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Hamirpur News: सदर विधायक का पैतृक गांव भी प्यासा
Sat, 28 Mar 2026 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:48 AM IST
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हमीरपुर। जिले के 355 राजस्व गांवों की करीब साढ़े छह लाख की आबादी को नल से जल पहुंचाने की कवायद बीते पांच साल से चल रही है। लेकिन अभी भी करीब 30 फीसदी आबादी को पानी का संकट उठाना पड़ रहा है।
कहीं पांच महीने से पानी ही नहीं पहुंच रहा तो कहीं कनेक्शन तो कर दिए गए, लेकिन टोंटियां तक नहीं लगाई गईं। सदर विधायक का पैतृक गांव तक अभी योजना से संतृप्त नहीं है। ऐसे में अन्य गांवों की क्या हालत होगी, इसकी जमीनी हकीकत खुद नजर आ रही है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में दो परियोजनाएं पत्योरा डांडा व हरौलीपुर ग्राम समूह पर काम चल रहा है। पत्योरा और हरौली में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो चुके हैं। योजना के अंतर्गत दोनों परियोजनाओं में दो इंटेक वेल, दो डब्लूटीपी, 16 सीडब्लूआर, 176 अवर जलाशय, 2468.489 किमी वितरण प्रणाली है। इसके लिए 1,11,080 क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रस्तावित हैं। इनमें कनेक्शन का कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है। परियोजना से जिले के 355 राजस्व ग्रामों की 6,44,260 जनसंख्या लाभान्वित होनी है] लेकिन कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली व जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते परियोजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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मोहल्ले में नहीं आया एक बूंद पानी
पौथिया। सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति के पैतृक गांव के नरेशपुरा मोहल्ले की करीब 300 आबादी है। योजना के तहत पाइप लाइन तो डाल दी गई है, लेकिन कई जगह पर टोंटियां नहीं लगी हैं। मोहल्ला में अभी तक एक बूंद पानी नहीं आया है। हैंडपंप से पानी पीने के लिए भरा जाता है। - वशीम, पौथिया।
शुरू हो गर्मी, हो रही दिक्कत
जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन तो कर दिए गए हैं, लेकिन इसमें कभी-कभार एक दो बाल्टी पानी निकल आता है। गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में पानी की बहुत दिक्कत होती है। - जाकिर हुसैन, पौथिया।
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आधे गांव में नहीं आ रहा पानी
सुमेरपुर क्षेत्र के कलौलीजार की आबादी करीब 3800 है। यहां आधे गांव में योजना का पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव के पश्चिम इलाके में पानी नहीं पहुंच रहा है। सैकड़ों घरों में अभी तक टोंटियां तक नहीं लगाई गई हैं। यदा-कदा थोड़ा बहुत पानी आ जाता है। हैंडपंपों के सहारे ही पीने के लिए पानी मिल रहा है। - भान सिंह, कलौलीजार।
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पेयजल को तरसी 400 की आबादी
बिवांर। विकासखंड मुस्करा के ग्राम पंचायत निवादा से संबद्ध मजरा विभूनी में पिछले पांच महीनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। करीब 400 आबादी वाले इस मजरे में मात्र दो हैंडपंप लगे हैं। इनमें एक हैंडपंप महीनों से खराब पड़ा है। गांव के दिलीप, प्रदीप, अनुज, जाल मोहम्मद, सब्बीर अहमद, बाबूलाल, पप्पू गोस्वामी और रशीद आदि लोगों ने बताया कि पानी न आने की शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है, सिर्फ आश्वासन दे दिया जाता है। लोग हैंडपंपों और कुएं से पानी भरने को मजबूर हैं। गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर ओवरहेड टैंक बना है। कई जगह पाइप लाइन लीकेज है। अगर समय रहते पाइप लाइन सही नहीं की गई तो मौदहा-बिंवार मार्ग के निर्माण हो जाने पर पाइप लाइन रोड़ के नीचे हो जाएगी तक इसे ठीक करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
