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दुष्कर्म के तीन आरोपियों को जमानत नहीं
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हमीरपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम गीतांजलि गर्ग की अदालत ने दुष्कर्म के तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एक पीड़िता ने दो लोगों और दूसरी ने एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश गोस्वामी व राजेश तिवारी ने बताया कि एक गांव निवासी पीड़िता ने कलमबंद बयान में बताया कि वर्ष 2017 में उसकी बात उसके मौसी के लड़के राहुल के दोस्त आरोपी चंद्रशेखर से शुरू हुई थी। आरोपी के बुलाने पर सात अप्रैल 2018 को रात्रि में घर छोड़कर उसके दोस्त विनोद के साथ चली गई। विनोद ने अपने घर बरौली ले जाकर दुष्कर्म किया। दो तीन दिन बाद चंद्रशेखर आया तो उसने उसे सब बात बताई। विनोद ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं से वह उसके साथ राजकोट आ गई। आरोपी का भाई गोपाल राजकोट आया तो उसने दुष्कर्म किया। वर्ष 2020 में आरोपी का भाई शंकर आया। उसने उसके साथ तीन बार दुष्कर्म किया। उसके बाद वह गर्भवती हो गई। बाद में उसका गर्भपात करा दिया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने चंद्रशेखर व उसके भाई शंकर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
दूसरे मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी ने अदालत में दिए कलमबंद बयान में बताया कि 24 मार्च 2022 को रात तीन बजे मुकेश ने दुष्कर्म किया। आवाज सुनकर उसकी बहन व पिता आ गए। पिता ने उसकी कुल्हाड़ी छीनकर उसके मारी जो उसके सिर पर लगी, लेकिन वह मौके से भाग गया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम गीतांजलि गर्ग की अदालत ने आरोपी मुकेश विश्वकर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश गोस्वामी व राजेश तिवारी ने बताया कि एक गांव निवासी पीड़िता ने कलमबंद बयान में बताया कि वर्ष 2017 में उसकी बात उसके मौसी के लड़के राहुल के दोस्त आरोपी चंद्रशेखर से शुरू हुई थी। आरोपी के बुलाने पर सात अप्रैल 2018 को रात्रि में घर छोड़कर उसके दोस्त विनोद के साथ चली गई। विनोद ने अपने घर बरौली ले जाकर दुष्कर्म किया। दो तीन दिन बाद चंद्रशेखर आया तो उसने उसे सब बात बताई। विनोद ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं से वह उसके साथ राजकोट आ गई। आरोपी का भाई गोपाल राजकोट आया तो उसने दुष्कर्म किया। वर्ष 2020 में आरोपी का भाई शंकर आया। उसने उसके साथ तीन बार दुष्कर्म किया। उसके बाद वह गर्भवती हो गई। बाद में उसका गर्भपात करा दिया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने चंद्रशेखर व उसके भाई शंकर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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दूसरे मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी ने अदालत में दिए कलमबंद बयान में बताया कि 24 मार्च 2022 को रात तीन बजे मुकेश ने दुष्कर्म किया। आवाज सुनकर उसकी बहन व पिता आ गए। पिता ने उसकी कुल्हाड़ी छीनकर उसके मारी जो उसके सिर पर लगी, लेकिन वह मौके से भाग गया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम गीतांजलि गर्ग की अदालत ने आरोपी मुकेश विश्वकर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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