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चेकडैम के रपटे से अधेड़ बहा, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Sun, 28 Aug 2016 11:53 PM IST
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उरदना गांव में अधेड़ के शव को देखते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली क्षेत्र के उर्दना गांव में शनिवार को तीसरे पहर गांव के निकट श्याम नदी के रपटे में स्नान करने गया एक अधेड़ पैर फिसल जाने से तेज बहाव की चपेट में आ गया। रविवार सुबह उसका शव रपटे से करीब दो सौ मीटर दूर बबूल के झाड़ में फंसा मिला।
मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालों की मांग पर उन्हें शव सौंप दिया। उर्दना गांव निवासी भगवानदीन का पुत्र जंग बहादुर सिंह (45) अविवाहित था। गांव के निकट ही श्याम नदी है। जहां इसका निजी नलकूप है। यहीं पर वह ज्यादातर रहता था।
परिजनों के अनुसार, शनिवार दोपहर उसे खाना भेजा गया लेकिन उस समय वह वहां नहीं मिला। वह श्याम नदी पर बने रपटे में नहाने चला गया था। देर शाम जब उसके परिजन फिर खाना लेकर नलकूप पहुंचे और वह नहीं मिला तो तलाश शुरू की गई। रपटे के पास उसके कपड़े रखे मिले। माना जा रहा है कि नहाते समय रपटे के ऊपर से बह रहे पानी के तेज बहाव में वह संभल नहीं सका और फिसलकर डूब गया।
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नदी में रात में ही तलाश शुरू की गई। इसकी सूचना रात को ही स्थानीय कोतवाली में दी गई। रात के अंधेरे में पुलिस खोजबीन करती रही लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। रविवार को सुबह जब परिजन उसे ढूंढने निकले तो रपटे से कुछ ही दूर पर पानी में एक बबूल के झाड़ में उसका शव फंसा दिखा।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिसकर्मियों ने पहुंचकर शव को बाहर निकाला। उसके भाइयों ने लिखित रूप से पुलिस से मांग की कि वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों को सौंप दिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालों की मांग पर उन्हें शव सौंप दिया। उर्दना गांव निवासी भगवानदीन का पुत्र जंग बहादुर सिंह (45) अविवाहित था। गांव के निकट ही श्याम नदी है। जहां इसका निजी नलकूप है। यहीं पर वह ज्यादातर रहता था।
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परिजनों के अनुसार, शनिवार दोपहर उसे खाना भेजा गया लेकिन उस समय वह वहां नहीं मिला। वह श्याम नदी पर बने रपटे में नहाने चला गया था। देर शाम जब उसके परिजन फिर खाना लेकर नलकूप पहुंचे और वह नहीं मिला तो तलाश शुरू की गई। रपटे के पास उसके कपड़े रखे मिले। माना जा रहा है कि नहाते समय रपटे के ऊपर से बह रहे पानी के तेज बहाव में वह संभल नहीं सका और फिसलकर डूब गया।
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नदी में रात में ही तलाश शुरू की गई। इसकी सूचना रात को ही स्थानीय कोतवाली में दी गई। रात के अंधेरे में पुलिस खोजबीन करती रही लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। रविवार को सुबह जब परिजन उसे ढूंढने निकले तो रपटे से कुछ ही दूर पर पानी में एक बबूल के झाड़ में उसका शव फंसा दिखा।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिसकर्मियों ने पहुंचकर शव को बाहर निकाला। उसके भाइयों ने लिखित रूप से पुलिस से मांग की कि वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों को सौंप दिया।