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UP: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से इनकार के बाद मसाजिद कमेटी ने HC का किया रुख, जिला अदालत के फैसले को दी चुनौती

Thu, 01 Feb 2024 06:28 PM IST
आकाश दुबे पीटीआई, वाराणसी
पीटीआई, वाराणसी Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 01 Feb 2024 06:28 PM IST
सार

जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में व्यासजी के तहखाने में 30 साल बाद पूजा-पाठ की इजाजत दी थी। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने तहखाना में पूजा पर रोक लगाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने का सुझाव दिया।

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Gyanvapi Case After denial of hearing in Supreme Court Masajid Committee approached High Court
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास तहखाना में पूजा पर रोक लगाने की मसाजिद कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई से इनकार के बाद कमेटी ने हाईकोर्ट (एचसी) का रुख किया है। मुस्लिम पक्ष के वकील जहीर असगर ने बताया कि तहखाने में पूजा की अनुमति देने वाले वाराणसी जिला अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले तहखाना में पूजा की इजाजत देने वाले आदेश के खिलाफ कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। साथ ही कमेटी को हाईकोर्ट जाने का सुझाव भी दिया था।

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ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी तहखाने में पूजापाठ के वाराणसी कोर्ट के आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने आज तड़के तीन बजे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सीजेआई ने फाइल देखने के बाद मस्जिद पक्ष को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था। सीजेआई ने मुस्लिम पक्ष के वकीलों से कहा कि आपको कोई भी राहत चाहिए तो आप हाईकोर्ट जा सकते हैं।

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30 साल बाद पूजा-पाठ की दी थी इजाजत
बता दें कि जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में व्यासजी के तहखाने में 30 साल बाद पूजा-पाठ की इजाजत दी थी। आदेश पर अमल करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा में तहखाने में देर रात से ही पूजा-अर्चना शुरू करा दी। गुरुवार तड़के मंगला आरती भी हुई। 

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जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि व्यासजी के तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा राग-भोग व्यास परिवार और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड के पुजारी से कराएं। जिला जज ने अपने ऑर्डर में लिखा है कि रिसीवर जिला मजिस्ट्रेट को यह निर्देश दिया जाता है कि वह चौक थाना क्षेत्र के सेटलमेंट प्लाट नंबर-9130 में स्थित भवन के दक्षिण के तरफ स्थित तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा राग-भोग पुजारी से कराएं। 

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इसके साथ ही अदालत ने कहा कि इस संबंध में रिसीवर सात दिन के भीतर लोहे की बाड़ का उचित प्रबंध कराएं। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई की अगली तिथि 8 फरवरी दी है। इस बीच वादी और प्रतिवादी पक्ष अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।

ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी का तहखाना जिलाधिकारी को सुपुर्द किए जाने और वहां दिसंबर 1993 के पहले के जैसे ही पूजा-पाठ करने की अनुमति के संबंध में 25 सितंबर 2023 को जिला अदालत में शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने वाद दाखिल किया था। 

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