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33केवीए लाइन का काम शुरू, जल्द मिलेगी राहत
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sun, 23 Aug 2015 12:14 AM IST
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क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांव के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। ममना
पावर सबस्टेशन को आने वाली 33 केवीए नई लाइन का डेढ़ साल से अधूरा पड़ा
काम अब शुरू हो गया है। पावर कारपोरेशन इस काम को एक माह में पूरा करने का
दावा कर रहा है।
क्षेत्र के ममना व खेड़ाशिलाजीत सबस्टेशनों को राठ स्थित 132 पावर स्टेशन से आई 33 केवीए की एक ही विद्युत लाइन से जोड़कर चलाया जा रहा है।
जिससे फसलों की सिंचाई व गर्मी के सीजन में यह लाइन दोनों पावर सबस्टेशनों का एक साथ लोड नहीं खींच पाती है। नतीजतन दोनों पावर सब स्टेशनों के फीडरों को अलग-अलग शिफ्ट में चलाया जाता है।
विभाग की इस मनमानी का दंश दोनों सब स्टेशनों से जुड़े उपभोक्ताओं व किसानों को उठाना पड़ रहा है।
इस समस्या से निजात के लिए विभाग ने राठ के 132 पावर स्टेशन से ममना सबस्टेशन से ममना सबस्टेशन के लिए नई 33 केवीए लाइन बनाने का काम दो वर्ष पहले शुरू किया था।
लेकिन कुछ दिन काम चलने के बाद किसानों ने खेतों में खड़ी फसलों के नष्ट होने की वजह बताकर काम को बंद करा दिया। बाद में इस लाइन को बनाने वाले ठेकेदार ने भी अपने हाथ खड़े कर लिए।
मगर विभागीय कार्रवाई के बाद अब इस लाइन का काम फिर शुरू हो गया है। ममना पावर स्टेशन से कस्बा समेत ममना, बीलपुर, छिमौली, जलालपुर, भेड़ी, धौहल, बंगरा, पचखुरा समेत कई गांव जुड़े हुए हैं।
विभाग के जेई पुनीत शर्मा ने बताया कि इस लाइन का कार्य शुरू हो गया है और एक माह में कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि लाइन के बन जाने से खेड़ा व ममना दोनों सबस्टेशनों की लो वोल्टेज की समस्या समाप्त हो जाएगी।
क्षेत्र के ममना व खेड़ाशिलाजीत सबस्टेशनों को राठ स्थित 132 पावर स्टेशन से आई 33 केवीए की एक ही विद्युत लाइन से जोड़कर चलाया जा रहा है।
जिससे फसलों की सिंचाई व गर्मी के सीजन में यह लाइन दोनों पावर सबस्टेशनों का एक साथ लोड नहीं खींच पाती है। नतीजतन दोनों पावर सब स्टेशनों के फीडरों को अलग-अलग शिफ्ट में चलाया जाता है।
विभाग की इस मनमानी का दंश दोनों सब स्टेशनों से जुड़े उपभोक्ताओं व किसानों को उठाना पड़ रहा है।
इस समस्या से निजात के लिए विभाग ने राठ के 132 पावर स्टेशन से ममना सबस्टेशन से ममना सबस्टेशन के लिए नई 33 केवीए लाइन बनाने का काम दो वर्ष पहले शुरू किया था।
लेकिन कुछ दिन काम चलने के बाद किसानों ने खेतों में खड़ी फसलों के नष्ट होने की वजह बताकर काम को बंद करा दिया। बाद में इस लाइन को बनाने वाले ठेकेदार ने भी अपने हाथ खड़े कर लिए।
मगर विभागीय कार्रवाई के बाद अब इस लाइन का काम फिर शुरू हो गया है। ममना पावर स्टेशन से कस्बा समेत ममना, बीलपुर, छिमौली, जलालपुर, भेड़ी, धौहल, बंगरा, पचखुरा समेत कई गांव जुड़े हुए हैं।
विभाग के जेई पुनीत शर्मा ने बताया कि इस लाइन का कार्य शुरू हो गया है और एक माह में कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि लाइन के बन जाने से खेड़ा व ममना दोनों सबस्टेशनों की लो वोल्टेज की समस्या समाप्त हो जाएगी।