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Hamirpur News: 16 क्लास में मात्र 5 शिक्षिकाएं, कैसे पढ़ेंगीं बेटियां
Mon, 01 Sep 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:49 PM IST
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राठ। राजकीय बालिका इंटर कालेज में 16 कक्षाओं की जिम्मेदारी मात्र पांच शिक्षिकाओं के कंधों पर है। कालेज में प्रवक्ताओं व शिक्षिकाओं के 35 पद खाली हैं। शिक्षिकाओं की कमी से छात्राओं का भविष्य अधर में है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से सरकार बालिका शिक्षा पर जोर दे रही है। वहीं नगर का एकमात्र राजकीय बालिका इंटर कालेज शिक्षिकाओं की कमी से जूझ रहा है। पहली कक्षा से इंटर तक करीब 450 छात्राएं पंजीकृत हैं। 16 कक्षाएं संचालित होतीं हैं। इन 16 कक्षाओं की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य व प्रवक्ता पूजा कनौजिया, सहायक अध्यापक कलावती कुशवाहा, स्वीटी बरसेना, संतोष कुमारी, सलोनी गुप्ता के कंधों पर है। विद्यालय भवन जर्जर हो गया था जिसे शासन ने नया बनवाया है। करीब चार साल से विद्यालय नए भवन में संचालित हो रहा है। लेकिन शिक्षिकाओं की कमी दूर करने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रवक्ता के 14 में से 13 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं 26 सहायक अध्यापकों में मात्र चार की तैनाती है। सहायक अध्यापक के 22 पद रिक्त हैं। कॉलेज में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं दाखिला करातीं हैं। शिक्षिकाओं की कमी से उनकी पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रत्येक वर्ष शिक्षिकाओं की कमी से शासन को अवगत कराया जाता है। जिसके बाद भी तैनाती नहीं हो रही है। किसी तरह छात्राओं की पढ़ाई कराई जा रही है।
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से सरकार बालिका शिक्षा पर जोर दे रही है। वहीं नगर का एकमात्र राजकीय बालिका इंटर कालेज शिक्षिकाओं की कमी से जूझ रहा है। पहली कक्षा से इंटर तक करीब 450 छात्राएं पंजीकृत हैं। 16 कक्षाएं संचालित होतीं हैं। इन 16 कक्षाओं की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य व प्रवक्ता पूजा कनौजिया, सहायक अध्यापक कलावती कुशवाहा, स्वीटी बरसेना, संतोष कुमारी, सलोनी गुप्ता के कंधों पर है। विद्यालय भवन जर्जर हो गया था जिसे शासन ने नया बनवाया है। करीब चार साल से विद्यालय नए भवन में संचालित हो रहा है। लेकिन शिक्षिकाओं की कमी दूर करने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रवक्ता के 14 में से 13 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं 26 सहायक अध्यापकों में मात्र चार की तैनाती है। सहायक अध्यापक के 22 पद रिक्त हैं। कॉलेज में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं दाखिला करातीं हैं। शिक्षिकाओं की कमी से उनकी पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रत्येक वर्ष शिक्षिकाओं की कमी से शासन को अवगत कराया जाता है। जिसके बाद भी तैनाती नहीं हो रही है। किसी तरह छात्राओं की पढ़ाई कराई जा रही है।
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