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तीन बदमाशों को सात वर्ष सश्रम कारावास
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 11 Aug 2015 11:42 PM IST
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लूट के एक मामले की सुनवाई के बाद तीन बदमाशों के खिलाफ आरोप सिद्ध होने पर
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मंगलवार को विशेष न्यायाधीश डकैती राजेश कुमार सिंह ने सात वर्ष के सश्रम
कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि कुरारा थानाक्षेत्र के बेरी गांव निवासी हरी सिंह का पुत्र गोविंद, उसकी पत्नी सरला, बहू गुड़िया व नीलम 6 मई 2004 की रात करीब 8 बजे ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार हो कालपी के बलखंडी देवी दर्शन कर वापस गांव आ रहे थे।
ट्रैक्टर जैसे ही देवीगंज के नाले के पास पहुंचा तभी चार सशस्त्र बदमाशों ने ट्रैक्टर रुकवाया और महिलाओं के जेवर लूट लिए। साथ ही बदमाशों ने जाते समय गोविंद को धमकी दी कि 6 लाख रुपये पहुंचा देना वरना पूरे परिवार को जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पुलिस ने हरी सिंह की तहरीर पर 14 मई को बदमाश शिवबदन पुत्र फेरन निवासी पारा, संता उर्फ संतराम पुत्र रामलाल यादव निवासी नगवा कदौरा जालौन, बालगोविंद पुत्र छिददू निवासी जल्ला व रामा यादव के खिलाफ लूट व गुंडा टैक्स मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस घटना के बाद 1 जून 2004 को मलहरा गांव के बनवा बाबा के स्थान पर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई जिसमें शिवबदन, संता उर्फ संतराम व बालगोविंद गिरफ्तार किए गए। जबकि चौथा बदमाश रामा यादव गैर जनपद में पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था।
मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद तीनों बदमाशोें को दोषी पाए जाने पर न्यायाधीश ने सात सात वर्ष के सश्रम कारावास व प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि कुरारा थानाक्षेत्र के बेरी गांव निवासी हरी सिंह का पुत्र गोविंद, उसकी पत्नी सरला, बहू गुड़िया व नीलम 6 मई 2004 की रात करीब 8 बजे ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार हो कालपी के बलखंडी देवी दर्शन कर वापस गांव आ रहे थे।
ट्रैक्टर जैसे ही देवीगंज के नाले के पास पहुंचा तभी चार सशस्त्र बदमाशों ने ट्रैक्टर रुकवाया और महिलाओं के जेवर लूट लिए। साथ ही बदमाशों ने जाते समय गोविंद को धमकी दी कि 6 लाख रुपये पहुंचा देना वरना पूरे परिवार को जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पुलिस ने हरी सिंह की तहरीर पर 14 मई को बदमाश शिवबदन पुत्र फेरन निवासी पारा, संता उर्फ संतराम पुत्र रामलाल यादव निवासी नगवा कदौरा जालौन, बालगोविंद पुत्र छिददू निवासी जल्ला व रामा यादव के खिलाफ लूट व गुंडा टैक्स मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस घटना के बाद 1 जून 2004 को मलहरा गांव के बनवा बाबा के स्थान पर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई जिसमें शिवबदन, संता उर्फ संतराम व बालगोविंद गिरफ्तार किए गए। जबकि चौथा बदमाश रामा यादव गैर जनपद में पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था।
मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद तीनों बदमाशोें को दोषी पाए जाने पर न्यायाधीश ने सात सात वर्ष के सश्रम कारावास व प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।