिन असफल रहे। तब गांव का एक अधेड़ बलवीर उर्फ टाइगर आगे आया। उसने ह्यूम पाइप के अंदर घुसकर ओमप्रकाश के पैर बांधे और फिर मोटरबोट से उसे बाहर खींचा गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ओमप्रकाश के बाहर निकलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। नदी किनारे सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व लोग एकत्र रहे। यह घटना सुनकर बसपा प्रत्याशी संजय दीक्षित, पार्टी के नेता निशात नबी, विधानसभा अध्यक्ष छोटेलाल वर्मा, बीरेंद्र वर्मा भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के साथ ही आर्थिक सहायता दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।


 बाढ़ से बुरी तरह घिरे रहे रतौली में पानी घटते ही रपटा पुल से लोगों का आना जाना शुरू है। गुरुवार को सुबह इसमें नहाना-धोना शुरू हो गया। ओमप्रकाश भी वहां पहुंचा था। ओमप्रकाश के पिता रामदास अहिरवार ने बताया कि उसके तीन बेटे थे, जिसमें एक की पहले मौत हो चुकी है। रपटे में डूबने से जिसकी मौत हुई, उसकी तीन सयानी पुत्रियां है। एक नाती है और उसकी शादी हो चुकी है। लेकिन तीनों बेटियां विवाह के लिए बैठी हैं। वह मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसकी पत्नी की 18 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। अब उसके परिवार का कोई सहारा नहीं बचा है। उसके पास 12 बीघे जमीन है। यदि किसान बीमा योजना का लाभ उसे मिल जाए तो उसकी सयानी बेटियों की शादी हो जाएगी।



ओमप्रकाश को निकालने के लिए जब फ्लड टोली में जवानों के हाथ पैर ढीले हो रहे थे तो गांव का साहसी अधेड़ टाइगर सामने आया। उसने जान जोखिम में डालकर उस संकरे ह्यूम पाइप में घुसने की हिम्मत जुटाई। जहां ओमप्रकाश फंसा था, उसके पैर में रस्सी बांधकर बाहर आया। शव बाहर आया तो टाइगर की बहादुरी को सीओ सहित सभी ने सराहा। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि वह उसको सम्मानित कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed