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थाने पहुंचा महिला डॉक्टरों का विवाद
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कोतवाली प्रभारी भरत कुमार को तहरीर देती डा. अंजू मिश्रा।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। जिला महिला चिकित्सालय में तैनात महिला चिकित्सक आशा सचान ने प्रसव कक्ष में जूनियर डॉक्टर से अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी। अस्पताल से हटवाने व जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित डॉक्टर ने कोतवाली में सीनियर डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है।
जिला अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर अंशु मिश्रा ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि सोमवार को देर शाम एक महिला का प्रसव कराया गया। मंगलवार को उसकी छुट्टी होनी थी। वह सुबह अपने मरीज को देखने गईं थीं। प्रसूता को लेबर रूम में लिटाकर जांच करने लगी। तभी वहां डॉ. आशा सचान पहुंच गई और उनके साथ अभद्रता करते हुए बाहर निकल जाने के लिए कहा। उन्होंने विरोध किया और मोबाइल से वीडियो बनाने लगी। डॉ. सचान ने उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया और हाथापाई शुरू कर दी। जान से मारने व जिला अस्पताल से हटवाने की धमकी दी। उन्होंने घटना की सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी को फोन पर दी। आरोप लगाया कि इसके पहले भी डॉ. सचान उनके साथ कई बार अभद्रता कर चुकीं हैं।
उधर, डॉ. आशा सचान ने बताया कि डॉ. अंशु मिश्रा की नाइट ड्यूटी थी। सुबह आठ बजे के बाद उनकी ड्यूटी थी। उनके आने के बाद भी वह बाहर से इंजेक्शन मंगवाकर प्रसूता को लगा रही थी। इस पर उन्होंने मना किया था। उनके ऊपर अभद्रता करने व मारपीट करने के आरोप निराधार हैं। सीएमएस डॉ. फौजिया अंजुम नोमानी का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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जिला अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर अंशु मिश्रा ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि सोमवार को देर शाम एक महिला का प्रसव कराया गया। मंगलवार को उसकी छुट्टी होनी थी। वह सुबह अपने मरीज को देखने गईं थीं। प्रसूता को लेबर रूम में लिटाकर जांच करने लगी। तभी वहां डॉ. आशा सचान पहुंच गई और उनके साथ अभद्रता करते हुए बाहर निकल जाने के लिए कहा। उन्होंने विरोध किया और मोबाइल से वीडियो बनाने लगी। डॉ. सचान ने उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया और हाथापाई शुरू कर दी। जान से मारने व जिला अस्पताल से हटवाने की धमकी दी। उन्होंने घटना की सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी को फोन पर दी। आरोप लगाया कि इसके पहले भी डॉ. सचान उनके साथ कई बार अभद्रता कर चुकीं हैं।
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उधर, डॉ. आशा सचान ने बताया कि डॉ. अंशु मिश्रा की नाइट ड्यूटी थी। सुबह आठ बजे के बाद उनकी ड्यूटी थी। उनके आने के बाद भी वह बाहर से इंजेक्शन मंगवाकर प्रसूता को लगा रही थी। इस पर उन्होंने मना किया था। उनके ऊपर अभद्रता करने व मारपीट करने के आरोप निराधार हैं। सीएमएस डॉ. फौजिया अंजुम नोमानी का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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