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सिंडीकेट से वसूली धनराशि फ्लैटों की खरीद में खपाया
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हमीरपुर। अवैध खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क को लेकर सीबीआई ने तत्कालीन खनिज अधिकारी समेत 13 लोगों को दिल्ली सीबीआई कार्यालय में तलब किया है। इनमें एक खनिज विभाग का रिटायर्ड लिपिक व एक बांदा में तैनात कर्मी है।
खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने बीते 25 नवंबर को मुख्यालय आकर 11 दिनों तक यहां रुककर जांच की थी। टीम ने अवैैध खनन को लेकर मौरंग कारोबारियों व इससे जुड़े अधिकारियों को तलब कर बयान लिए। एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के चाचा राकेश दीक्षित, एमएलसी के मुनीम बाबू नारायण कुशवाहा व अन्य से पूछताछ की थी।
11 दिनों तक चली जांच में सीबीआई को वन क्षेत्र के अंदर 43 पट्टों के लिए जारी की गई एनओसी में गड़बड़ झाला मिला। जिसे लेकर वन विभाग के अभिलेख खंगाले और तत्कालीन डीएफओ ललित गिरि, एसडीओ संजय वर्मा से पूछताछ की। याचिकाकर्ता विजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि बीते छह दिसंबर को सीबीआई यहां से मथुरा पहुंच मौरंग कारोबारियों के खरीदे गए फ्लैटों की जांच कर चुकी है।
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जो सीबीआई के रडार पर है। बताया कि अवैैध खनन के साथ सिंडीकेट के जरिये वसूली गई धनराशि मौरंग कारोबारियों ने फ्लैटों की खरीद में लगाई है। जिसके पुख्ता साक्ष्य सीबीआई को लगे हैं। याचिकाकर्ता ने बताया कि सीबीआई की जांच अंतिम दौर में है। इसके चलते सीबीआई ने तत्कालीन खनिज अधिकारी समेत अन्य 13 मौरंग कारोबारियों को दिल्ली में तलब किया है।
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खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने बीते 25 नवंबर को मुख्यालय आकर 11 दिनों तक यहां रुककर जांच की थी। टीम ने अवैैध खनन को लेकर मौरंग कारोबारियों व इससे जुड़े अधिकारियों को तलब कर बयान लिए। एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के चाचा राकेश दीक्षित, एमएलसी के मुनीम बाबू नारायण कुशवाहा व अन्य से पूछताछ की थी।
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11 दिनों तक चली जांच में सीबीआई को वन क्षेत्र के अंदर 43 पट्टों के लिए जारी की गई एनओसी में गड़बड़ झाला मिला। जिसे लेकर वन विभाग के अभिलेख खंगाले और तत्कालीन डीएफओ ललित गिरि, एसडीओ संजय वर्मा से पूछताछ की। याचिकाकर्ता विजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि बीते छह दिसंबर को सीबीआई यहां से मथुरा पहुंच मौरंग कारोबारियों के खरीदे गए फ्लैटों की जांच कर चुकी है।
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जो सीबीआई के रडार पर है। बताया कि अवैैध खनन के साथ सिंडीकेट के जरिये वसूली गई धनराशि मौरंग कारोबारियों ने फ्लैटों की खरीद में लगाई है। जिसके पुख्ता साक्ष्य सीबीआई को लगे हैं। याचिकाकर्ता ने बताया कि सीबीआई की जांच अंतिम दौर में है। इसके चलते सीबीआई ने तत्कालीन खनिज अधिकारी समेत अन्य 13 मौरंग कारोबारियों को दिल्ली में तलब किया है।