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Hamirpur News: बारिश से फसलें खराब, किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता
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हमीरपुर। जिले में खरीफ फसलों पर बारिश का कहर टूटा है। इससे किसानों की अच्छी पैदावार की उम्मीदें टूट गई हैं। जिले में एक जून से 10 सितंबर तक 667.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खेत जलमग्न हो गए और कई फसलें सड़ गईं। इससे किसान कर्ज चुकाने और बच्चों के भरण-पोषण को लेकर चिंतित हैं।
जिले में किसानों ने कुल 1,92,448 हेक्टेयर में मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, ज्वार, सोयाबीन और धान आदि फसलें बोई थीं। जून-जुलाई में कम बारिश से फसल सूखने का डर था। हालांकि अगस्त और सितंबर की लगातार बारिश ने धान और श्रीअन्न को संजीवनी दी। तिल, मूंग, उड़द और मूंगफली जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जनपद के 99,750 किसानों ने विभिन्न बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड पर 1495 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। इनमें 32,940 किसानों के खाते एनपीए हो गए हैं। इनका करीब 342 करोड़ रुपये बकाया है। अब यह किसान कर्ज चुकाने की चिंता में डूबे हैं। वहीं 13,488 किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए अब तक दावे किए हैं।
सबसे अधिक तिल, मूंग, उड़द फसलों का नुकसान
कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 1.92 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें बोई गई हैं। सबसे अधिक 95,590 हेक्टेयर में तिल, 32,814 हेक्टेयर में मूंगफली, 8010 हेक्टेयर में उड़द, 11,487 हेक्टेयर में मूंग की फसलें किसानों ने बोई हैं। 15,685 हेक्टेयर में धान, 20,363 हेक्टेयर में अरहर, 7065 हेक्टेयर ज्वार सहित 929 हेक्टेयर में मक्का, 297 हेक्टेयर बाजरा, 174 हेक्टेयर मोटा अनाज और 34 हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल बोई गई है। इनमें सबसे अधिक तिल, मूंग, उड़द फसलों का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
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फोटो 12 एचएएमपी 01- बलबीर सिंह।
कर्ज कैसे चुकेगा इसको लेकर परेशान
खेत पर तिल, मूंग आदि फसल बोने के लिए तीन लाख का कर्जा लिया था। अच्छी पैदावार की संभावना थी पर बारिश से फसल खराब हो गई। नुकसान से बच्चों की फीस और जरूरी काम के साथ कर्ज कैसे चुकेगा इसको लेकर परेशान हैं। -बलबीर सिंह, चांदीकला।
फोटो 12 एचएएमपी 02- संजय शिवहरे।
बच्चों के भरण-पोषण की सता रही चिंता
खेत पर 20 बीघा में तिल की फसल बोई थी। बैंक से 65 हजार रुपये का कर्ज लिया था। बेटी की फीस भरनी थी। फसल के नष्ट होने से बच्चों की शिक्षा के अलावा परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है। -संजय शिवहरे, कपसा।
फोटो 12 एचएएमपी 03- सूरजपाल सिंह।
कैसे चुकता होगा छह लाख का कर्ज
तिल की पूरी फसल अगस्त में हुई लगातार बारिश से बर्बाद हो गई थी। सितंबर में दोबारा से हुई बारिश ने उड़द की फसल को भी नुकसान पहुंचा दिया है। बैंक का छह लाख का कर्ज कैसे चुकता होगा, यही चिंता सता रही है। -सूरजपाल सिंह, सहुरापुर।
फोटो 12 एचएएमपी 04- राघवेन्द्र सिंह।
17 बीघा तिल की फसल हो गई बर्बाद
पहले कम बारिश से तिल की खेती को फायदा पहुंचने को लेकर खुश थे लेकिन बाद में लगातार बारिश से खेत जलमग्न हो गया। 17 बीघा की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। -राघवेंद्र सिंह, उजनेड़ी।
वर्जन:
अभी तक 13 हजार से अधिक किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए फसल बीमा कंपनी को दावे किए हैं। राजस्व विभाग से फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। सबसे अधिक तिल, मूंग और उड़द फसलों का नुकसान दिख रहा है। रिपोर्ट आने के बाद क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। -डॉ. हरिशंकर, जिला कृषि अधिकारी
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जिले में किसानों ने कुल 1,92,448 हेक्टेयर में मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, ज्वार, सोयाबीन और धान आदि फसलें बोई थीं। जून-जुलाई में कम बारिश से फसल सूखने का डर था। हालांकि अगस्त और सितंबर की लगातार बारिश ने धान और श्रीअन्न को संजीवनी दी। तिल, मूंग, उड़द और मूंगफली जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जनपद के 99,750 किसानों ने विभिन्न बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड पर 1495 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। इनमें 32,940 किसानों के खाते एनपीए हो गए हैं। इनका करीब 342 करोड़ रुपये बकाया है। अब यह किसान कर्ज चुकाने की चिंता में डूबे हैं। वहीं 13,488 किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए अब तक दावे किए हैं।
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सबसे अधिक तिल, मूंग, उड़द फसलों का नुकसान
कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 1.92 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें बोई गई हैं। सबसे अधिक 95,590 हेक्टेयर में तिल, 32,814 हेक्टेयर में मूंगफली, 8010 हेक्टेयर में उड़द, 11,487 हेक्टेयर में मूंग की फसलें किसानों ने बोई हैं। 15,685 हेक्टेयर में धान, 20,363 हेक्टेयर में अरहर, 7065 हेक्टेयर ज्वार सहित 929 हेक्टेयर में मक्का, 297 हेक्टेयर बाजरा, 174 हेक्टेयर मोटा अनाज और 34 हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल बोई गई है। इनमें सबसे अधिक तिल, मूंग, उड़द फसलों का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
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फोटो 12 एचएएमपी 01- बलबीर सिंह।
कर्ज कैसे चुकेगा इसको लेकर परेशान
खेत पर तिल, मूंग आदि फसल बोने के लिए तीन लाख का कर्जा लिया था। अच्छी पैदावार की संभावना थी पर बारिश से फसल खराब हो गई। नुकसान से बच्चों की फीस और जरूरी काम के साथ कर्ज कैसे चुकेगा इसको लेकर परेशान हैं। -बलबीर सिंह, चांदीकला।
फोटो 12 एचएएमपी 02- संजय शिवहरे।
बच्चों के भरण-पोषण की सता रही चिंता
खेत पर 20 बीघा में तिल की फसल बोई थी। बैंक से 65 हजार रुपये का कर्ज लिया था। बेटी की फीस भरनी थी। फसल के नष्ट होने से बच्चों की शिक्षा के अलावा परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है। -संजय शिवहरे, कपसा।
फोटो 12 एचएएमपी 03- सूरजपाल सिंह।
कैसे चुकता होगा छह लाख का कर्ज
तिल की पूरी फसल अगस्त में हुई लगातार बारिश से बर्बाद हो गई थी। सितंबर में दोबारा से हुई बारिश ने उड़द की फसल को भी नुकसान पहुंचा दिया है। बैंक का छह लाख का कर्ज कैसे चुकता होगा, यही चिंता सता रही है। -सूरजपाल सिंह, सहुरापुर।
फोटो 12 एचएएमपी 04- राघवेन्द्र सिंह।
17 बीघा तिल की फसल हो गई बर्बाद
पहले कम बारिश से तिल की खेती को फायदा पहुंचने को लेकर खुश थे लेकिन बाद में लगातार बारिश से खेत जलमग्न हो गया। 17 बीघा की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। -राघवेंद्र सिंह, उजनेड़ी।
वर्जन:
अभी तक 13 हजार से अधिक किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए फसल बीमा कंपनी को दावे किए हैं। राजस्व विभाग से फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। सबसे अधिक तिल, मूंग और उड़द फसलों का नुकसान दिख रहा है। रिपोर्ट आने के बाद क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। -डॉ. हरिशंकर, जिला कृषि अधिकारी