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कनेक्शन के बाद टोंटियां लगाना भूले
गहरौली। गांव में वर्ष 2023 से हर घर नल योजना का काम शुरू किया गया था। तीन साल बीतने के बाद भी गांव के कई मोहल्ले में पानी नहीं पहुंचता है। अधिकांश घरों में पाइप के द्वारा कनेक्शन तो कर दिया गया है, लेकिन टोंटियां नहीं लगाई गई हैं। श्याम नगर मोहल्ला निवासी दीपेंद्र राजपूत, पुष्पेंद्र कुमार, हरी सिंह, उदय चंद, दिनेश कुमार, दीपेंद्र कुमार, रोहित कुमार, अंकित यादव, सुरेश, राहुल, हरि प्रसाद, मूलचंद अहिरवार आदि लोगों का कहना है कि कनेक्शन के बावजूद उनके घरों में आज तक एक बूंद पानी नहीं आया है। वहीं, बड़े तालाब के नागेश्वर बाबा के सामने से होते हुए कहारों की बस्ती के 33 घरों में आज तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। यही हाल कुटी मोहल्ले के आसपास भी है। लोगों का आरोप है कि कई बार मौखिक और ऑनलाइन शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ऑपरेटर मुन्नालाल ने बताया कि समस्या की सूचना संबंधित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दे दी गई है।
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विभागीय राज्य मंत्री का आदेश भी न आया काम
कलक्ट्रेट सभागार में बीते माह विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने हर घर नल से जल योजना की हकीकत जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद के सामने रखी थी। बताया था कि मेरे गांव ही पूर्ण संतृप्त नहीं हो पाया। टोंटियां लोगों को मुंह चिढ़ा रही। पुरानी पाइप लाइन से भी आपूर्ति नहीं हो पा रही। इस पर राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने निर्देश सुने जरूर लेकिन पालन करना जरूरी नहीं समझा, यही वजह है कि पेयजल संकट बरकरार है।
जिले के सभी गांवों में लगभग आपूर्ति शुरू है। कुछ ऊंचाई वाले मोहल्लों एवं मजरों में काम चल रहा है। जहां से भी शिकायत मिल रहीं हैं। जलापूर्ति ठीक कराई जा रही है। 90 फीसदी घरों में पानी पहुंच रहा है।
- संदेश तोमर, अधिशासी अभियंता ग्रामीण
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कहीं पांच महीने से पानी ही नहीं पहुंच रहा तो कहीं कनेक्शन तो कर दिए गए, लेकिन टोंटियां तक नहीं लगाई गईं। सदर विधायक का पैतृक गांव तक अभी योजना से संतृप्त नहीं है। ऐसे में अन्य गांवों की क्या हालत होगी, इसकी जमीनी हकीकत खुद नजर आ रही है।
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जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में दो परियोजनाएं पत्योरा डांडा व हरौलीपुर ग्राम समूह पर काम चल रहा है। पत्योरा और हरौली में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो चुके हैं। योजना के अंतर्गत दोनों परियोजनाओं में दो इंटेक वेल, दो डब्लूटीपी, 16 सीडब्लूआर, 176 अवर जलाशय, 2468.489 किमी वितरण प्रणाली है। इसके लिए 1,11,080 क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रस्तावित हैं। इनमें कनेक्शन का कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है। परियोजना से जिले के 355 राजस्व ग्रामों की 6,44,260 जनसंख्या लाभान्वित होनी है] लेकिन कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली व जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते परियोजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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मोहल्ले में नहीं आया एक बूंद पानी
पौथिया। सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति के पैतृक गांव के नरेशपुरा मोहल्ले की करीब 300 आबादी है। योजना के तहत पाइप लाइन तो डाल दी गई है, लेकिन कई जगह पर टोंटियां नहीं लगी हैं। मोहल्ला में अभी तक एक बूंद पानी नहीं आया है। हैंडपंप से पानी पीने के लिए भरा जाता है। - वशीम, पौथिया।
