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Hamirpur News: डंपर का धुरा टूटने से हाईवे पांच घंटे जाम, 10 किमी तक तक थमी रफ्तार
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फोटो 22 एचएएमपी 36- मुख्यालय स्थिति कानपुर-सागर हाईवे पर लगा जाम। संवाद
हमीरपुर। कानपुर-सागर हाईवे पर यमुना पुल के पास बृहस्पतिवार सुबह डस्ट से भरा डंपर खराब होने से करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुल के दोनों ओर वाहन फंसे रहे और करीब पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान सर्पदंश से पीड़ित महिला को जिला अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस के जाम में फंसने का आरोप भी सामने आया है। महिला के भाई का आरोप है कि समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। हालांकि, यातायात पुलिस ने जाम के दौरान एंबुलेंस फंसने की सूचना से इन्कार किया है।
सुमेरपुर के फैक्टरी एरिया निवासी सहाना परवीन (30) को बृहस्पतिवार सुबह सांप ने डस लिया था। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुमेरपुर लेकर पहुंचे थे। जहां एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) लगाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला के भाई सगीर के अनुसार, एंबुलेंस कुछेछा के पास जाम में फंस गई। करीब एक घंटे तक रास्ता नहीं मिलने से बहन की हालत बिगड़ती गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भाई बोला, एक घंटे जाम में फंसी रही एंबुलेंस
सगीर ने बताया कि सहाना फैक्टरी एरिया में चाय-पान की दुकान चलाती थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे वह तख्त पर आराम कर रही थी, तभी सांप ने उसके गले में काट लिया। जानकारी मिलने पर वह दुकान का काम छोड़कर मौके पर पहुंचा और परिजनों के साथ उसे पीएचसी ले गया। वहां से रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। भाई का आरोप है कि जाम के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। बेतवा पुल तक पहुंचते-पहुंचते बहन की हालत गंभीर हो गई थी। बाद में जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सहाना अपने माता-पिता के साथ रहती थीं। उनका एक बेटा भी है।
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सुबह 6:30 बजे खराब हुआ डंपर
यमुना पुल के पास डस्ट से भरा डंपर बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:30 बजे खराब हो गया था। यातायात पुलिस के मुताबिक, डंपर का बीच वाला धुरा टूट गया था। उसे क्रेन की मदद से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। जाम के कारण यमुना पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थी। राहगीरों ने कुंडौरा से मुख्यालय तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनने की बात कही।
समय का अंतर बना अहम सवाल
पीएचसी के अनुसार महिला को सुबह 11:12 बजे रेफर किया गया, जबकि जिला अस्पताल में उसे दोपहर 12:10 बजे लाए जाने का समय दर्ज है। परिजन इसी दौरान एंबुलेंस के करीब एक घंटे जाम में फंसे रहने का आरोप लगा रहे हैं। पीएचसी से जिला अस्पताल की दूरी लगभग 18 किमी. है। सामान्य ताैर पर इतनी दूरी तय करने में 40 से 45 मिनट लग जाते हैं। ऐसे में लगे समय को लेकर पुलिस के साथ ही स्वास्थ्य भी सवाल उठा रहा है। हालांकि मृत महिला के परिजन अपनी बात पर अड़े हैं।
यातायात पुलिस ने एंबुलेंस फंसने की सूचना से किया इन्कार
डंपर सुबह करीब 6:30 बजे खराब हुआ था। क्रेन से उसे हटवाने के बाद यातायात बहाल करा दिया गया था। सुबह नौ बजे से मैं स्वयं सड़क पर थी और यातायात सामान्य हो गया था। जाम में एंबुलेंस फंसने की कोई सूचना नहीं मिली। ऐसी जानकारी मिलती तो महिला को बाइक या किसी अन्य किसी वाहन से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती थी। -मंजू पांडे, सीओ यातायात
परिजन महिला को सुबह 11:02 बजे अस्पताल लेकर आए थे। एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें 11:12 बजे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। - डॉ. बिंदेश, पीएचसी सुमेरपुर
महिला को दोपहर 12:10 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। जांच के दौरान वह मृत पाई गई। - डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
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सुमेरपुर के फैक्टरी एरिया निवासी सहाना परवीन (30) को बृहस्पतिवार सुबह सांप ने डस लिया था। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुमेरपुर लेकर पहुंचे थे। जहां एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) लगाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला के भाई सगीर के अनुसार, एंबुलेंस कुछेछा के पास जाम में फंस गई। करीब एक घंटे तक रास्ता नहीं मिलने से बहन की हालत बिगड़ती गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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भाई बोला, एक घंटे जाम में फंसी रही एंबुलेंस
सगीर ने बताया कि सहाना फैक्टरी एरिया में चाय-पान की दुकान चलाती थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे वह तख्त पर आराम कर रही थी, तभी सांप ने उसके गले में काट लिया। जानकारी मिलने पर वह दुकान का काम छोड़कर मौके पर पहुंचा और परिजनों के साथ उसे पीएचसी ले गया। वहां से रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। भाई का आरोप है कि जाम के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। बेतवा पुल तक पहुंचते-पहुंचते बहन की हालत गंभीर हो गई थी। बाद में जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सहाना अपने माता-पिता के साथ रहती थीं। उनका एक बेटा भी है।
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सुबह 6:30 बजे खराब हुआ डंपर
यमुना पुल के पास डस्ट से भरा डंपर बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:30 बजे खराब हो गया था। यातायात पुलिस के मुताबिक, डंपर का बीच वाला धुरा टूट गया था। उसे क्रेन की मदद से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। जाम के कारण यमुना पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थी। राहगीरों ने कुंडौरा से मुख्यालय तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनने की बात कही।
समय का अंतर बना अहम सवाल
पीएचसी के अनुसार महिला को सुबह 11:12 बजे रेफर किया गया, जबकि जिला अस्पताल में उसे दोपहर 12:10 बजे लाए जाने का समय दर्ज है। परिजन इसी दौरान एंबुलेंस के करीब एक घंटे जाम में फंसे रहने का आरोप लगा रहे हैं। पीएचसी से जिला अस्पताल की दूरी लगभग 18 किमी. है। सामान्य ताैर पर इतनी दूरी तय करने में 40 से 45 मिनट लग जाते हैं। ऐसे में लगे समय को लेकर पुलिस के साथ ही स्वास्थ्य भी सवाल उठा रहा है। हालांकि मृत महिला के परिजन अपनी बात पर अड़े हैं।
यातायात पुलिस ने एंबुलेंस फंसने की सूचना से किया इन्कार
डंपर सुबह करीब 6:30 बजे खराब हुआ था। क्रेन से उसे हटवाने के बाद यातायात बहाल करा दिया गया था। सुबह नौ बजे से मैं स्वयं सड़क पर थी और यातायात सामान्य हो गया था। जाम में एंबुलेंस फंसने की कोई सूचना नहीं मिली। ऐसी जानकारी मिलती तो महिला को बाइक या किसी अन्य किसी वाहन से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती थी। -मंजू पांडे, सीओ यातायात
परिजन महिला को सुबह 11:02 बजे अस्पताल लेकर आए थे। एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें 11:12 बजे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। - डॉ. बिंदेश, पीएचसी सुमेरपुर
महिला को दोपहर 12:10 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। जांच के दौरान वह मृत पाई गई। - डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल