{"_id":"58a33a604f1c1b5833d859ed","slug":"bucks-training-center-in-the-name-of-recovery","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर वसूली मोटी रकम ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर वसूली मोटी रकम
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Tue, 14 Feb 2017 10:42 PM IST
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विकासखंड क्षेत्र में बेटी बचाओ, बेढ़ी पढ़ाओ, समाज बचाओ अभियान के लिए फर्जी बीएनएन सेवा संस्थान संचालित कर प्रशिक्षण केंद्रों से मोटी रकम ऐंठी गई, लेकिन उन्हें मानदेय नहीं दिया। इस फर्जी काम को अंजाम दे रहे अलीगढ़ निवासी एक अधेड़ को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस घटना
की जानकारी मिलते ही अपना पैसा लेने तमाम युवतियां व महिलाएं कोतवाली पहुंच गईं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए प्रोेबेशन अधिकारी को बुलाया है। जनपद अलीगढ़ के चेरा मसूर कसेरी निवासी राजवीर सिंह चंद्रा विकासखंड क्षेत्र के साथ अन्य कई स्थानों पर 50 से अधिक स्थानों पर बीएनएन
सेवा संस्थान के नाम से केंद्रों का संचालन करवा रहा है। उसने ब्यूटी पार्लर, सिलाई, पेंटिंग, संगीत आदि के प्रशिक्षण के नाम पर गांव-गांव केंद्र खोले हैं। इन केंद्राें में प्रशिक्षण के लिए लगाई गईं युवतियों से छह से आठ हजार रुपये शुरूआत में ही ले लिए। साथ दो हजार रुपये का मानदेय दिए जाने का
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वादा भी किया। अक्तूबर 2016 में केंद्रों की शुरूआत कराई गई। अब भंडाफोड़ होने पर इस जाल में फंसी युवतियां कोतवाली आ धमकीं। किसी तरह राजवीर सिंह चंद्रा को उसके रागौल स्थित आवास से पकड़ लिया गया। कोतवाली परिसर पहुंची 100 से अधिक ठगी गई युवतियां अपना पैसा मांगने के
साथ कार्रवाई के लिए पहुंची। हंगामा देख कोतवाल अनिल सिंह ने प्रोेबेशन विभाग के अधिकारियों को बुलाया है। कोतवाली में मौजूद कोतवाली क्षेत्र के उर्दना गांव में बेटी बचाओ, बेढ़ी पढ़ाओ, समाज बचाओ के नाम पर खोले गए बीएनएन सेवा संस्थान के प्रशिक्षण केंद्र की संचालिका सुधा शर्मा ने बताया कि
उसके केंद्र को चलाने के लिए पहले आठ हजार रुपये आरएस चंद्रा ने लिए। कहा कि वह प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक लड़की से 100 रुपये महीने ले ले। साथ ही मानदेय के नाम पर दो हजार रुपये केंद्र संचालिका व सहायिका को एक हजार रुपये महीने देने को कहा था। लेकिन उन्हें एक पैसा नहीं मिला।
इसी तरह बिदोखर मेदंनी की सुमन, इंगोहटा की रूबीना, निवादा की परवीन, नारायच गांव की बाबरा सईद, इंगोहटा की राजेश्वरी शर्मा समेत कई युवतियाें ने ठगी का आरोप लगाया। इस मामले में राजवीर चंद्रा ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, समाज बचाओ का कार्य वह अपनी संस्था बीएनएन सेवा संस्थान के जरिए कर रहा है। कहा कि उसकी संस्था भारत सरकार से रजिस्टर्ड है। वह धीरे-धीरे सबके पैसे देगा और वह फर्जी नहीं है।
कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि उनके पास दर्जनों शिकायती पत्र प्राप्त हुए हैं। जिन पर जांच के लिए जिला मुख्यालय से प्रोबेशन अधिकारी को बुलाया है। जांच जारी है। उन्होंने माना कि लाखों रुपये इन बेरोजगार युवतियों व बच्चियों को प्रशिक्षण दिए जाने के नाम पर लिए गए हैं। समाज
कल्याण की जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे। उसी के तहत यह मामला दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रोबेशन अधिकारी कृष्ण मुरारी ने कहा कि कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा है। प्रोबेशन विभाग के बाल संरक्षण अधिकारी गोपाल कृष्ण मिश्रा व कनिष्ठ लिपिक सरवन
