फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Grant 70 thousand , how houses made

अनुदान 70 हजार, कैसे बने मकान

Mon, 02 Mar 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Mon, 02 Mar 2015 12:36 AM IST
विज्ञापन
Grant 70 thousand , how houses made

भवन निर्माण सामग्री की बढ़ी कीमतों ने इंदिरा आवास योजना को अर्थहीन बना दिया है। साल में महज बीस हजार रुपये कमाने वाले किसी भी लाभार्थी के लिए 70 हजार रुपये अनुदान में पक्का आवास बना पाना असंभव है। देखा जाए तो इतनी धनराशि से महज भवन के फाउंडेशन बनवाने में ही चली जाती है। फिलहाल केंद्र सरकार की यह योजना आज पूरी तरह बेमकसद हो गई है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार की ओर से गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए इंदिरा आवास योजना चलाई जा रही है। इस योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों को एक कमरा व बरामदा बनवाने के लिए 70 हजार रुपये अनुदान के रुप में मिल रहा है।
विज्ञापन


मौजूदा समय में पक्का मकान बनवाने की सामग्री के जो रेट हैं, उन्हें देखते हुए 70 हजार रुपये में एक कमरा बन पाना मुमकिन ही नहीं है। इंदिरा आवास योजना का लाभ बीपीएल श्रेणी वाले गरीबों को ही मिलता है। बीपीएल में वह लोग आते है, जिनकी सालाना आय 19 हजार 884 रुपये मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंदिरा आवास योजना का लाभ लेने की एक शर्त यह भी कि उस व्यक्ति के पास 20 वर्ग मीटर की जगह भी होनी चाहिए। इंदिरा आवास में एक कमरा (10 बाई 10) और एक छोटा बरामदा बनाना होता है। विकल्प के तौर पर बरामदा न बनवाकर छोटा हाल बनवा सकते हैं। भवन निर्माण सामग्री की कीमतोंव राजगीर, मजदूरी को देखते हुए एक कमरा बनवाने में लगभग एक लाख रुपये की लागत आती है।

फिनिशिंग, वायरिंग व फिटिंग अलग से, शौचालय की सुविधा पंचायतीराज विभाग के तहत दी जाती है। ऐसे में इंदिरा आवास योजना के लाभार्थी के सामने 70 हजार रुपये में एक कमरा व एक बरामदा बनवाना संभव नहीं हो पाता। नतीजन, आधे-अधूरे आवास कागजों पर पूर्ण दिखा दिए जाते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने कहा कि इंदिरा आवास योजना केंद्र सरकार से संचालित है। इस योजना के तहत 75 फीसदी धनराशि की भागीदारी केंद्र और 25 प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से होती है।


मौजूदा समय में 70 हजार रुपये प्रति लाभार्थी आवास के लिए मिलता है। कहा कि अब योजना में आवास पाने वाले लाभार्थी को 14 हजार रुपये मनरेगा से मजदूरी व 12 हजार रुपये पंचायती राज विभाग से शौचालय के लिए दिए जा रहे है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed