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बैलगाड़ी से टकराई बाइक, पीएसी जवान की मौत
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सुरेंद्र यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : HAMIRPUR
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भरुआसुमेरपुर। कानपुर-सागर नेशनल हाईवे में फैक्टरी एरिया के समीप बाइक बैलगाड़ी से टकराने से पीएसी जवान की मौत और दो साथी घायल हो गए। पीएसी जवान के हेलमेट न लगाने से सिर में गंभीर चोट से जान चली गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
नदेहरा गांव का निवासी सुरेंद्र यादव (22) पिछले वर्ष पीएसी में भर्ती हुआ था। तीन माह पूर्व उसे ट्रेनिंग पर भेजा गया था। होली में छुट्टी पर गांव आया था। सोमवार रात 9.30 बजे वह अपने साथी गांव निवासी रविशंकर वर्मा व मवईजार निवासी विनय कुमार के साथ बाइक से फैक्टरी एरिया के एक ढाबे में खाना खाने गए थे। बाइक से लौटते समय वह हाईवे पर अचानक सामने से भारी वाहन आ जाने से आगे जा रही बैलगाड़ी से टकरा गए। रविशंकर व विनय कुमार को मामूली चोटें आईं। सुरेंद्र का सिर बैलगाड़ी से टकरा गया। हेलमेट न लगा होने से सिर में गंभीर चोट आई। साथी उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।
हालत नाजुक होने पर रात में ही कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर पहुंचने के पूर्व ही उसने दम तोड़ दिया। सुबह कानपुर में पोस्टमार्टम होने के बाद शव गांव लाया गया। शव गांव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। एक भाई कई वर्ष पूर्व जहरीले कीड़े के काटने से मौत का शिकार हो गया था। बड़ा भाई देव सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य है। ब्लाक प्रमुख जयनरायन यादव, प्रधान उदयभान, कलौलीजार प्रधान अरविंद यादव, बिरखेरा प्रधान अशोक यादव, टिकरौली प्रधान अक्षय पाल गांव पहुंचे। शाम को गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हादसे में जान गंवाने वाले पीएसी के सिपाही का अंतिम संस्कार बगैर सलामी के किया गया। इससे ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश नजर आया। ललपुरा थाने के हल्का इंचार्ज रामसजीवन पांडे, सिपाही विवेक कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार व प्रशांत यादव गांव आए, लेकिन कंधा देना भी मुनासिब नहीं समझा। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि हादसा ड्यूटी के समय नहीं हुआ है। इसकी सूचना थाना सुमेरपुर के साथ आरआई को नहीं दी गई है। इस वजह से सलामी नहीं दी गई।
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नदेहरा गांव का निवासी सुरेंद्र यादव (22) पिछले वर्ष पीएसी में भर्ती हुआ था। तीन माह पूर्व उसे ट्रेनिंग पर भेजा गया था। होली में छुट्टी पर गांव आया था। सोमवार रात 9.30 बजे वह अपने साथी गांव निवासी रविशंकर वर्मा व मवईजार निवासी विनय कुमार के साथ बाइक से फैक्टरी एरिया के एक ढाबे में खाना खाने गए थे। बाइक से लौटते समय वह हाईवे पर अचानक सामने से भारी वाहन आ जाने से आगे जा रही बैलगाड़ी से टकरा गए। रविशंकर व विनय कुमार को मामूली चोटें आईं। सुरेंद्र का सिर बैलगाड़ी से टकरा गया। हेलमेट न लगा होने से सिर में गंभीर चोट आई। साथी उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।
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हालत नाजुक होने पर रात में ही कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर पहुंचने के पूर्व ही उसने दम तोड़ दिया। सुबह कानपुर में पोस्टमार्टम होने के बाद शव गांव लाया गया। शव गांव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। एक भाई कई वर्ष पूर्व जहरीले कीड़े के काटने से मौत का शिकार हो गया था। बड़ा भाई देव सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य है। ब्लाक प्रमुख जयनरायन यादव, प्रधान उदयभान, कलौलीजार प्रधान अरविंद यादव, बिरखेरा प्रधान अशोक यादव, टिकरौली प्रधान अक्षय पाल गांव पहुंचे। शाम को गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हादसे में जान गंवाने वाले पीएसी के सिपाही का अंतिम संस्कार बगैर सलामी के किया गया। इससे ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश नजर आया। ललपुरा थाने के हल्का इंचार्ज रामसजीवन पांडे, सिपाही विवेक कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार व प्रशांत यादव गांव आए, लेकिन कंधा देना भी मुनासिब नहीं समझा। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि हादसा ड्यूटी के समय नहीं हुआ है। इसकी सूचना थाना सुमेरपुर के साथ आरआई को नहीं दी गई है। इस वजह से सलामी नहीं दी गई।