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उत्सव के रूप में मनेगा मातृ वंदना सप्ताह
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हमीरपुर। गर्भवती धात्री महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य, देखभाल और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है। इसको गति प्रदान करने के लिए जिले में एक से सात सितंबर तक मातृ वंदना सप्ताह मनाया जाएगा। इस सप्ताह इसे एक उत्सव के रूप में मनाने की योजना है। जिसके तहत सप्ताह के हर दिन अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस सप्ताह गर्भवती को कोविड टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की भी योजना है।
सीएमओ डा. अशोक कुमार रावत ने बताया शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरे सप्ताह कार्यक्रम होंगे। मातृ वंदना सप्ताह के पहले दिन एक सितंबर को कार्यक्रम के शुभारंभ में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल कल्याण विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। हर ब्लाक पर मां, बच्चे व गर्भवती के लिए सेल्फी कार्नर बनाया जाएगा। सप्ताह के दूसरे दिन दो सितंबर को योजना के सफल क्रियान्वयन व उसके उद्देश्यों के लिए ग्रामसभा व शहरी निकाय की बैठक की जाएगी।
तीसरे दिन तीन सितंबर को अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों से प्रपत्र एकत्र कर उसी दिन कंप्यूटर पर दर्ज किया जाएगा। चार सितंबर को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर बैंक, डाक घर, यूआईडीआई, पंचायती राज व संबंधित क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के साथ शिविर का आयोजन होगा। पांच सितंबर को विशेष अभियान चलाकर करेक्शन क्यू में कमी लाई जाए। छह सितंबर को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला सामुदायिक इवेंट का आयोजन होगा। आखिरी दिन सात सितंबर को सहयोगी संगठनों व जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उत्कृष्ट उपलब्धि वाले ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और उपलब्धि वाली आशा, आशा संगिनी व एएनएम को पुरस्कृत किया जाएगा।
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योजना के तहत मिलते हैं 5000 रुपये
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक मोहितचंद्र शेखर और डीपीसीएम मंजरी गुप्ता ने बताया पहली बार गर्भवती होने पर योजना के तहत पंजीकरण के लिए गर्भवती और उनके पति का कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी है। बैंक अकाउंट ज्वाइंट नहीं होना चाहिए। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किए जाते हैं।
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सीएमओ डा. अशोक कुमार रावत ने बताया शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरे सप्ताह कार्यक्रम होंगे। मातृ वंदना सप्ताह के पहले दिन एक सितंबर को कार्यक्रम के शुभारंभ में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल कल्याण विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। हर ब्लाक पर मां, बच्चे व गर्भवती के लिए सेल्फी कार्नर बनाया जाएगा। सप्ताह के दूसरे दिन दो सितंबर को योजना के सफल क्रियान्वयन व उसके उद्देश्यों के लिए ग्रामसभा व शहरी निकाय की बैठक की जाएगी।
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तीसरे दिन तीन सितंबर को अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों से प्रपत्र एकत्र कर उसी दिन कंप्यूटर पर दर्ज किया जाएगा। चार सितंबर को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर बैंक, डाक घर, यूआईडीआई, पंचायती राज व संबंधित क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के साथ शिविर का आयोजन होगा। पांच सितंबर को विशेष अभियान चलाकर करेक्शन क्यू में कमी लाई जाए। छह सितंबर को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला सामुदायिक इवेंट का आयोजन होगा। आखिरी दिन सात सितंबर को सहयोगी संगठनों व जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उत्कृष्ट उपलब्धि वाले ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और उपलब्धि वाली आशा, आशा संगिनी व एएनएम को पुरस्कृत किया जाएगा।
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योजना के तहत मिलते हैं 5000 रुपये
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक मोहितचंद्र शेखर और डीपीसीएम मंजरी गुप्ता ने बताया पहली बार गर्भवती होने पर योजना के तहत पंजीकरण के लिए गर्भवती और उनके पति का कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी है। बैंक अकाउंट ज्वाइंट नहीं होना चाहिए। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किए जाते हैं।