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बीडीसी बनने के लिए भी जमकर नामांकन
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मौदहा। पंचायत चुनाव में प्रधान पदों के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पाने वालों में भी होड़ लगी है। इस बार क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित होने से हर कोई बीडीसी बनना चाहता है। बीते चुनावों पर गौर करें तो बीडीसी सदस्यों के खरीद-फरोख्त में गुपचुप तरीके से करोड़ों रुपये व्यय किए गए। इस बार क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के कुल 82 पदों पर पहले दिन सिर्फ 384 प्रत्याशियों ने ही नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। जिसके चलते फिर घमासान के आसार हैं।
क्षेत्र पंचायत के चुनाव में अगर सत्ता पक्ष ने अपने प्रत्याशी की घोषणा में आम सहमति नहीं बनाई तो विपक्ष हावी हो सकता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य बनने के लिए भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। जिले की सबसे बड़ी क्षेत्र पंचायत में 82 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सीटें हैं। पूर्व के चुनाव सामान्य तौर पर होते रहे हैं। जिनमें सदस्यों की खरीद-फरोख्त कम रही हैं। वहीं यहां के दो क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव बड़ी प्रतिष्ठा के हुए।
वहीं पिछला चुनाव पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने पर सपा के सूरजबली यादव चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें 50 सदस्यों की अच्छी खासी खातिर करनी पड़ी। हालांकि भाजपा सरकार आते ही अविश्वास लाकर उन्हें हटा हटा दिया गया। अब यह सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई है। ऐसे में ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र पंचायत में ठेकेदारी करने वाले अभी से जुट गए हैं।
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देखा जाए तो नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 384 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। गुरुवार को होने वाले नामांकन में बीडीसी सदस्य पदों पर नामांकन करने वालों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो सकती है।
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क्षेत्र पंचायत के चुनाव में अगर सत्ता पक्ष ने अपने प्रत्याशी की घोषणा में आम सहमति नहीं बनाई तो विपक्ष हावी हो सकता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य बनने के लिए भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। जिले की सबसे बड़ी क्षेत्र पंचायत में 82 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सीटें हैं। पूर्व के चुनाव सामान्य तौर पर होते रहे हैं। जिनमें सदस्यों की खरीद-फरोख्त कम रही हैं। वहीं यहां के दो क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव बड़ी प्रतिष्ठा के हुए।
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वहीं पिछला चुनाव पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने पर सपा के सूरजबली यादव चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें 50 सदस्यों की अच्छी खासी खातिर करनी पड़ी। हालांकि भाजपा सरकार आते ही अविश्वास लाकर उन्हें हटा हटा दिया गया। अब यह सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई है। ऐसे में ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र पंचायत में ठेकेदारी करने वाले अभी से जुट गए हैं।
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देखा जाए तो नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 384 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। गुरुवार को होने वाले नामांकन में बीडीसी सदस्य पदों पर नामांकन करने वालों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो सकती है।