{"_id":"58518cb34f1c1b8960649ffd","slug":"notbandi-36-days-after-the-sluggish-market","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी: 36 दिन बाद भी बाजार सुस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी: 36 दिन बाद भी बाजार सुस्त
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
सुभाष नगर एसबीआई ब्रांच में लगी भीड़।
- फोटो : Amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी हुए 36 दिन हो गए लेकिन बाजार पर संकट अभी भी बरकरार है। करेंसी न होने से दुकानदार मायूस हैं। स्वाइप व पेटीएम की मदद से स्थिति में सुधार हो सकता है लेकिन ज्यादातर ग्राहकों और दुकानदारों को इसकी जानकारी नहीं है। बुधवार को दुकानों, पेट्रोल पंपों व गल्ला मंडियों में लेनदेन प्रभावित होने पर लोगों से बातचीत की गई। कुछ व्यापारियों ने बताया कि स्वाइप मशीन के लिए बैंकों में आवेदन किया है। लेकिन मशीन अभी तक नहीं मिली है।
विज्ञापन
आवेदन किया है
कस्बे के हाइवे पर बड़े चौराहे स्थित गुप्ता पेट्रोल पंप के प्रबंधक शिवचरन कहते हैं कि अभी तक कैशलेस लेन देन के लिए कोई मशीन ही नहीं है। स्थानीय स्टेट बैंक शाखा में चार दिन पूर्व मशीन के लिए आवेदन कर चुके हैं। लेकिन अभी तक मशीन नहीं मिली है।
विज्ञापन
व्यापार हो रहा चौपट
कृषि उत्पादन मंडी समिति में गल्ले के थोक व्यापारी श्रीपाल गुप्ता कहते हैं कि उन्हें स्वाइप व पेटीएम मशीनों के बारे में जानकारी नहीं है। किसान से अनाज खरीदने में 50 हजार रुपये बैंक ने दस दिन में दिए हैं। पांच बोरी तिल खरीदने में ही रुपये चले गए।
विज्ञापन
मशीन मिलने पर सीखेंगे
कस्बे के मुख्य मार्ग पर बिल्ंिडग मैटेरियल के दुकानदार सुभाष शिवहरे ने कहा कि कैशलेस व्यवस्था के लिए उन्होंने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में आवेदन कर रखा है। लेकिन मशीन अभी तक नहीं मिली है। मशीन मिलने पर पहले इसे खुद चलाना सीखेंगे।
मशीन का कहीं नामोनिशान नहीं
कस्बे में मुख्य मार्ग में बजाज एजेंसी के प्रोपराइटर राजा बजाज ने बताया कि अभी मशीन का कहीं नामोनिशान नहीं है। व्यापार मजदूरों से लेकर पढ़े लिखे लोगों तक होता है। जो महीने में किश्त अदा करते हैं। ज्यादातर लोगों के बैंक में खाते ही नहीं है। कैसे काम चलेगा।
ऐसे जुड़े पेटीएम से
पेटीएम के सभी लेनदेन दो मोबाइलों के बीच होते हैं। कोई भी एंड्रायड फोन का इस्तेमाल करने वाला प्ले स्टोर से पेटीएम ऐप डाउन लोड कर सकता है। इसे मोबाइल नंबर जुड़ते ही इस्तेमाल करने वाले को यूजरनेम पासवर्ड बनाना होता है। इसके बाद अपने बैंक खाते को इससे लिंक करते हैं। जिस दुकान पर पेटीएम से भुगतान लेने की सुविधा होती है। उसके मोबाइल नंबर को इंटर करते ही धनराशि ट्रांसफर करने का ऑफ्शन आता है। दुकानदार का क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड अपने मोबाइल से स्केन करके भी भुगतान किया जा सकता है। भुगतान करते ही दोनों के पास एसएमएस आ जाते हैं।
दुकानदार ऐसे जुड़े
दुकानदार भी ऐप डाउन लोड कर इससे जुड़ सकता है। एक दिन में 10 हजार रुपये तक का भुगतान लेने पर दुकानदार को कोई सर्विस चार्ज नहीं देना पड़ता। डेढ़ लाख से अधिक का भुगतान प्रतिदिन लेने पर डेढ़ से चार प्रतिशत सर्विस चार्ज पेटीएम को देना पड़ता है। केवाईसी (नो योर कस्टमर) फॉर्म भरने पर डेढ़ और न भरने पर चार प्रतिशत सर्विस चार्ज देना पड़ता है।