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अभिभावक बेटों की तरह बेटियों को भी दे शिक्षा: प्राचार्य
Sat, 23 Feb 2019 10:37 PM IST
SHIVPRAKASH SHIVPRAKASH
mahoba
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Published by: SHIVPRAKASH SHIVPRAKASH
Updated Sat, 23 Feb 2019 10:37 PM IST
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छात्राओं को संबोधित करते महाविद्यालय के प्राचार्य व महिला शिक्षा जागरुकता रैली निकालती छात्राएं
- फोटो : amar ujala
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पनवाड़ी (महोबा)। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महाअभियान के तहत शनिवार को बुंदेलखंड नवोदय महाविद्यालय पनवाड़ी में महिला शिक्षा जागरुकता पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में छात्राओं ने खुलकर अपनी-अपनी बात रखी। छात्राओं ने कहा कि पहले बेटे और बेटी में फर्क किया जाता था लेकिन अब इसमें कमी आई हैं, जिससे छात्राओं का भी मुकाम बढ़ा है। अभिभावक अब बेटों की तरह बेटियों को भी बाहर भेजकर अच्छी शिक्षा दे रहे है
बुंदेलखंड नवोदय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फूलसिंह राजपूत ने कहा कि समाज में महिलाओं की पहले उपेक्षा की जाती थी लेकिन अब महिलाओं को बराबर का सम्मान मिल रहा है। शिक्षित महिला भी पुरुषों की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार शिक्षा के कारण मिला है। इसलिए बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलानी चाहिए।
कहा कि छात्राओं को भी छात्रों से ज्यादा मेहनत करके अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।
महाविद्यालय की प्रवक्ता आरती ने कहा कि अब तेजी से बदलाव आ रहा है। छात्राएं भी आगे बढ़ रही है। कोई एयरोप्लेन तो कोई रेलगाड़ियां दौड़ा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। महिलाओं के संकट में होने पर वह 1090 डायल कर पुलिस की मदद ले सकती है और फोन करने वाली महिला का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। प्रियंका सोनी ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाने की जरूरत हैं। इससे पूर्व सभी छात्राओं को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर नफीसा हाशमी, आफताब सिद्दीकी ने विचार व्यक्त किए।
बुंदेलखंड नवोदय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फूलसिंह राजपूत ने कहा कि समाज में महिलाओं की पहले उपेक्षा की जाती थी लेकिन अब महिलाओं को बराबर का सम्मान मिल रहा है। शिक्षित महिला भी पुरुषों की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार शिक्षा के कारण मिला है। इसलिए बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलानी चाहिए।
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कहा कि छात्राओं को भी छात्रों से ज्यादा मेहनत करके अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।
महाविद्यालय की प्रवक्ता आरती ने कहा कि अब तेजी से बदलाव आ रहा है। छात्राएं भी आगे बढ़ रही है। कोई एयरोप्लेन तो कोई रेलगाड़ियां दौड़ा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। महिलाओं के संकट में होने पर वह 1090 डायल कर पुलिस की मदद ले सकती है और फोन करने वाली महिला का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। प्रियंका सोनी ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाने की जरूरत हैं। इससे पूर्व सभी छात्राओं को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर नफीसा हाशमी, आफताब सिद्दीकी ने विचार व्यक्त किए।
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