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Hamirpur News: भंडरा तालाब उफनाने से 100 एकड़ उड़द-मूंग की फसल डूबी
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फोटो 01 एमएएचपी 14 परिचय-भंडरा गांव में तालाब ओवरफ्लो होने से किसानों के खेतों में भरा पानी व ड
श्रीनगर (महोबा)। विकासखंड कबरई की ग्राम पंचायत भंडरा में किसानों की 100 एकड़ में बोई गई उड़द और मूंग की फसल बर्बाद हो गई। भंडारा तालाब ओवरफ्लो होने से खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल डूब गई है। आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों ने मुआवजा की मांग की है।
भंडरा गांव में करीब 100 एकड़ में तालाब फैला हुआ है। इसमें 80 एकड़ जमीन मत्स्य विभाग की ओर से मछली पालन के लिए आरक्षित की गई है। शेष 20 एकड़ जमीन पर ग्राम सभा की ओर से पट्टे आवंटित किए गए हैं। इस जमीन पर करीब 20 पट्टेदारों ने खरीफ फसल बोई थी लेकिन अत्यधिक बारिश से तालाब लबालब हो गया। तालाब ओवरफ्लो होने से खेतों में बोई गई उड़द व मूंग की फसल पानी में डूब गई। फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं और जिला प्रशासन से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
एक पखवाड़े पहले किसानों ने इसके लिए डीएम को ज्ञापन भी दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद तीन दिन की बारिश ने किसानों की दोबारा कमर तोड़ दी। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उधर, लेखपाल अखिलेश पांडे का कहना है कि ज्यादा बारिश होने से तालाब भर गया। दो बार ओवरफ्लो पानी निकालने के लिए औना खोला गया। इसके बाद भी तालाब भरा है। वहीं, ग्राम प्रधानपति रामकरण मिश्रा का कहना है कि तालाब में सिर्फ 20 किसानों की जमीन है लेकिन ज्यादातर किसानों ने तालाब की भूमि पर फसल बोई थी जो कि गैर कानूनी है।
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भंडरा गांव में करीब 100 एकड़ में तालाब फैला हुआ है। इसमें 80 एकड़ जमीन मत्स्य विभाग की ओर से मछली पालन के लिए आरक्षित की गई है। शेष 20 एकड़ जमीन पर ग्राम सभा की ओर से पट्टे आवंटित किए गए हैं। इस जमीन पर करीब 20 पट्टेदारों ने खरीफ फसल बोई थी लेकिन अत्यधिक बारिश से तालाब लबालब हो गया। तालाब ओवरफ्लो होने से खेतों में बोई गई उड़द व मूंग की फसल पानी में डूब गई। फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं और जिला प्रशासन से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
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एक पखवाड़े पहले किसानों ने इसके लिए डीएम को ज्ञापन भी दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद तीन दिन की बारिश ने किसानों की दोबारा कमर तोड़ दी। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उधर, लेखपाल अखिलेश पांडे का कहना है कि ज्यादा बारिश होने से तालाब भर गया। दो बार ओवरफ्लो पानी निकालने के लिए औना खोला गया। इसके बाद भी तालाब भरा है। वहीं, ग्राम प्रधानपति रामकरण मिश्रा का कहना है कि तालाब में सिर्फ 20 किसानों की जमीन है लेकिन ज्यादातर किसानों ने तालाब की भूमि पर फसल बोई थी जो कि गैर कानूनी है।
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