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हड़ताल से गल्ला मंडी रही बंद
अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Wed, 03 May 2017 11:01 PM IST
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सुमेरपुर मंडी में ठप पड़ा व्यापार।
- फोटो : amarujala
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बैंकों से कैश न मिलने के विरोध में गल्ला व्यापार संघ ने हड़ताल शुरू कर दी है। किसानों के सामने अनाज बेचने, करीब 500 पल्लेदार, ढाई सौ मजदूरों व कमीशन एजेंटो के सामने रोजीरोटी के लिए जूझना पड़ेगा।
बैंकों ने कैशलेस व्यवस्था लागू करने के लिए व्यापारियों को करेंसी देना कम कर दिया है। हालात यह है कि बैंक से गल्ला व्यापारियों को 20 से 50 हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। ऐसे में नगद भुगतान में दिक्कत है। इसी के तहत गल्ला व्यापार संघ ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
संघ के अध्यक्ष महेश गुप्ता का कहना है कि जब तक बैंकाें से पर्याप्त धनराशि नहीं दी जाती। तब तक व्यापार बंद रखा जाएगा। बिदोखर पुरई के किसान सुखनंदन ने बताया कि वह मटर, मसूर बेचने आया था, लेकिन हड़ताल होने से उसे वापस जाना पड़ रहा है।
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वहीं गढ़ा निवासी रामसेवक यादव ने बताया कि वह करीब 12 बोरा मटर बेचने के लिए 30 किमी दूर गांव से आया था। मंडी बंद होने से उसे भाड़े का नुकसान हो रहा है।
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बैंकों ने कैशलेस व्यवस्था लागू करने के लिए व्यापारियों को करेंसी देना कम कर दिया है। हालात यह है कि बैंक से गल्ला व्यापारियों को 20 से 50 हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। ऐसे में नगद भुगतान में दिक्कत है। इसी के तहत गल्ला व्यापार संघ ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
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संघ के अध्यक्ष महेश गुप्ता का कहना है कि जब तक बैंकाें से पर्याप्त धनराशि नहीं दी जाती। तब तक व्यापार बंद रखा जाएगा। बिदोखर पुरई के किसान सुखनंदन ने बताया कि वह मटर, मसूर बेचने आया था, लेकिन हड़ताल होने से उसे वापस जाना पड़ रहा है।
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वहीं गढ़ा निवासी रामसेवक यादव ने बताया कि वह करीब 12 बोरा मटर बेचने के लिए 30 किमी दूर गांव से आया था। मंडी बंद होने से उसे भाड़े का नुकसान हो रहा है।