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अपहरण कर बहनों के साथ गैंगरेप में दस साल की कैद

Fri, 10 Mar 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Fri, 10 Mar 2017 11:45 PM IST
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Ten years of imprisonment in gangrape with sisters abducted
गैंगरेप पीड़‌िता की मां को मारी गोली - फोटो : डेमो प‌िक
मौदहा क स्बे में साढ़े पांच साल पहले दो किशोरियों का अपहरण कर पांच माह तक गैंगरेप करने के मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही, 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायाधीश ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने सजा सुनाई।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि मौदहा कस्बे में 27 अक्तूबर 2011 को दो चचेरी बहनें समोसा खरीदने गईं लेकिन वापस नहीं लौटीं।

इस पर एक किशोरी के पिता ने बेटी व भतीजी के लापता होने पर कोतवाली में परछा गांव के सुम्मा उर्फ जुम्मन पुत्र कमाल व सुम्मा पुत्र छिद्दू के खिलाफ संदेह के आधार पर बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। करीब पांच माह बाद किशोरियों के मिलने पर उनके बयानों के आधार पर दो आरोपी जमालुद्दीन पुत्र कमालुद्दीन निवासी कसबा मौदहा व अकरम पुत्र असलम निवासी परछा के नाम और बढ़ाए गए।
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दोनाें पीड़िताओं ने बयान में कहा कि जब वह समोसा लेने जा रही थीं तभी वहां सुम्मा उर्फ जुम्मन मिला। उसने दुकान से जल्दी समोसे लाने के लिए अपनी बाइक में बैठा लिया। वहां समोसे नहीं मिले उसके बाद दूसरी दुकान पर ले गया। इसी बीच उसने उन्हें फातिहा का तबर्रुक कहकर बर्फी खिला दी। इससे वह दोनाें बेहोश हो गईं।
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जब उन्हें होश आया तो जुम्मन सहित चाराें लोग एक निजी नलकूप में मिले। जहां उन्हाेंने उनके साथ दुष्कर्म किया। उनके चिल्लाने पर आरोपियों ने उन्हें धमकाया और फिर से बर्फी खिला दी। इसके बाद जब उन्हें होश आया तो वह दिल्ली के एक चार मंजिला मकान में थीं। जहां आरोपियों ने उन्हें पांच माह तक बंधक बनाकर रखा।


एक दिन मौका मिलने पर एक किशोरी ने अपनी राठ कस्बा निवासी बहन के यहां एसटीडी बूथ से फोन किया और पूरी जानकारी दी। जिसके बाद परिजन उन्हें लिवा लाए। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय बृह्मतेज चतुर्वेदी ने सभी आरोपियों को दस वर्ष की कठोर कारावास व 22-22 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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