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Hamirpur News: आयुष्मान लाभार्थी का कैसे हो ऑपरेशन, जिला अस्पताल में सर्जन नहीं
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हमीरपुर। आयुष्मान लाभार्थियों को जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे दूसरे अस्पतालों व अन्य जनपदों में इलाज कराने के लिए जाना पड़ रहा है। अब तक जिले में 5.30 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 3.64 लाख ही गोल्डन कार्ड बन सके हैं। अभी भी 32 फीसदी लोग कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
जिले में पिछले छह वर्षों में आयुष्मान योजना के तहत 25,762 मरीजों का उपचार हुआ है। इन मरीजों के निशुल्क इलाज पर 30 करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए हैं। जनपद के 466 गांवों में आयुष्मान लाभार्थी परिवारों की कुल संख्या 1,21,001 है। इनमें 5,30,957 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 3,64,762 गोल्डन कार्ड बन सके हैं। अभी भी 1,66,165 लाभार्थी कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
जिला के अधिकृत नौ सीएचसी, दो जिला अस्पताल सहित कुल 17 अस्पतालों में योजना के तहत उपचार लेने की सुविधा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इस योजना में सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना सर्वेक्षण 2011 के चयनित परिवार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के 2014 के लाभार्थियों को शामिल किया गया है। योजना के तहत कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1800 बीमारियां का निशुल्क उपचार किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 13 हजार लोगों को कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। आयुष्मान लाभार्थियों के लिए अलग वार्ड भी बनाया गया है, लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमीं के चलते लाभार्थियों को दूसरे निजी अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। (संवाद)
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जिला अस्पताल में सर्जन नहीं, प्राइवेट में करा रहे ऑपरेशन
सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा निवासी आयुष्मान लाभार्थी मूलचंद्र ने बताया कि वह हार्निया के मरीज हैं। जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने के लिए आए थे, लेकिन यहां कोई सर्जन ही नहीं है। निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने जा रहे हैं।
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गोल्डन कार्ड का नहीं मिल रहा कोई लाभ
-कुरारा क्षेत्र के पारा कंडौर गांव निवासी कमलेश ने बताया कि दो दिन से जिला अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। पिता के बाथरूम करने में समस्या हो रही है। चिकित्सक कह रहे हैं कि यहां कोई सर्जन नहीं है। इसके पूर्व मां के आंख का ऑपरेशन कराने चित्रकूट गए थे, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने उसका आयुष्मान कार्ड फेंक दिया था।
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-जनपद में 5.30 लाख के सापेक्ष अब तक 3.64 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें 25,728 लाभार्थियों ने योजना के तहत अपना इलाज कराया। शेष लक्ष्य भी जल्द पूरा किया जाएगा। -डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, जिला कोऑर्डिनेटर आयुष्मान
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जिले में पिछले छह वर्षों में आयुष्मान योजना के तहत 25,762 मरीजों का उपचार हुआ है। इन मरीजों के निशुल्क इलाज पर 30 करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए हैं। जनपद के 466 गांवों में आयुष्मान लाभार्थी परिवारों की कुल संख्या 1,21,001 है। इनमें 5,30,957 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 3,64,762 गोल्डन कार्ड बन सके हैं। अभी भी 1,66,165 लाभार्थी कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
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जिला के अधिकृत नौ सीएचसी, दो जिला अस्पताल सहित कुल 17 अस्पतालों में योजना के तहत उपचार लेने की सुविधा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इस योजना में सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना सर्वेक्षण 2011 के चयनित परिवार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के 2014 के लाभार्थियों को शामिल किया गया है। योजना के तहत कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1800 बीमारियां का निशुल्क उपचार किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 13 हजार लोगों को कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। आयुष्मान लाभार्थियों के लिए अलग वार्ड भी बनाया गया है, लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमीं के चलते लाभार्थियों को दूसरे निजी अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। (संवाद)
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जिला अस्पताल में सर्जन नहीं, प्राइवेट में करा रहे ऑपरेशन
सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा निवासी आयुष्मान लाभार्थी मूलचंद्र ने बताया कि वह हार्निया के मरीज हैं। जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने के लिए आए थे, लेकिन यहां कोई सर्जन ही नहीं है। निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने जा रहे हैं।
गोल्डन कार्ड का नहीं मिल रहा कोई लाभ
-कुरारा क्षेत्र के पारा कंडौर गांव निवासी कमलेश ने बताया कि दो दिन से जिला अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। पिता के बाथरूम करने में समस्या हो रही है। चिकित्सक कह रहे हैं कि यहां कोई सर्जन नहीं है। इसके पूर्व मां के आंख का ऑपरेशन कराने चित्रकूट गए थे, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने उसका आयुष्मान कार्ड फेंक दिया था।
-जनपद में 5.30 लाख के सापेक्ष अब तक 3.64 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें 25,728 लाभार्थियों ने योजना के तहत अपना इलाज कराया। शेष लक्ष्य भी जल्द पूरा किया जाएगा। -डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, जिला कोऑर्डिनेटर आयुष्मान