{"_id":"5eef9e3b8ebc3e42fa48d925","slug":"civic-hamirpur-news-knp5668050176","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनियमितता की जांच लंबित होने पर मांगा स्पष्टीकरण, विधानसभा में भी उठ चुका अकौना का मुद्दा, मंडलीय उपनिदेशक ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनियमितता की जांच लंबित होने पर मांगा स्पष्टीकरण, विधानसभा में भी उठ चुका अकौना का मुद्दा, मंडलीय उपनिदेशक ने जताई नाराजगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राठ। गोहांड विकासखंड के अकौना गांव में ग्राम प्रधान व सचिव पर विकास कार्यों में की गईं अनियमितता का मुद्दा सदन में उठाए जाने पर विशेष सचिव ने जांच के आदेश दिए थे। तीन माह में भी जांच पूरी न होने पर मंडलीय उपनिदेशक पंचायत चित्रकूटधाम मंडल ने नाराजगी जताई है।
विधानसभा सदस्य डा. मुकेशचंद्र वर्मा ने अकौना गांव में शौचालय निर्माण व विकास कार्यों में अनियमितता का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। सदन ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे।
मगर विशेष सचिव के निर्देश पर भी समय से जांच पूरी नहीं हुई। 10 जून को मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन केएस अवस्थी ने उप निदेशक पंचायत को पत्र लिख जांच में देरी की बात कह तत्काल जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
17 जून को मंडलीय उपनिदेशक पंचायत ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेज जांच में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा तीन माह बीतने के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। कहा तीन दिन में जांच कर सभी अभिलेख उपलब्ध कराएं।
साथ ही देरी के लिए स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके बाद 18 जून को जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने सहायक विकास अधिकारी गोहांड से तीन दिन के अंदर समस्त जांच अभिलेख तलब किए हैं।
विज्ञापन
विधानसभा सदस्य डा. मुकेशचंद्र वर्मा ने अकौना गांव में शौचालय निर्माण व विकास कार्यों में अनियमितता का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। सदन ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
मगर विशेष सचिव के निर्देश पर भी समय से जांच पूरी नहीं हुई। 10 जून को मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन केएस अवस्थी ने उप निदेशक पंचायत को पत्र लिख जांच में देरी की बात कह तत्काल जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
17 जून को मंडलीय उपनिदेशक पंचायत ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेज जांच में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा तीन माह बीतने के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। कहा तीन दिन में जांच कर सभी अभिलेख उपलब्ध कराएं।
साथ ही देरी के लिए स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके बाद 18 जून को जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने सहायक विकास अधिकारी गोहांड से तीन दिन के अंदर समस्त जांच अभिलेख तलब किए हैं।