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Hamirpur News: नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को तीन साल की सजा
Thu, 05 Feb 2026 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:56 AM IST
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हमीरपुर। मौदहा थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में विशेष न्यायाधीश कीर्ति माला सिंह की अदालत ने आरोपी रफीक को दोषी करार दिया। इसी के साथ तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक मौदहा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी सूचना दी थी। बताया कि उसकी 13 वर्षीय किशोरी 6 जुलाई 2017 को बकरी चराने खेत गई थी। उसी दौरान गांव का रफीक भी वहां पहुंचा और किशोरी को बुरी नीयत पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। किशोरी के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। घर पहुंचकर किशोरी ने घटना की जानकारी परिजनों को दी, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने सूचना के आधार पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल की। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता व परिजनों के बयान लिए, चिकित्सीय परीक्षण, उम्र संबंधी अभिलेख व अन्य साक्ष्य संकलित कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 354 बी में तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। एससी/एसटी एक्ट की धारा में एक वर्ष का कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों ही सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचाराधीन अवधि समायोजित की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक मौदहा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी सूचना दी थी। बताया कि उसकी 13 वर्षीय किशोरी 6 जुलाई 2017 को बकरी चराने खेत गई थी। उसी दौरान गांव का रफीक भी वहां पहुंचा और किशोरी को बुरी नीयत पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। किशोरी के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। घर पहुंचकर किशोरी ने घटना की जानकारी परिजनों को दी, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने सूचना के आधार पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल की। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता व परिजनों के बयान लिए, चिकित्सीय परीक्षण, उम्र संबंधी अभिलेख व अन्य साक्ष्य संकलित कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 354 बी में तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। एससी/एसटी एक्ट की धारा में एक वर्ष का कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों ही सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचाराधीन अवधि समायोजित की जाएगी।
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