300 कर्मियों से होगी वसूली
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रोडवेज बसों में लोड फैक्टर कम होने की गाज अब चालकों और परिचालकों पर गिरेगी। मानक के अनुरूप किराया न जमा करने पर डिपो के तीन सौ चालकों और परिचालकों से वसूली की जाएगी।
जिले में रोडवेज का भारी भरकम बेड़ा होने के बाद भी ये घाटे में चल रहा है। रोडवेज में आमदनी बढ़ाने के प्रयास न होने के कारण दोनों एआरएमों को शासन द्वारा निलंबित करने के बाद अब चालकों और परिचालकों पर नकेल कसने की तैयारी है।
स्थानीय रोडवेज डिपो और राठ डिपो से बसें संचालित होती हैं। लेकिन प्रतिदिन आने वाले लोड फैक्टर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय डिपो में 24 रेगुलर और 80 संविदा परिचालक कार्यरत हैं।
वहीं 41 रेगुलर और 79 संविदा चालक है। बीते तीन माह में दोनों डिपो के 155 चालक और 145 परिचालकों ने मानक के अनुरूप किराया जमा नहीं किया है। इन पर करीब 4 लाख रुपये लोड फैक्टर निकाला गया है। इन कर्मियों में चालक से एक तिहाई और दो तिहाई परिचालक से वसूला जाना है।
फिलहाल चार परिचालकों से अधिक वसूली की जानी है। इनमें योगेंद्र सविता से 6048 रुपये, सुरेश कुमार से 5272 रुपये, रमाकांत श्रीवास्तव से 5209 रुपये व राजाभइया से 3972 रुपये वसूले जाने हैं। इसी तरह अन्य कर्मियों से भी लोड फैक्टर वसूला जाना है।
निर्धारित समय पर संचालन की मजबूरी
रोडवेज बसों के संचालन में कई पेंच हैं। बसों का संबंधित रूट पर चलने का एक निर्धारित समय तय है। बसों पर सवारियां कम होने के बावजूद यात्री समय से गंतव्य तक ले जाने का दबाव बनाते हैं। यही कारण है कि यात्री कम होने के बाद भी बस को दौड़ाना चालक-परिचालक की मजबूरी है।
1.10 रुपये प्रति किमी कमीशन
संविदा चालक और परिचालक को प्रति किमी यात्रा पर 1.10 रुपये बतौर कमीशन मिलता है। लोड फैक्टर आडे़ आने के बाद इन कर्मियों का कमीशन कटने पर उनके सामने घर परिवार चलाने की समस्या खड़ी हो जाएगी।
25 सवारियों से कम होने पर रूट पर गाड़ी नहीं भेजी जाएगी
एमडी ने आदेश जारी किए हैं कि शीतकालीन मौसम में 25 सवारियों से कम होने पर रूट पर गाड़ी नहीं भेजी जाएगी। इसी को लेकर बीते तीन माह का लोड फैक्टर निकाला गया है। इसकी हरहाल में चालकों-परिचालकों से वसूली की जाएगी।
आरके वर्मा, प्रभारी रोडवेज स्टेशन इंचार्ज
सुविधाएं नदारद
रोडवेज में यात्रा करने वाली सवारी को एक रुपये प्रति टिकट सुविधाओं के नाम पर देने होते हैं। लेकिन स्थानीय डिपो में सुविधाओं के नाम कुछ भी नहीं है। बसों में फर्स्टएड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र भी नहीं हैं।