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तीन अरब 84 करोड़ से होगा किसानों का भला
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:52 PM IST
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सिंचाई विभाग
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री सिंचाई योजना से जिले के किसानों को जहां पर्याप्त पानी मुहैया कराया जाएगा वहीं पानी की बर्बादी पर भी अंकुश लगेगा। सिंचाई योजना में एक ओर जहां चेकडैमों का निर्माण होगा, वहीं दूसरी तरफ टूटी पड़ी नहरों को पक्का करने के साथ किसानों को लपेटा पाइप जैसी सुविधा से लैस किया जाएगा। इसे लेकर जिले के नौ विभागों ने पांच साल तक विभिन्न कार्य कराने के लिए योजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं में तीन अरब 84 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से बरसात का पानी रोक कर भूगर्भ जलस्तर ऊपर उठाने का काम होगा। उसी अनुपात में किसानों के खेतों की सिंचाई, औद्योगिक इकाइयों और शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में पानी का उपयोग किया जाएगा। सबसे ज्यादा पानी का खर्च कृषि में होता है।
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इसके चलते प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सर्वाधिक जोर पानी की बर्बादी रोकने पर दिया जा रहा है। किसानों को स्प्रिंकलर सेट एवं ड्रिप सिंचाई के जरिए कम पानी में फसलें तैयार की जाएंगी। इन यंत्रों से फसलों की सिंचाई करने में 50 फीसदी पानी की बचत होगी। हर खेत को पानी देने के लिए नलकूप विभाग करीब 900 नलकूप स्थापित करेगा।
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साथ ही खेत तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन और पक्की गूलों का निर्माण कराएगा। वहीं लघु सिंचाई विभाग पुराने चेकडैमों की सिल्ट सफाई, पानी रिचार्ज के लिए बोरिंग कराएगा। लघुडाल नहर विभाग जिले में संचालित 10 लिफ्ट कैनालों से निकली माइनरों की मरम्मत कराने के साथ इन्हें पक्का कराएगा।
कृषि विभाग किसानों को स्प्रिंकलर सेट के साथ खेत तक पानी ले जाने के लिए लपेटा पाइप मुहैया कराए जाएंगे। वहीं उद्यान विभाग ड्रिप व स्प्रिंकलर सेट किसानों को देगा। इसी तरह मौदहा बांध निर्माणखंड, सपरार प्रखंड भी नहरों की मरम्मत कराने के साथ इनको पक्की बनाएगा।
भूमि संरक्षण अनुभाग (कृषि) और आईडब्लूएमपी की इकाइयां खेतों का समतलीकरण करने के साथ जलसमेट बंधियों का निर्माण कराएंगी। इसी तरह वन विभाग भी पौधों को तैयार करने के लिए टैंकरों की व्यवस्था होगी। जिले में पांच साल चलने वाली प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में तीन अरब 84 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च होगा।
कृषि विभाग ने होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार कर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सरस कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर अगले पांच सालों तक काम होगा। इसका मुख्य उद्देश्य हर खेत को पानी की व्यवस्था, सिंचाई श्रोत बढ़ाना, भूमिगत जलस्तर को ऊपर उठाना है। कहा कि इस योजना का खाका तैयार कर शासन को भेजा है, इससे किसानों को लाभ मिलेगा।