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Hamirpur News: घंटों लाइन में किया इंतजार, खाद न मिलने पर किसान मायूस
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फोटो 21 एचएएमपी 41- मौदहा पीसीएफ केंद्र पर खाद के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
- फोटो : रामलीला मैदान में कुश्ती दंगल में एक दूसरे पहलवान को पटखनी देने की कोशिश। स्रोत कमेटी
मौदहा (हमीरपुर)। कस्बे के पीसीएफ गोदाम में बुधवार को खाद वितरण के दौरान करीब 700 किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। घंटों लाइन में लगने के बाद 147 किसानों को खाद मिल सकी जबकि सैकड़ों किसान बिना खाद के मायूस होकर लौट गए।
फसलों की बोआई के लिए इस समय खाद की आवश्यकता है। किसानों ने खेतों की पलेवा कर ली है। अब खाद के लिए समितियों के बाहर घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। बुधवार सुबह पीसीएफ केंद्र पर खाद मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। वितरण के दौरान प्रति किसान तीन बोरी खाद देने की बात कही गई लेकिन सीमित उपलब्धता के चलते कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि जरूरत के समय पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है।
किसान राजाराम, विवेक आदि ने कहा कि समय से खाद न मिलने पर बोआई में देरी होगी जिसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है। बताया कि मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं। सचिव रमाकांत ने बताया कि समिति में 900 बोरी खाद थी जिसमें से 147 किसानों को 516 बोरी खाद वितरित की गई है। गुरुवार को फिर खाद बांटी जाएगी।
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नायकपुरवा निवासी किसान नारायन सिंह ने कहा कि रबी की बोआई के समय खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके बावजूद घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।
किसान रामतीरथ सिंह ने कहा कि एक ही केंद्र पर खाद वितरण होने से सैकड़ों किसानों की भीड़ जुट रही है। कई किसान घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। सभी सहकारी समितियों पर एक ही दिन खाद वितरण कराया जाए तो किसानों को नजदीक ही खाद मिल सकेगी।
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फसलों की बोआई के लिए इस समय खाद की आवश्यकता है। किसानों ने खेतों की पलेवा कर ली है। अब खाद के लिए समितियों के बाहर घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। बुधवार सुबह पीसीएफ केंद्र पर खाद मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। वितरण के दौरान प्रति किसान तीन बोरी खाद देने की बात कही गई लेकिन सीमित उपलब्धता के चलते कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि जरूरत के समय पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है।
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किसान राजाराम, विवेक आदि ने कहा कि समय से खाद न मिलने पर बोआई में देरी होगी जिसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है। बताया कि मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं। सचिव रमाकांत ने बताया कि समिति में 900 बोरी खाद थी जिसमें से 147 किसानों को 516 बोरी खाद वितरित की गई है। गुरुवार को फिर खाद बांटी जाएगी।
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नायकपुरवा निवासी किसान नारायन सिंह ने कहा कि रबी की बोआई के समय खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके बावजूद घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।
किसान रामतीरथ सिंह ने कहा कि एक ही केंद्र पर खाद वितरण होने से सैकड़ों किसानों की भीड़ जुट रही है। कई किसान घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। सभी सहकारी समितियों पर एक ही दिन खाद वितरण कराया जाए तो किसानों को नजदीक ही खाद मिल सकेगी।