गुप्ता ने शुरू कर दी है। वह पुलिस को दिए गए सभी आवेदन पत्र, प्रमाण पत्र व डायरी जांच के लिए ले गए। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह जालसाजी लगती है। प्रोबेशन अधिकारी कृष्ण कुमारी ने सभी अभिलेख देखने के बाद कहा कि यह पूरी तरह जालसाजी है। बताया कि विभाग की तरफ से तहरीर दी जाएगी।
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की जानकारी मिलते ही अपना पैसा लेने तमाम युवतियां व महिलाएं कोतवाली पहुंच गईं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए प्रोेबेशन अधिकारी को बुलाया है। जनपद अलीगढ़ के चेरा मसूर कसेरी निवासी राजवीर सिंह चंद्रा विकासखंड क्षेत्र के साथ अन्य कई स्थानों पर 50 से अधिक स्थानों पर बीएनएन
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सेवा संस्थान के नाम से केंद्रों का संचालन करवा रहा है। उसने ब्यूटी पार्लर, सिलाई, पेंटिंग, संगीत आदि के प्रशिक्षण के नाम पर गांव-गांव केंद्र खोले हैं। इन केंद्राें में प्रशिक्षण के लिए लगाई गईं युवतियों से छह से आठ हजार रुपये शुरूआत में ही ले लिए। साथ दो हजार रुपये का मानदेय दिए जाने का
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वादा भी किया। अक्तूबर 2016 में केंद्रों की शुरूआत कराई गई। अब भंडाफोड़ होने पर इस जाल में फंसी युवतियां कोतवाली आ धमकीं। किसी तरह राजवीर सिंह चंद्रा को उसके रागौल स्थित आवास से पकड़ लिया गया। कोतवाली परिसर पहुंची 100 से अधिक ठगी गई युवतियां अपना पैसा मांगने के
साथ कार्रवाई के लिए पहुंची। हंगामा देख कोतवाल अनिल सिंह ने प्रोेबेशन विभाग के अधिकारियों को बुलाया है। कोतवाली में मौजूद कोतवाली क्षेत्र के उर्दना गांव में बेटी बचाओ, बेढ़ी पढ़ाओ, समाज बचाओ के नाम पर खोले गए बीएनएन सेवा संस्थान के प्रशिक्षण केंद्र की संचालिका सुधा शर्मा ने बताया कि
उसके केंद्र को चलाने के लिए पहले आठ हजार रुपये आरएस चंद्रा ने लिए। कहा कि वह प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक लड़की से 100 रुपये महीने ले ले। साथ ही मानदेय के नाम पर दो हजार रुपये केंद्र संचालिका व सहायिका को एक हजार रुपये महीने देने को कहा था। लेकिन उन्हें एक पैसा नहीं मिला।
इसी तरह बिदोखर मेदंनी की सुमन, इंगोहटा की रूबीना, निवादा की परवीन, नारायच गांव की बाबरा सईद, इंगोहटा की राजेश्वरी शर्मा समेत कई युवतियाें ने ठगी का आरोप लगाया। इस मामले में राजवीर चंद्रा ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, समाज बचाओ का कार्य वह अपनी संस्था बीएनएन सेवा संस्थान के जरिए कर रहा है। कहा कि उसकी संस्था भारत सरकार से रजिस्टर्ड है। वह धीरे-धीरे सबके पैसे देगा और वह फर्जी नहीं है।
कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि उनके पास दर्जनों शिकायती पत्र प्राप्त हुए हैं। जिन पर जांच के लिए जिला मुख्यालय से प्रोबेशन अधिकारी को बुलाया है। जांच जारी है। उन्होंने माना कि लाखों रुपये इन बेरोजगार युवतियों व बच्चियों को प्रशिक्षण दिए जाने के नाम पर लिए गए हैं। समाज
कल्याण की जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे। उसी के तहत यह मामला दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रोबेशन अधिकारी कृष्ण मुरारी ने कहा कि कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा है। प्रोबेशन विभाग के बाल संरक्षण अधिकारी गोपाल कृष्ण मिश्रा व कनिष्ठ लिपिक सरवन
गुप्ता ने शुरू कर दी है। वह पुलिस को दिए गए सभी आवेदन पत्र, प्रमाण पत्र व डायरी जांच के लिए ले गए। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह जालसाजी लगती है। प्रोबेशन अधिकारी कृष्ण कुमारी ने सभी अभिलेख देखने के बाद कहा कि यह पूरी तरह जालसाजी है। बताया कि विभाग की तरफ से तहरीर दी जाएगी।