शुरू हो गर्मी, हो रही दिक्कत
जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन तो कर दिए गए हैं, लेकिन इसमें कभी-कभार एक दो बाल्टी पानी निकल आता है। गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में पानी की बहुत दिक्कत होती है। - जाकिर हुसैन, पौथिया।
आधे गांव में नहीं आ रहा पानी
सुमेरपुर क्षेत्र के कलौलीजार की आबादी करीब 3800 है। यहां आधे गांव में योजना का पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव के पश्चिम इलाके में पानी नहीं पहुंच रहा है। सैकड़ों घरों में अभी तक टोंटियां तक नहीं लगाई गई हैं। यदा-कदा थोड़ा बहुत पानी आ जाता है। हैंडपंपों के सहारे ही पीने के लिए पानी मिल रहा है। - भान सिंह, कलौलीजार।
पेयजल को तरसी 400 की आबादी
बिवांर। विकासखंड मुस्करा के ग्राम पंचायत निवादा से संबद्ध मजरा विभूनी में पिछले पांच महीनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। करीब 400 आबादी वाले इस मजरे में मात्र दो हैंडपंप लगे हैं। इनमें एक हैंडपंप महीनों से खराब पड़ा है। गांव के दिलीप, प्रदीप, अनुज, जाल मोहम्मद, सब्बीर अहमद, बाबूलाल, पप्पू गोस्वामी और रशीद आदि लोगों ने बताया कि पानी न आने की शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है, सिर्फ आश्वासन दे दिया जाता है। लोग हैंडपंपों और कुएं से पानी भरने को मजबूर हैं। गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर ओवरहेड टैंक बना है। कई जगह पाइप लाइन लीकेज है। अगर समय रहते पाइप लाइन सही नहीं की गई तो मौदहा-बिंवार मार्ग के निर्माण हो जाने पर पाइप लाइन रोड़ के नीचे हो जाएगी तक इसे ठीक करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
कनेक्शन के बाद टोंटियां लगाना भूले
गहरौली। गांव में वर्ष 2023 से हर घर नल योजना का काम शुरू किया गया था। तीन साल बीतने के बाद भी गांव के कई मोहल्ले में पानी नहीं पहुंचता है। अधिकांश घरों में पाइप के द्वारा कनेक्शन तो कर दिया गया है, लेकिन टोंटियां नहीं लगाई गई हैं। श्याम नगर मोहल्ला निवासी दीपेंद्र राजपूत, पुष्पेंद्र कुमार, हरी सिंह, उदय चंद, दिनेश कुमार, दीपेंद्र कुमार, रोहित कुमार, अंकित यादव, सुरेश, राहुल, हरि प्रसाद, मूलचंद अहिरवार आदि लोगों का कहना है कि कनेक्शन के बावजूद उनके घरों में आज तक एक बूंद पानी नहीं आया है। वहीं, बड़े तालाब के नागेश्वर बाबा के सामने से होते हुए कहारों की बस्ती के 33 घरों में आज तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। यही हाल कुटी मोहल्ले के आसपास भी है। लोगों का आरोप है कि कई बार मौखिक और ऑनलाइन शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ऑपरेटर मुन्नालाल ने बताया कि समस्या की सूचना संबंधित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दे दी गई है।
विभागीय राज्य मंत्री का आदेश भी न आया काम
कलक्ट्रेट सभागार में बीते माह विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने हर घर नल से जल योजना की हकीकत जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद के सामने रखी थी। बताया था कि मेरे गांव ही पूर्ण संतृप्त नहीं हो पाया। टोंटियां लोगों को मुंह चिढ़ा रही। पुरानी पाइप लाइन से भी आपूर्ति नहीं हो पा रही। इस पर राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने निर्देश सुने जरूर लेकिन पालन करना जरूरी नहीं समझा, यही वजह है कि पेयजल संकट बरकरार है।
जिले के सभी गांवों में लगभग आपूर्ति शुरू है। कुछ ऊंचाई वाले मोहल्लों एवं मजरों में काम चल रहा है। जहां से भी शिकायत मिल रहीं हैं। जलापूर्ति ठीक कराई जा रही है। 90 फीसदी घरों में पानी पहुंच रहा है।
- संदेश तोमर, अधिशासी अभियंता ग्रामीण