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क्षतिग्रस्त यमुना पुल की मरम्मत बंद
Hamirpur
Updated Fri, 28 Jun 2013 05:30 AM IST
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हमीरपुर। क्षतिग्रस्त यमुना पुल के मरम्मत का कार्य ठप होने से जिले के लोगों में बेचैनी है। लोगों का कहना है कि मरम्मत का काम बंद रहा तो महीनों लोगों को मुसीबत से छुटकारा नहीं मिलेगा। पुल पर अवरोधक लगाए जाने से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद है। वहीं नदी के उस पार बनाए गए अस्थाई बस स्टैंड से सवारियों को पैदल ही पुल पार करना पड़ रहा है।
एक सप्ताह पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित यमुना पुल भारी वाहनों के ओवरलोड के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पर प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया है। साथ ही मरम्मत के लिए ब्रिज कारपोरेशन व हाईवे की निर्माण इकाई को निर्देशित किया गया है। इस पर निर्माण इकाई के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुल की जांच भी कर ली है। नमूने लेने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्से में बाउंड्रीवाल खड़ी कर आवाजाही बंदकर दिया है। तीन दिन से मरम्मत कार्य न होने के चलते जिले के लोगों में बेचैनी है। लोगों कहना है कि अगर इसी गति से काम हुआ तो लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेगी। पुल से आवागमन ठप होने से जिले में हर चीज पर महंगाई का असर देखा जा रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि वह सामग्री अन्य रूटों से होकर मंगवा रहे है। इससे अधिक भाड़ा देना पड़ रहा है। सबसे बड़ी मुसीबत यात्रियों की है। पुल के उस पर अस्थाई बस स्टैंड में उतरने के बाद उन्हें पैदल ही पुल पार करना होता है। वहीं रिक्शा व आटो चालक मजबूरी में मनमाना किराया वसूल रहे है।
पुल क्षतिग्रस्त होने से सफर हुआ मंहगा
राठ (हमीरपुर) यमुना नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने से कानपुर जाने वाले यात्रियों का सफर मंहगा हो गया। कानपुर जाने के लिए यात्रियों को 35 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं। साथ ही समय भी ज्यादा लग रहा है।
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बीती 21 जून को यमुना नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे राठ से सीधे कानपुर का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। पहले कानपुर जाने के लिए 125 रुपये किराया लगता था। अब उरई होते हुए 160 रुपये लगने लगे। इसके साथ ही करीब 35 किमी की दूरी भी बढ़ गई। वहीं कानपुर से राठ आने वाले विभिन्न ट्रांसपोर्ट मालिकों ने माल का किराया बढ़ा दिया। एआरएम एससी शंखवार ने बताया कि दूरी बढ़ने से किराया बढ़ गया। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि हमीरपुर में पैदल पुल पार करके सीधे कानपुर पहुंचा जा सकता है। इसके लिए पुल के दूसरी ओर बसें लगी रहती हैं।
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एक सप्ताह पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित यमुना पुल भारी वाहनों के ओवरलोड के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पर प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया है। साथ ही मरम्मत के लिए ब्रिज कारपोरेशन व हाईवे की निर्माण इकाई को निर्देशित किया गया है। इस पर निर्माण इकाई के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुल की जांच भी कर ली है। नमूने लेने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्से में बाउंड्रीवाल खड़ी कर आवाजाही बंदकर दिया है। तीन दिन से मरम्मत कार्य न होने के चलते जिले के लोगों में बेचैनी है। लोगों कहना है कि अगर इसी गति से काम हुआ तो लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेगी। पुल से आवागमन ठप होने से जिले में हर चीज पर महंगाई का असर देखा जा रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि वह सामग्री अन्य रूटों से होकर मंगवा रहे है। इससे अधिक भाड़ा देना पड़ रहा है। सबसे बड़ी मुसीबत यात्रियों की है। पुल के उस पर अस्थाई बस स्टैंड में उतरने के बाद उन्हें पैदल ही पुल पार करना होता है। वहीं रिक्शा व आटो चालक मजबूरी में मनमाना किराया वसूल रहे है।
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पुल क्षतिग्रस्त होने से सफर हुआ मंहगा
राठ (हमीरपुर) यमुना नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने से कानपुर जाने वाले यात्रियों का सफर मंहगा हो गया। कानपुर जाने के लिए यात्रियों को 35 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं। साथ ही समय भी ज्यादा लग रहा है।
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बीती 21 जून को यमुना नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे राठ से सीधे कानपुर का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। पहले कानपुर जाने के लिए 125 रुपये किराया लगता था। अब उरई होते हुए 160 रुपये लगने लगे। इसके साथ ही करीब 35 किमी की दूरी भी बढ़ गई। वहीं कानपुर से राठ आने वाले विभिन्न ट्रांसपोर्ट मालिकों ने माल का किराया बढ़ा दिया। एआरएम एससी शंखवार ने बताया कि दूरी बढ़ने से किराया बढ़ गया। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि हमीरपुर में पैदल पुल पार करके सीधे कानपुर पहुंचा जा सकता है। इसके लिए पुल के दूसरी ओर बसें लगी रहती हैं।