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Hamirpur News: जिला अस्पताल में नाक,कान गला के मरीज बढ़े
Mon, 15 Dec 2025 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 15 Dec 2025 11:45 PM IST
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हमीरपुर। ठंड बढ़ते ही साइनोसाइटिस के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल के नाक-कान-गला विभाग में रोजाना 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी ईएनटी विभाग में मरीजों की भीड़ लगी रही।
वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. विकास यादव ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में करीब 80 से अधिक मरीज देखे गए हैं। मौसम परिवर्तन, धूल और वायु प्रदूषण के कारण साइनस की झिल्लियां सूज जाती हैं, इससे एक्यूट साइनोसाइटिस के मामले बढ़ गए हैं। रोजाना ऐसे 15-20 मरीज आ रहे हैं। इससे पीड़ित मरीजों को तेज बुखार, सिर दर्द, चेहरे पर भारीपन, नाक बंद होना और गाढ़े बलगम की शिकायत होती है। इसके अलावा फंगल साइनोसाइटिस के दो-तीन मरीज आ रहे हैं। ये बिल्कुल अलग तरह की बीमारी है। इससे आंख व गाल में भी सूजन आ जाती है। इससे गंध महसूस नहीं होती है। समय पर इलाज न हो तो यह क्रॉनिक साइनोसाइटिस में बदल सकता है। मरीजों को एंटीबायोटिक्स, एंटी-हिस्टामाइन, स्टीम, नेजल स्प्रे और जरूरत पड़ने पर साइनस वॉश की सलाह दी जा रही है। गंभीर मामलों में सीटी स्कैन करवाया जाता है।
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वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. विकास यादव ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में करीब 80 से अधिक मरीज देखे गए हैं। मौसम परिवर्तन, धूल और वायु प्रदूषण के कारण साइनस की झिल्लियां सूज जाती हैं, इससे एक्यूट साइनोसाइटिस के मामले बढ़ गए हैं। रोजाना ऐसे 15-20 मरीज आ रहे हैं। इससे पीड़ित मरीजों को तेज बुखार, सिर दर्द, चेहरे पर भारीपन, नाक बंद होना और गाढ़े बलगम की शिकायत होती है। इसके अलावा फंगल साइनोसाइटिस के दो-तीन मरीज आ रहे हैं। ये बिल्कुल अलग तरह की बीमारी है। इससे आंख व गाल में भी सूजन आ जाती है। इससे गंध महसूस नहीं होती है। समय पर इलाज न हो तो यह क्रॉनिक साइनोसाइटिस में बदल सकता है। मरीजों को एंटीबायोटिक्स, एंटी-हिस्टामाइन, स्टीम, नेजल स्प्रे और जरूरत पड़ने पर साइनस वॉश की सलाह दी जा रही है। गंभीर मामलों में सीटी स्कैन करवाया जाता है।
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