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वृद्ध किसान ने फांसी लगाकर जान दी
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मृतक मलखान सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : HAMIRPUR
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राठ। किसान ने पशुबाड़े में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक किसान की फसल बारिश से खराब हो गई थी और उस पर बैंक व साहूकारों का कर्ज भी था। जबकि राजस्व विभाग की जांच में दस प्रतिशत नुकसान की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मसगवां निवासी निर्दोष कुमार राजपूत ने बताया कि उनके पिता मलखान उर्फ मल्लू (70) गुरुवार की रात खाना खाकर पशुबाड़े में सोने चले गए थे। शुक्रवार की सुबह उसने ही जब बाबा का शव बाड़े में फंदे से लटका देका तो परिजनों को सूचना दी। निर्दोष ने बताया कि पिता के नाम पर 6 बीघा कृषि भूमि है। हाल ही में हुई अधिक बारिश से उनकी मटर की फसल को काफी नुकसान हुआ। वहीं खेती व अन्य खर्चों के लिए पिता ने इंडियन बैंक से केसीसी कार्ड पर 1 लाख 10 हजार व साहूकारों से 1 लाख का कर्ज ले रखा था। पिता कर्ज व फसल खराब होने से आहत थे।
वहीं एसडीएम राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतक के पास एक हेक्टेयर जमीन थी। राजस्व टीम भेजकर जांच कराई तो 60 प्रतिशत में मटर व 40 प्रतिशत जमीन में गेहूं बोया था। कहा कि बारिश से मटर में मात्र दस प्रतिशत का नुकसान है। कहा कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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मसगवां निवासी निर्दोष कुमार राजपूत ने बताया कि उनके पिता मलखान उर्फ मल्लू (70) गुरुवार की रात खाना खाकर पशुबाड़े में सोने चले गए थे। शुक्रवार की सुबह उसने ही जब बाबा का शव बाड़े में फंदे से लटका देका तो परिजनों को सूचना दी। निर्दोष ने बताया कि पिता के नाम पर 6 बीघा कृषि भूमि है। हाल ही में हुई अधिक बारिश से उनकी मटर की फसल को काफी नुकसान हुआ। वहीं खेती व अन्य खर्चों के लिए पिता ने इंडियन बैंक से केसीसी कार्ड पर 1 लाख 10 हजार व साहूकारों से 1 लाख का कर्ज ले रखा था। पिता कर्ज व फसल खराब होने से आहत थे।
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वहीं एसडीएम राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतक के पास एक हेक्टेयर जमीन थी। राजस्व टीम भेजकर जांच कराई तो 60 प्रतिशत में मटर व 40 प्रतिशत जमीन में गेहूं बोया था। कहा कि बारिश से मटर में मात्र दस प्रतिशत का नुकसान है। कहा कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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