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73 लाख डकार गए प्रधान और सचिव
अमर उजाला ब्यूूराे, हमीरपुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 01:07 AM IST
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विकासखंड क्षेत्र की 13 ग्राम पंचायतों ने 14वें वित्त आयोग में मिली 73.85 लाख रुपये की धनराशि बिना कार्ययोजना व वर्कऑर्डर के तीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और 13 ग्राम प्रधानों ने निकाल ली।
बीते जनवरी में आए इस बजट को डकारने के मामले की जांच खंड विकास अधिकारी ने की तो परत दर परत खुलासा हुआ। बीडीओ की रिपोर्ट पर डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव नाथूराम को निलंबित कर दिया है। वहीं बीडीओ ने ग्राम पंचायत सचिव सहित दो प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तहरीर थाने में दी है। पंचायत गठन के बाद हुए इस घोटाले के खुलासे पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और प्रधानों में हड़कंप मच गया है।
खंडविकास अधिकारी महेंद्र देव ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी नाथूराम ने ग्राम पंचायत इंगोहटा के खाते से बीते 28 व 29 जनवरी को दो बार में 18 लाख 36 हजार 119 रुपये 14वें वित्त आयोग के खाते से निकाल लिए। इसी सचिव ने पचखुराखुर्द ग्राम पंचायत के खाते से 28 जनवरी को 8 लाथ 48 हजार 813 रुपये की धनराशि निकाल ली।
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ग्राम विकास अधिकारी भार्गव मिश्रा ने बंडा ग्राम पंचायत से 2 लाख 75 हजार 640 रुपये, भौंरा ग्राम पंचायत से 2 लाख 26 हजार 50 रुपये, कुंडौरा ग्राम पंचायत के खाते से 5 लाख 945 रुपये, बांकी ग्राम पंचायत से 6 लाख 45 हजार 350 रुपये अनियमित ढंग से निकाल लिया है। इसी तरह ग्राम विकास अधिकारी रामसेवक वर्मा ने सुरौली बुजुर्ग ग्राम पंचायत के खाते से 5 लाख 55 हजार 659 रुपये, टिकरौली ग्राम पंचायत से 4 लाख 20 हजार रुपये, पचखुराखुर्द से 2 लाख 90 हजार, बांक से 6 लाख 10 हजार रुपये, धुंधपुर से 4 लाख 10 हजार रुपये, पारा रैपुरा से 4 लाख 6 हजार 520 रुपये, बदनपुर से 3 लाख 60 हजार रुपये े निकाले हैं।
बीडीओ ने इस मामले में बीते तीन फरवरी को सीडीओ एबी सिंह को पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। सीडीओ के पत्र जारी करते ही डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव नाथूराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी भार्गव मिश्रा व रामसेवक वर्मा तथा प्रधानों के खिलाफ अनियमित तरीके से निकाली गई धनराशि के बारे में एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की इस कार्रवाई से नवनिर्वाचित प्रधानों व ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। खंडविकास अधिकारी ने बताया कि निलंबित सचिव नाथूराम के प्रकरण की जांच एडीओ पंचायत गोहांड विश्वासचंद्र पांडेय को सौंपी गई है। बीडीओ ने बताया कि निलंबित सचिव नाथूराम व इंगोहटा प्रधान शीतल प्रसाद और पचखुराबुजुर्ग प्रधान कल्ली सोनकर के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने की तहरीर थाना सुमेरपुर में दी गई है।
बीडीओ ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार बिना कार्ययोजना व वर्कऑर्डर के धन निकाला गया है। सीडीओ एबी सिंह ने बताया कि गबन करने वाला कोई भी नहीं बचेगा। कहा कि अभी दो ग्राम पंचायतों ने अन्य की अपेक्षा अधिक धन निकाला है। एक हफ्ते के अंदर सचिवों और प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, आरोपी सचिवों का कहना है कि जो धनराशि निकाली गई है उससे हैंडपंप मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, टूटी नालियों की मरम्मत कराई जानी है। किसी ने धनराशि का गबन नहीं किया है।
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बीते जनवरी में आए इस बजट को डकारने के मामले की जांच खंड विकास अधिकारी ने की तो परत दर परत खुलासा हुआ। बीडीओ की रिपोर्ट पर डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव नाथूराम को निलंबित कर दिया है। वहीं बीडीओ ने ग्राम पंचायत सचिव सहित दो प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तहरीर थाने में दी है। पंचायत गठन के बाद हुए इस घोटाले के खुलासे पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और प्रधानों में हड़कंप मच गया है।
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खंडविकास अधिकारी महेंद्र देव ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी नाथूराम ने ग्राम पंचायत इंगोहटा के खाते से बीते 28 व 29 जनवरी को दो बार में 18 लाख 36 हजार 119 रुपये 14वें वित्त आयोग के खाते से निकाल लिए। इसी सचिव ने पचखुराखुर्द ग्राम पंचायत के खाते से 28 जनवरी को 8 लाथ 48 हजार 813 रुपये की धनराशि निकाल ली।
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ग्राम विकास अधिकारी भार्गव मिश्रा ने बंडा ग्राम पंचायत से 2 लाख 75 हजार 640 रुपये, भौंरा ग्राम पंचायत से 2 लाख 26 हजार 50 रुपये, कुंडौरा ग्राम पंचायत के खाते से 5 लाख 945 रुपये, बांकी ग्राम पंचायत से 6 लाख 45 हजार 350 रुपये अनियमित ढंग से निकाल लिया है। इसी तरह ग्राम विकास अधिकारी रामसेवक वर्मा ने सुरौली बुजुर्ग ग्राम पंचायत के खाते से 5 लाख 55 हजार 659 रुपये, टिकरौली ग्राम पंचायत से 4 लाख 20 हजार रुपये, पचखुराखुर्द से 2 लाख 90 हजार, बांक से 6 लाख 10 हजार रुपये, धुंधपुर से 4 लाख 10 हजार रुपये, पारा रैपुरा से 4 लाख 6 हजार 520 रुपये, बदनपुर से 3 लाख 60 हजार रुपये े निकाले हैं।
बीडीओ ने इस मामले में बीते तीन फरवरी को सीडीओ एबी सिंह को पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। सीडीओ के पत्र जारी करते ही डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव नाथूराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी भार्गव मिश्रा व रामसेवक वर्मा तथा प्रधानों के खिलाफ अनियमित तरीके से निकाली गई धनराशि के बारे में एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की इस कार्रवाई से नवनिर्वाचित प्रधानों व ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। खंडविकास अधिकारी ने बताया कि निलंबित सचिव नाथूराम के प्रकरण की जांच एडीओ पंचायत गोहांड विश्वासचंद्र पांडेय को सौंपी गई है। बीडीओ ने बताया कि निलंबित सचिव नाथूराम व इंगोहटा प्रधान शीतल प्रसाद और पचखुराबुजुर्ग प्रधान कल्ली सोनकर के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने की तहरीर थाना सुमेरपुर में दी गई है।
बीडीओ ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार बिना कार्ययोजना व वर्कऑर्डर के धन निकाला गया है। सीडीओ एबी सिंह ने बताया कि गबन करने वाला कोई भी नहीं बचेगा। कहा कि अभी दो ग्राम पंचायतों ने अन्य की अपेक्षा अधिक धन निकाला है। एक हफ्ते के अंदर सचिवों और प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, आरोपी सचिवों का कहना है कि जो धनराशि निकाली गई है उससे हैंडपंप मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, टूटी नालियों की मरम्मत कराई जानी है। किसी ने धनराशि का गबन नहीं किया है।