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मलबे में दबकर गर्भवती और बुआ सास की मौत
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सरीला/मुस्करा (हमीरपुर)। तहसील क्षेत्र के उपरहका गांव में रविवार रात कच्चा मकान भरभराकर गिरने से सो रही 28 वर्षीय गर्भवती महिला उसकी बुआ सास की मलबे में दबने से मौत हो गई। उसी कमरे में सो रही उसकी चारों बेटियों को खरोंच तक नहीं आई। सूचना पर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम भेजा है। तहसीलदार ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली है और नियमानुसार मदद का आश्वासन दिया है।
मुस्करा थानाक्षेत्र के उपरहका गांव निवासी मूलचंद्र नामदेव का मंझला बेटा राजू अपनी पत्नी व बेटियों के साथ रहता है। मेहनत मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है। लगभग एक पखवारे पूर्व राजू की बुआ दुर्जी (60) पत्नी ध्रुवराम निवासी इकठौर थाना राठ उसके घर मेहमानी करने आई थी। रविवार सुबह से ही हो रही बारिश के कारण राजू परिवार के साथ घर पर ही था। देर शाम खाना खाने के बाद उसकी पत्नी शीलू (28), बेटियां शिवानी (8), प्रांशी (5), नैंशी (3) व माही (एक) तथा बुआ दुर्जी सभी लोग घर की अटारी में लेटे थे।
रात करीब एक बजे राजू लघुशंका करने आंगन में आया। उस समय बारिश हो रही थी। तभी उसकी कच्ची अटारी भरभराकर गिर गई और उसका पूरा परिवार मलबे में दब गया। यह देखकर राजू के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह चीखने चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर आ गए और मलबा हटाने लगे। अटारी के एक कोने में सो रही चारों बेटियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
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उन्हें खरोंच तक नहीं आई। जबकि उसकी पत्नी व बुआ को निकाला गया, दोनों बेसुध हालत में निकाली गई। आनन फानन में पड़ोसी व परिजन दोनों को सीएससी मुस्करा ले गए। जहां शीलू को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि दुर्जी की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसे परिजन झांसी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में बिंहूनी पुल के पास दुर्जी ने भी दम तोड़ दिया।
घटना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है। राजू ने बताया कि उसकी पत्नी करीब तीन माह के गर्भ से भी थी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार हेमंत चौधरी ने बताया कि राजू भूमिहीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी नियमानुसार मदद हो सकेगी। थानाध्यक्ष मुसकरा रीता सिंह का कहना है कि पति की सूचना पर दोनों महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना बारिश की वजह से पुराना मकान गिरने से हुई है।
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मुस्करा थानाक्षेत्र के उपरहका गांव निवासी मूलचंद्र नामदेव का मंझला बेटा राजू अपनी पत्नी व बेटियों के साथ रहता है। मेहनत मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है। लगभग एक पखवारे पूर्व राजू की बुआ दुर्जी (60) पत्नी ध्रुवराम निवासी इकठौर थाना राठ उसके घर मेहमानी करने आई थी। रविवार सुबह से ही हो रही बारिश के कारण राजू परिवार के साथ घर पर ही था। देर शाम खाना खाने के बाद उसकी पत्नी शीलू (28), बेटियां शिवानी (8), प्रांशी (5), नैंशी (3) व माही (एक) तथा बुआ दुर्जी सभी लोग घर की अटारी में लेटे थे।
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रात करीब एक बजे राजू लघुशंका करने आंगन में आया। उस समय बारिश हो रही थी। तभी उसकी कच्ची अटारी भरभराकर गिर गई और उसका पूरा परिवार मलबे में दब गया। यह देखकर राजू के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह चीखने चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर आ गए और मलबा हटाने लगे। अटारी के एक कोने में सो रही चारों बेटियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
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उन्हें खरोंच तक नहीं आई। जबकि उसकी पत्नी व बुआ को निकाला गया, दोनों बेसुध हालत में निकाली गई। आनन फानन में पड़ोसी व परिजन दोनों को सीएससी मुस्करा ले गए। जहां शीलू को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि दुर्जी की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसे परिजन झांसी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में बिंहूनी पुल के पास दुर्जी ने भी दम तोड़ दिया।
घटना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है। राजू ने बताया कि उसकी पत्नी करीब तीन माह के गर्भ से भी थी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार हेमंत चौधरी ने बताया कि राजू भूमिहीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी नियमानुसार मदद हो सकेगी। थानाध्यक्ष मुसकरा रीता सिंह का कहना है कि पति की सूचना पर दोनों महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना बारिश की वजह से पुराना मकान गिरने से हुई है।