{"_id":"620bed41091c9b7f3c2fa5a1","slug":"sumerpur-eo-and-two-clerks-booked-for-fraud-hamirpur-news-knp6807608173","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश पर सुमेरपुर ईओ व दो क्लर्कों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश पर सुमेरपुर ईओ व दो क्लर्कों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बा निवासी गृहस्वामी ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी व दो लिपिकों के खिलाफ धोखाधड़ी कर दूसरे के नाम आधा मकान कर देने पर अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।
अधिवक्ता नीशेंद्र सिंह ने बताया कि जयराम गुप्ता का सुमेरपुर कस्बे के ऊंचाथोक मोहल्ले में मकान है। जिसमें वह गृहकर पिछले 20 वर्ष से अदा करते आ रहे हैं।
बताया कि 22 मार्च 2021 को जनसूचना अधिकार से सूचना लेने पर उन्हें मकान का आधा हिस्सा कुंडौरा निवासी शिव सिंह के नाम कर देने की जानकारी हुई। बताया कि छलकपट कर लिपिक सहदेव पाल व देवेंद्र कुमार ने अधिशासी अधिकारी के सहयोग से बिना किसी प्रमाण के गलत तरीके से मकान का विभाजन कर किया है और पत्रावली गायब कर दी है। जिस पर सीजेएम की अदालत ने थाना प्रभारी को आदेशित किया कि मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना करें। बताया कि अदालत ने आदेश पिछले 22 सितंबर को दिया था। बताया कि नगर पंचायत से अपने मकान का स्वामित्व प्रमाण पत्र व शिव सिंह का स्वामित्व प्रमाण पत्र की भी सत्यापित प्रति मांगी तो जानकारी सत्य निकली। थाना प्रभारी रामेंद्र तिवारी ने बताया कि नगर पंचायत ईओ व दो लिपिकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिवक्ता नीशेंद्र सिंह ने बताया कि जयराम गुप्ता का सुमेरपुर कस्बे के ऊंचाथोक मोहल्ले में मकान है। जिसमें वह गृहकर पिछले 20 वर्ष से अदा करते आ रहे हैं।
विज्ञापन
बताया कि 22 मार्च 2021 को जनसूचना अधिकार से सूचना लेने पर उन्हें मकान का आधा हिस्सा कुंडौरा निवासी शिव सिंह के नाम कर देने की जानकारी हुई। बताया कि छलकपट कर लिपिक सहदेव पाल व देवेंद्र कुमार ने अधिशासी अधिकारी के सहयोग से बिना किसी प्रमाण के गलत तरीके से मकान का विभाजन कर किया है और पत्रावली गायब कर दी है। जिस पर सीजेएम की अदालत ने थाना प्रभारी को आदेशित किया कि मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना करें। बताया कि अदालत ने आदेश पिछले 22 सितंबर को दिया था। बताया कि नगर पंचायत से अपने मकान का स्वामित्व प्रमाण पत्र व शिव सिंह का स्वामित्व प्रमाण पत्र की भी सत्यापित प्रति मांगी तो जानकारी सत्य निकली। थाना प्रभारी रामेंद्र तिवारी ने बताया कि नगर पंचायत ईओ व दो लिपिकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन