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आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Fri, 13 Jan 2017 11:01 PM IST
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पोस्टमार्टम हाउस में गमगीन बैठे परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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थानाक्षेत्र के ग्राम देवगांव में गुरुवार की शाम आर्थिक तंगी से जूझ रहे बीमार युवक ने खेत में पेड़ से लटक कर फांसी लगा ली। इस घटना से उसकी पत्नी और दो अबोध बच्चों पर पेट भरने का संकट आ गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। देवगांव निवासी रमेश प्रजापति के पुत्र भूपेंद्र
प्रजापति (25) ने गुरुवार की शाम खेत में जाकर बबूल के पेड़ पर फंदा बना कर फांसी लगा ली। प्रधान प्रतिनिधि गोपाल सिंह ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से बीमारी से जूझ रहा था। रमेश के पास महज पांच बीघे कृषि योग्य भूमि है। पिछले दो वर्षों से दैवीय आपदा के कारण फसलें बर्बाद हो गई थी। इस
वजह से पूरा परिवार मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन करता था। भूपेंद्र बीमार रहने के कारण मेहनत मजदूरी भी नहीं कर पा रहा था। इस वजह से वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था।बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे भूपेंद्र गुरुवार की देर शाम अपनी जिदंगी की जंग हार गया और घर से निकलकर खेतों
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में जाकर बबूल के पेड़ में फांसी लगा ली। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री को रोता बिलखता छोड़ गया है। पुलिस ने पिता की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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प्रजापति (25) ने गुरुवार की शाम खेत में जाकर बबूल के पेड़ पर फंदा बना कर फांसी लगा ली। प्रधान प्रतिनिधि गोपाल सिंह ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से बीमारी से जूझ रहा था। रमेश के पास महज पांच बीघे कृषि योग्य भूमि है। पिछले दो वर्षों से दैवीय आपदा के कारण फसलें बर्बाद हो गई थी। इस
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वजह से पूरा परिवार मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन करता था। भूपेंद्र बीमार रहने के कारण मेहनत मजदूरी भी नहीं कर पा रहा था। इस वजह से वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था।बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे भूपेंद्र गुरुवार की देर शाम अपनी जिदंगी की जंग हार गया और घर से निकलकर खेतों
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में जाकर बबूल के पेड़ में फांसी लगा ली। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री को रोता बिलखता छोड़ गया है। पुलिस ने पिता की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।