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Hamirpur News: आशा कार्यकर्ताओं ने शुरू किया कार्य बहिष्कार
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= मानदेय व राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग, सीएचसी प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
मौदहा (हमीरपुर)। मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा एवं आशा संगिनी वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस दौरान संगठन की पदाधिकारियों ने सीएचसी प्रभारी डॉ. रजत रंजन तिवारी को मांगपत्र सौंपा।
यूनियन मंत्री सुनीता बाजपेयी ने कहा कि आशा और आशा संगिनी वर्ष 2005 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन कर रही हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण, पोलियो अभियान, संचारी रोग नियंत्रण और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने सहित विभिन्न योजनाओं में उनकी भूमिका अहम रही है। कोरोना काल में भी कार्यकर्ताओं ने पूरी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है। संगठन ने आशा संगिनी का मानदेय 26 हजार रुपये तथा आशा कार्यकर्ताओं का 21 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लखनऊ कूच का एलान भी किया गया। (संवाद)
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मौदहा (हमीरपुर)। मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा एवं आशा संगिनी वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस दौरान संगठन की पदाधिकारियों ने सीएचसी प्रभारी डॉ. रजत रंजन तिवारी को मांगपत्र सौंपा।
यूनियन मंत्री सुनीता बाजपेयी ने कहा कि आशा और आशा संगिनी वर्ष 2005 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन कर रही हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण, पोलियो अभियान, संचारी रोग नियंत्रण और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने सहित विभिन्न योजनाओं में उनकी भूमिका अहम रही है। कोरोना काल में भी कार्यकर्ताओं ने पूरी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है। संगठन ने आशा संगिनी का मानदेय 26 हजार रुपये तथा आशा कार्यकर्ताओं का 21 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लखनऊ कूच का एलान भी किया गया। (संवाद)
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