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Hamirpur News: बारिश से फसलों को नुकसान, सर्वेक्षण की मांग
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फोटो29एचएएपमी- 24 कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते किसान संगठन के पदाधिकारी। संवाद
हमीरपुर। तीन दिन हुई लगातार बारिश से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मध्यावधि सर्वेक्षण की मांग की गई है। जय जवान जय किसान एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त एसडीएम को सौंपा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीमा कंपनी और कृषि अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि लगातार बारिश, अतिवृष्टि से जिले में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। हाल में तीन दिन हुई बारिश से पहले से क्षतिग्रस्त फसलों के साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में फसल क्षति का वास्तविक आकलन कर किसानों को समय से बीमा योजना का लाभ दिलाना जरूरी है।
मध्यावधि सर्वेक्षण की मांग को लेकर 28 अगस्त, 31 अगस्त, तीन सितंबर, पांच सितंबर और 15 सितंबर को भी सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं। कार्रवाई न होने पर अब जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस दौरान मनोहर सिंह, मंगल सिंह, रामकिशन, रामहेत, नाथूराम, नजराजसिंह, जगत सिंह, प्रहलाद, दिनेश सिंह, विकास, दुलीचंद्र, मंगल सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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राजस्व सर्वे और बीमा योजना का सर्वे अलग
दिए गए पत्र में कहा है कि दैवी आपदा के तहत राजस्व विभाग का फसल क्षति सर्वेक्षण और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत होने वाला मध्यावधि सर्वेक्षण अलग-अलग प्रक्रिया है। राजस्व विभाग के सर्वे में 33 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान होने पर अधिकतम दो हेक्टेयर तक निर्धारित सहायता का प्रावधान है। वहीं, फसल बीमा योजना में प्रतिकूल मौसम के कारण संभावित उपज में 50 प्रतिशत से अधिक कमी की स्थिति बनने पर मध्यावधि सर्वेक्षण का प्रावधान है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीमा कंपनी और कृषि अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि लगातार बारिश, अतिवृष्टि से जिले में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। हाल में तीन दिन हुई बारिश से पहले से क्षतिग्रस्त फसलों के साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में फसल क्षति का वास्तविक आकलन कर किसानों को समय से बीमा योजना का लाभ दिलाना जरूरी है।
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मध्यावधि सर्वेक्षण की मांग को लेकर 28 अगस्त, 31 अगस्त, तीन सितंबर, पांच सितंबर और 15 सितंबर को भी सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं। कार्रवाई न होने पर अब जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस दौरान मनोहर सिंह, मंगल सिंह, रामकिशन, रामहेत, नाथूराम, नजराजसिंह, जगत सिंह, प्रहलाद, दिनेश सिंह, विकास, दुलीचंद्र, मंगल सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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राजस्व सर्वे और बीमा योजना का सर्वे अलग
दिए गए पत्र में कहा है कि दैवी आपदा के तहत राजस्व विभाग का फसल क्षति सर्वेक्षण और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत होने वाला मध्यावधि सर्वेक्षण अलग-अलग प्रक्रिया है। राजस्व विभाग के सर्वे में 33 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान होने पर अधिकतम दो हेक्टेयर तक निर्धारित सहायता का प्रावधान है। वहीं, फसल बीमा योजना में प्रतिकूल मौसम के कारण संभावित उपज में 50 प्रतिशत से अधिक कमी की स्थिति बनने पर मध्यावधि सर्वेक्षण का प्रावधान है।