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दालों में उछाल, बिगड़ा आम आदमी का बजट
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Wed, 10 Jun 2015 12:34 AM IST
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डेढ़ माह पूर्व 80 रुपये किलो में मिलने वाली अरहर की
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दाल के दाम बढ़ गए हैं। फुटकर बाजार में दाल अब 120 रुपये प्रति किलो तक
पहुंच गई है। मंगलवार को फुटकर में दाल 110-120 रुपये में बिकी। दाल के दाम
में उछाल से आम आदमी कराह रहा है। किचन का बजट बिगड़ गया है। अन्य दालों
के दामों में 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
बेमौसम बारिश की मार से दलहनी फसलों के उत्पादन में इस बार काफी कमी आई है। आयातित दाल भी काफी मंहगी मिल रही हैं। इसी वजह से बाजार में दाल के दामों में इजाफा हुआ है।
देखा जाए तो जनपद सहित पूरे बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा दालों का उत्पादन होता है। मसूर, चना, मटर, मूंग, उड़द व अरहर दालें 80 फीसदी जमीनों पर बोई जाती हैं लेकिन इस बार किसानों को भारी घाटा उठाना पड़ा है।
चना और मसूर की खेती करने वाले किसानों का बीज तक वापस नहीं हुआ है। बड़े-बड़े काश्तकार भी इस बार दालों को खरीदने को मजबूर हैं। रसोई में सबसे ज्यादा अरहर की दाल पकाई जाती है।
बाजार में अरहर की दाल की मांग भी ज्यादा रहती है। इसलिए सबसे ज्यादा अरहर की दाल मंहगी हुई है। अप्रैल में 80 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाली अरहर दाल इस समय 115-120 रुपये तक में बिक रही है।
इसके अलावा उड़द, मूंग, चना, मटर व मसूर की दालों के मूल्यों में भी 15 से 20 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। एकाएक दालें मंहगी होने से आम आदमी को तगड़ा झटका लगा है।
बेमौसम बारिश की मार से दलहनी फसलों के उत्पादन में इस बार काफी कमी आई है। आयातित दाल भी काफी मंहगी मिल रही हैं। इसी वजह से बाजार में दाल के दामों में इजाफा हुआ है।
देखा जाए तो जनपद सहित पूरे बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा दालों का उत्पादन होता है। मसूर, चना, मटर, मूंग, उड़द व अरहर दालें 80 फीसदी जमीनों पर बोई जाती हैं लेकिन इस बार किसानों को भारी घाटा उठाना पड़ा है।
चना और मसूर की खेती करने वाले किसानों का बीज तक वापस नहीं हुआ है। बड़े-बड़े काश्तकार भी इस बार दालों को खरीदने को मजबूर हैं। रसोई में सबसे ज्यादा अरहर की दाल पकाई जाती है।
बाजार में अरहर की दाल की मांग भी ज्यादा रहती है। इसलिए सबसे ज्यादा अरहर की दाल मंहगी हुई है। अप्रैल में 80 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाली अरहर दाल इस समय 115-120 रुपये तक में बिक रही है।
इसके अलावा उड़द, मूंग, चना, मटर व मसूर की दालों के मूल्यों में भी 15 से 20 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। एकाएक दालें मंहगी होने से आम आदमी को तगड़ा झटका लगा है।