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दलहनी फसलों में जैव उर्वरक का प्रयोग बढ़ाएं
Hamirpur
Updated Thu, 04 Sep 2014 05:31 AM IST
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कुरारा (हमीरपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में क्षेत्रीय परियोजना निदेशालय कानपुर के कृषि वैज्ञानिक डा.शांतनु कुमार दुबे ने दलहनी फसलों में जैव उर्वरक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने पर जोर दिया। उन्होने बीज उत्पादन कार्यक्रम पर भी प्रकाश डाला।
बुधवा को कृषि वैज्ञानिर डा. शांतनु कुमार दुबे ने स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण करने के बाद बीज उत्पादन कार्यक्त्रस्म की जानकारी ली। उन्होने केवीके में चल रही अन्य गतिविधियों के बारे में भी जाना। इसके बाद वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में जिला उद्यान अधिकारी डीके मिश्रा और अन्य अधिकारियों ने किसानों को कृषि संबंधी जानकारी दी। कार्यक्त्रस्म समन्वय डा.केके सिंह ने प्रगति रिपोर्ट 2013-14 और एक्शन प्लान 2014-15 पेश किया। इसमें उन्होंने सुझाव दिया जिले में गर्मी के मौसम में हरे चारे को बढ़ावा दिया जाए। चने की नई प्रजाति का प्रदर्शन किया जाए। तकनीकी प्रक्षेत्र किसानों को ले जाकर प्रशिक्षित किया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। विशिष्ट अतिथि डा. आरबी सिंह ने सुझाव दिया किसान रासायनिक खादों के साथ जैव उवर्रक को बढ़ावा दें, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सके। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों को मुसम्मी के बाग लगाने की जानकारी दी और बताया पौध केवीके नर्सरी में उपलब्ध है। सभी किसान अधिक से अधिक मात्रा मुसम्मी लगा कर जिले में इसकी खेती का क्षेत्रफल बढ़ाएं। बैठक में केशव प्रसार मिश्रा, सतीश पालीवाल, संतराम, सभाजीत सिंह और बलराम सिंह आदि किसानों ने भाग लेकर कार्य योजना के लिए सुझाव रखे।
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बुधवा को कृषि वैज्ञानिर डा. शांतनु कुमार दुबे ने स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण करने के बाद बीज उत्पादन कार्यक्त्रस्म की जानकारी ली। उन्होने केवीके में चल रही अन्य गतिविधियों के बारे में भी जाना। इसके बाद वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में जिला उद्यान अधिकारी डीके मिश्रा और अन्य अधिकारियों ने किसानों को कृषि संबंधी जानकारी दी। कार्यक्त्रस्म समन्वय डा.केके सिंह ने प्रगति रिपोर्ट 2013-14 और एक्शन प्लान 2014-15 पेश किया। इसमें उन्होंने सुझाव दिया जिले में गर्मी के मौसम में हरे चारे को बढ़ावा दिया जाए। चने की नई प्रजाति का प्रदर्शन किया जाए। तकनीकी प्रक्षेत्र किसानों को ले जाकर प्रशिक्षित किया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। विशिष्ट अतिथि डा. आरबी सिंह ने सुझाव दिया किसान रासायनिक खादों के साथ जैव उवर्रक को बढ़ावा दें, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सके। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों को मुसम्मी के बाग लगाने की जानकारी दी और बताया पौध केवीके नर्सरी में उपलब्ध है। सभी किसान अधिक से अधिक मात्रा मुसम्मी लगा कर जिले में इसकी खेती का क्षेत्रफल बढ़ाएं। बैठक में केशव प्रसार मिश्रा, सतीश पालीवाल, संतराम, सभाजीत सिंह और बलराम सिंह आदि किसानों ने भाग लेकर कार्य योजना के लिए सुझाव रखे।
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