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हमीरपुरः पति की मौत पर मदद मिली तो फफक पड़ी वृद्धा
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राठ के बरुआ गांव में एसडीएम द्वारा सहायता राशि की स्लिप देने पर फफक कर रोतीं रती।
- फोटो : HAMIRPUR
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राठ। बिजली गिरने से मरे 65 वर्षीय काशीप्रसाद कुशवाहा की पत्नी रति को गुरुवार को एसडीएम पवन प्रकाश ने चार लाख की मदद दी तो वह रो पड़ी।
रति ने बताया कि पति काशीप्रसाद के नाम पर चार बीघा जमीन है। वह इकलौते पुत्र देवदत्त के साथ खेती कर परिवार का भरण पोषण करते थे। पुत्री संपत विवाह के बाद अपनी ससुराल चली गई। देवदत्त का विवाह कर बहू घर लाए। डेढ़ साल पहले देवदत्त की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। देवदत्त की तीन संतानें नेहा (8), साक्षी (3) व काजल (2) हैं। बुधवार को खेत में बकरियां चराते वक्त बिजली गिरने से काशीप्रसाद की मौत हो गई। बेटे के बाद पति को खोकर रति पूरी तरह से टूट चुकी है। गुरुवार दोपहर एसडीएम ने सहायता राशि देकर ढांढस बंधाया। 24 घंटे में प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दी गई।
मौदहा संवाद के मुताबिक तहसीलदार सुक्रमा प्रसाद ने बताया कि बिजली गिरने से रामबाबू की मौत की सूचना मिली है। उसकी पत्नी को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ गांव निवासी सुनीता की भैंस मरने पर 30 हजार रुपये की मदद दी गई है। गहरौली संवाद के मुताबिक बिजली गिरने से मरी श्वेता का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। देवेंद्र राजपूत ने बताया कि उसकी बहन श्वेता की शादी करहरा गांव निवासी इंजीनियर जितेंद्र कुमार के साथ तय की थी। दो जून को गोद भराई हो चुकी थी। दिसंबर में शादी होनी थी। उप जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया।
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रति ने बताया कि पति काशीप्रसाद के नाम पर चार बीघा जमीन है। वह इकलौते पुत्र देवदत्त के साथ खेती कर परिवार का भरण पोषण करते थे। पुत्री संपत विवाह के बाद अपनी ससुराल चली गई। देवदत्त का विवाह कर बहू घर लाए। डेढ़ साल पहले देवदत्त की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। देवदत्त की तीन संतानें नेहा (8), साक्षी (3) व काजल (2) हैं। बुधवार को खेत में बकरियां चराते वक्त बिजली गिरने से काशीप्रसाद की मौत हो गई। बेटे के बाद पति को खोकर रति पूरी तरह से टूट चुकी है। गुरुवार दोपहर एसडीएम ने सहायता राशि देकर ढांढस बंधाया। 24 घंटे में प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दी गई।
मौदहा संवाद के मुताबिक तहसीलदार सुक्रमा प्रसाद ने बताया कि बिजली गिरने से रामबाबू की मौत की सूचना मिली है। उसकी पत्नी को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ गांव निवासी सुनीता की भैंस मरने पर 30 हजार रुपये की मदद दी गई है। गहरौली संवाद के मुताबिक बिजली गिरने से मरी श्वेता का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। देवेंद्र राजपूत ने बताया कि उसकी बहन श्वेता की शादी करहरा गांव निवासी इंजीनियर जितेंद्र कुमार के साथ तय की थी। दो जून को गोद भराई हो चुकी थी। दिसंबर में शादी होनी थी। उप जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया।
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