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फैला संक्रामक रोग, दो की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:02 AM IST
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बारिश के बाद बढ़ी संक्रामक बीमारियां
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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सुमेरपुर विकासखंड क्षेत्र के छानी गांव में संक्रामक बीमारियाें का प्रकोप है। गांव में बुखार से दो लोगों की बीती रात मौत हो गई। वहीं ज्यादातर लोग बुखार से पीड़ित होकर गांव स्थित पीएचसी सहित अन्य नर्सिंग होम में इलाज करा रहे हैं।
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गांव में दूषित पेयजल आपूर्ति व जगह-जगह जलभराव के चलते संक्रामक बीमारियाें ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव में मौजूदा में हालात ऐसे हैं कि शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां कोई सदस्य बीमार न हो। बुखार के चलते गांव निवासी लालजी सोनी (70) व श्यामलाल शिवहरे (55) की बीती रात मौत हो गई।
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लालजी सोनी के पुत्र लल्लू ने बताया कि पिता को पांच दिन पूर्व बुखार आया था। इसके बाद पैरों में सूजन आने के साथ जोड़ों में दर्द शुरू हो गया। उन्हें गांव क ी पीएचसी में ले गए। लेकिन जब आराम नहीं मिला तो प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया। पीड़ित ने बताया कि इलाज में कुछ राहत मिली थी लेकिन बीती रात उनकी मौत हो गई।
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गांव में मुहम्मद यूनूस (38), कल्लू शिवहरे (30), मोहित (24), दयालू कुशवाहा (42), बच्चू सिंह (55), सोहनलाल प्रजापति (44), रामदुलारी (60), विनीता (19), महक (11), श्रीविलास (420 व दमयंती व्यास सहित कई लोग बुखार की चपेट में हैं। जिनका इलाज सरकारी व नर्सिंग होम में चल रहा है। मरीजों का कहना है कि अचानक तेज बुखार आने के बाद हाथ पैर के जोड़ाें में सूजन और दर्द बढ़ जाता है।
अधिकांश मरीज तो उठ बैठ भी नहीं पा रहे हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा.देवेंद्र कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में वायरल का प्रकोप चल रहा है। जो प्रदूषित पानी पीने व जल भराव में पैदा जीवाणुओं के कारण फैलता है। यह तेजी से फैलकर पूरे घर व मोहल्ले को चपेट में ले लेता है। बताया कि इससे पीड़ित रोगी को ठीक होने में तीन से सात दिन लगते हैं।
बताया कि शनिवार को 250 मरीजों का उपचार किया है। कहा कि इसका कोई स्थाई इलाज नहीं है केवल दर्द निवारक व पैरासिटामोल टेबलेट ही दी जाती है। वहीं ठीक इसके विपरीत प्राइवेट चिकित्सकों द्वारा मरीजो के इलाज के नाम पर जमकर महंगी दवा व ड्रिप के मनमाने दाम लिए जा रहे हैं। गांव निवासी कमलेश गुप्ता, रामआसरे, मुबारक अली, गंगादीन, कुलदीप सिंह आदि ने स्वास्थ्य विभाग से संक्रामक बीमारी से बचाव के कारगर उपाय किए जाने की गुहार लगाई है।