{"_id":"6a3430fa3d646834a20b49fe","slug":"three-sentenced-to-five-years-in-prison-for-assault-and-under-the-scst-act-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-141516-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: मारपीट व एससी-एसटी एक्ट में तीन को पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: मारपीट व एससी-एसटी एक्ट में तीन को पांच साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह ने एससी-एसटी एक्ट व मारपीट के 15 वर्ष पुराने मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। उन्होंने तीनों दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित पक्ष को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन के अनुसार मुस्करा थाना क्षेत्र के उपरहका गांव निवासी बृगभान ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 22 फरवरी 2011 को मवईजार निवासी जयपाल, कृपाल और शिवकुमार ने उसे और उसके पिता के साथ मारपीट की। इसी के साथ गाली-गलौज करने तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किए।
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले को चिह्नित कर अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया। साक्ष्यों और गवाहों की समयबद्ध प्रस्तुति के बाद मामले की प्रभावी पैरवी की गई। बृहस्पतिवार को एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच वर्ष के कारावास तथा 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़ित पक्ष को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने का भी आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार मुस्करा थाना क्षेत्र के उपरहका गांव निवासी बृगभान ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 22 फरवरी 2011 को मवईजार निवासी जयपाल, कृपाल और शिवकुमार ने उसे और उसके पिता के साथ मारपीट की। इसी के साथ गाली-गलौज करने तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले को चिह्नित कर अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया। साक्ष्यों और गवाहों की समयबद्ध प्रस्तुति के बाद मामले की प्रभावी पैरवी की गई। बृहस्पतिवार को एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच वर्ष के कारावास तथा 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़ित पक्ष को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने का भी आदेश दिया है।
विज्ञापन