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स्वास्थ्य विभाग के नियमों को दिखा रहे ठेंगा
Hamirpur
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल में रेहड़ी फड़ी धारक स्वास्थ्य विभाग के नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। रेहड़ी धारक बिना लाइसेंस के शहर में खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं। रेहड़ी धारक उपभोक्ताओं को मनमाने रेट लगाकर चूना लगा रहे हैं। लेकिन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
फूड अडल्टरेशन एक्ट-1955 के अंतर्गत होटल, रेस्तरां, ढाबों व रेहड़ी-फहड़ी पर खाद्य पदार्थ बेचने वालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके लिए संबंधित दुकानदार का शारीरिक परीक्षण भी किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि दुकानदार दमा, चर्म रोग आदि भयानक रोगों का शिकार तो नही हैं। उसके बाद ही खाद्य पदार्थों को बेचने के लिए खंड चिकित्साधिकारी द्वारा एक वर्ष के लिए प्रमाणित लाइसेंस संबंधित दुकानदार को दिया जाता है। यह लाइसेंस न केवल दुकान पर बल्कि रेहडी-फहड़ी धारकों के लिए भी अनिवार्य है। लेकिन उपमंडल में रेहड़ी फहडी धारक नियमों को दरकिनार कर मनमाने रेटों में खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं।
उधर बीएमओ नादौन अशोक कौशल का कहना है कि फूड लाइसेंस बनाने का कार्य चला हुआ है और जिन लोगों ने लाइसेंस के लिए अपने कागजात जमा नहीं करवाएं हैं, विभाग उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
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फूड अडल्टरेशन एक्ट-1955 के अंतर्गत होटल, रेस्तरां, ढाबों व रेहड़ी-फहड़ी पर खाद्य पदार्थ बेचने वालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके लिए संबंधित दुकानदार का शारीरिक परीक्षण भी किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि दुकानदार दमा, चर्म रोग आदि भयानक रोगों का शिकार तो नही हैं। उसके बाद ही खाद्य पदार्थों को बेचने के लिए खंड चिकित्साधिकारी द्वारा एक वर्ष के लिए प्रमाणित लाइसेंस संबंधित दुकानदार को दिया जाता है। यह लाइसेंस न केवल दुकान पर बल्कि रेहडी-फहड़ी धारकों के लिए भी अनिवार्य है। लेकिन उपमंडल में रेहड़ी फहडी धारक नियमों को दरकिनार कर मनमाने रेटों में खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं।
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उधर बीएमओ नादौन अशोक कौशल का कहना है कि फूड लाइसेंस बनाने का कार्य चला हुआ है और जिन लोगों ने लाइसेंस के लिए अपने कागजात जमा नहीं करवाएं हैं, विभाग उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
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