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54 लाख के घोटाले में सचिव निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Fri, 06 Feb 2015 12:33 AM IST
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जांच में 54 लाख रुपये के घोटाले
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में दोषी पाए गए जलाला गांव के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को जिला विकास
अधिकारी ने निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए सचिव के पास सात अन्य ग्राम
पंचायतों का प्रभार था। जिन्हें उनसे छीनकर अन्य सचिवों को चार्ज सौंपा
गया है।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत जलाला के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के खिलाफ मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के कार्यों में घोटाले का आरोप लगाकर माननीय उच्च न्यायालय में एक रिट दाखिल की थी। न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी ने तीन अधिकारियों की टीम बनाकर इस ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों की विस्तृत जांच कराई थी।
जांच में टीम ने करीब 54 लाख रुपये की गड़बड़ी मनरेगा सहित अन्य योजना के कार्यो में पाई थी। जिसकी रिपोर्ट पिछले माह जिलाधिकारी को जांच टीम ने सौंपी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान सुमन सिंह एवं ग्राम पंचायत अधिकारी विनोद कुमार वर्मा के खिलाफ विकास विभाग को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
जिला विकास अधिकारी ने डीएम के आदेश पर सचिव को निलंबित कर दिया। ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। खंड विकास अधिकारी श्रवण कुमार तोमर ने बताया कि सचिव विनोद कुमार वर्मा के गायब हो जाने के चलते आदेश अभी तक रिसीव नही ंकराया गया है। सचिव के अधीन रहे ग्राम पंचायतों को ब्लाक कार्यालय में तैनात सचिवों को चार्ज सौंपा गया है।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत जलाला के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के खिलाफ मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के कार्यों में घोटाले का आरोप लगाकर माननीय उच्च न्यायालय में एक रिट दाखिल की थी। न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी ने तीन अधिकारियों की टीम बनाकर इस ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों की विस्तृत जांच कराई थी।
जांच में टीम ने करीब 54 लाख रुपये की गड़बड़ी मनरेगा सहित अन्य योजना के कार्यो में पाई थी। जिसकी रिपोर्ट पिछले माह जिलाधिकारी को जांच टीम ने सौंपी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान सुमन सिंह एवं ग्राम पंचायत अधिकारी विनोद कुमार वर्मा के खिलाफ विकास विभाग को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
जिला विकास अधिकारी ने डीएम के आदेश पर सचिव को निलंबित कर दिया। ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। खंड विकास अधिकारी श्रवण कुमार तोमर ने बताया कि सचिव विनोद कुमार वर्मा के गायब हो जाने के चलते आदेश अभी तक रिसीव नही ंकराया गया है। सचिव के अधीन रहे ग्राम पंचायतों को ब्लाक कार्यालय में तैनात सचिवों को चार्ज सौंपा गया है।