फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gutkha Ban: What happened when in Uttar Pradesh?

गुटखा बैन: उत्तरप्रदेश में कब क्या हुआ?

Wed, 03 Apr 2013 05:25 PM IST
इंटरनेट डेस्क
इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 03 Apr 2013 05:25 PM IST
विज्ञापन
Gutkha Ban: What happened when in Uttar Pradesh?

कई राज्यों के बाद आखिरकार अब उत्तर प्रदेश में भी गुटखे पर पाबंदी लगा दी गई है। प्रदेश सरकार ने सोमवार की शाम से ही प्रदेश में गुटखा बनाना और बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।

विज्ञापन


•इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2012 को इंडियन डेंटल एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सरकार को गुटखे पर प्रतिबंध लगाने के लिए चौदह दिन का समय दिया था।
•सरकार ने हाईकोर्ट से इसके लिए छह महीने का वक्त मांगते हुए इसे एक अप्रैल से लागू करने का समय तय कर दिया था।
•इसके बाद एफडीए ने चार अक्टूबर, 2012 को गुटखे पर प्रतिबंध लगाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था।
•गुटखा लाबी की ओर से तीन केस सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए थे। इनमें प्रभु आस्था इंटरप्राइजेज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, मेसर्स फूट इंटरप्राइजेज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और विष्णु इंटरप्राइजेज बनाम यूनियन आफ इंडिया के तीन याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
विज्ञापन

•इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में एक अप्रैल को सुनवाई थी। इस वजह से सरकार ने नोटिफिकेशन को यथावत बनाए रखा, लेकिन कोर्ट के फैसले का इंतजार करते रहे।
आखिरकार एक अप्रैल को राज्य सरकार ने यह फैसला तब किया, जब दिन में सुप्रीम कोर्ट ने गुटखा से संबंधित फैक्ट्रियों के कर्मचारियों के पुनर्वास के लिए और समय दिए जाने पर आदेश जारी करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पान मसाले में तंबाकू मिलाना गैरकानूनी

उत्तरप्रदेश सरकार ने जिस खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 का सहारा लेकर गुटखे पर एक अप्रैल से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, उसके विनियम 2.3.4 के अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ में तंबाकू या निकोटीन का मिश्रण करना गैरकानूनी है।

वहीं एफडीए केवल सादे पान मसाले का लाइसेंस इस एक्ट के तहत देता है। सादे पान मसाले को खाद्य पदार्थ का दर्जा दिया जाता है। गुटखे का कोई भी लाइसेंस इस एक्ट केतहत नहीं दिया जाता। इसलिए इसमें तंबाकू या निकोटीन मिलाकर गुटखा बनाना गैरकानूनी होगा। इस एक्ट का उल्लंघन करने पर जुर्माने और सजा का भी प्राविधान है।

कैसे बनता है गुटखा

लोग इस हकीकत को मानें या न माने लेकिन एक दो रुपए के पाउच में बिकने वाले गुटखा में जो सुपारी प्रयोग होती है वह सी ग्रेड यानि सबसे घटिया किस्म की होती है।

गुटखा कारोबार में लगे लोग स्वयं इस बात को स्वीकार करते हैं कि गुटखा बनाने में जो सुपारी व कत्था प्रयोग होता है वह दोयम दर्जे का होता है लेकिन तम्बाकू कुछ रसायन व खुशबू डालकर इसे पाउच में पैक कर दिया जाता है।


तम्बाकू के लती लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसमें जो सामग्री प्रयोग हुई वह क्या और किस किस्म की है उनका मजा तो निकोटीन व रसायन पूरा कर देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed