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बेतवा तटबंध के नाले को बंद कर निकाला जा रहा पानी

Wed, 04 Aug 2021 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:39 PM IST
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यमुना नदी का बढ़ा हुआ जल स्तर। संवाद - फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। यमुना और बेतवा नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर व संभावित बाढ़ को देखते बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने दोनों नदियों का जायजा लिया। बेतवा नदी में बड़े देव बाबा मंदिर और यमुना नदी में कल्पवृक्ष स्थित पंप हाउस देखे। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं शहर में गंदे पानी की निकासी के लिए जनरेटरों का सहारा लिया जा रहा है। बाईपास निर्माण में बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल के कार्य में लगी दो क्रेन मशीनें बीच नदी में बनाए गए टीले में फंसी हैं।
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बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत बड़े देव बाबा व कल्प वृक्ष स्थित दोनों पंप हाउस के फ्लैप वाल्व बंद कर चार-चार पंप सेट लगाए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा नदियों के किनारे स्थित गांवों में अलर्ट करने के निर्देश दिए हैं। आखेट या अन्य गतिविधि पर रोक लगाने को कहा है। राहत शिविरों की तत्काल व्यवस्था कर खाने व पीने एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं के पर्याप्त इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं।
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बाढ़ राहत केंद्रों पर चिकित्सकीय सामग्री, पशुओं के चारे, भूसे की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा है। कुछेछा स्थित राजकीय महाविद्यालय में बाढ़ राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। बाढ़ को देखते कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी समस्या पर 05282- 222330 फोन कर जानकारी दे सकते हैं। अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता मौदहा बांध करन पाल सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम व अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
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फिर घिर सकता मेरापुर मोहल्ला
शहर को बाढ़ से बचाने के पुख्ता इंतजाम अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। हालांकि इससे बचाव को दोनों नदियों और रुहाइन नाले में तटबंधों का निर्माण कराया गया है। भिलावां और मेरापुर मोहल्ले की कगारें कट रही हैं। उपजाऊ भूमि भी कटान से नदी में मिल रही है। फिलहाल सिंचाई विभाग की ओर से इनदिनों भिलावां में चैतन्य आश्रम तक 450 मीटर तटबंध तैयार किया जा रहा है।
बाढ़ से प्रभावित होते 157 गांव
जिले में बाढ़ की विभीषिका से जिले के 157 गांव प्रभावित होते हैं। इनके निचले हिस्से की बस्तियों में पानी घुस जाता है। इससे सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ता है। यमुना नदी से 20 गांवों की 28292 आबादी प्रभावित होती है तो बेतवा नदी से 59 गांवों की 102789 आबादी, विरमा नदी से नौ गांवों की 19529 आबादी, धसान नदी से 12 गांवों की 17462 आबादी, चंद्रावल नदी से पांच गांवों के 14412 आबादी, केन नदी से छह गांवों की 12462 व श्याम नाले से 10 गांवों 13321 आबादी प्रभावित होती है। बाढ़ से जिले की तीन लाख 36 हजार 299 आबादी प्रभावित होती है।

बाढ़ से नदियों का बढ़ा जलस्तर (मीटर में)
वर्ष यमुना नदी बेतवा नदी
1982 107.72 107.38
1983 108.50 108.68
1996 107.11 106.50
2013 106.10 106.08
2019 106.78 106.33

बेतवा नदी के बीच पुल निर्माण के दौरान टीले में फंसी क्रेन मशीनें।

बेतवा नदी के बीच पुल निर्माण के दौरान टीले में फंसी क्रेन मशीनें।- फोटो : HAMIRPUR

शहर के बड़ेदेव बाबा के पास शहर के गंदे पानी को पंपिंग सेट लगाकर निकालते जलनिगम के कर्मचारी। संवाद

शहर के बड़ेदेव बाबा के पास शहर के गंदे पानी को पंपिंग सेट लगाकर निकालते जलनिगम के कर्मचारी। संवाद- फोटो : HAMIRPUR

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