{"_id":"5752f43e4f1c1b8c49109965","slug":"women-s-pray-for-long-life-of-her-husband","type":"story","status":"publish","title_hn":"वट सावित्री व्रत रख मांगा अखंड सुहाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वट सावित्री व्रत रख मांगा अखंड सुहाग
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 04 Jun 2016 09:01 PM IST
विज्ञापन
काली वाणी मंदिर में वट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं।
- फोटो : mahesh kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति की लंबी उम्र की मंगल कामना के साथ महिलाओं ने शनिवार को उपवास रखा और वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अखंड सुहाग मांगा। जेठ महीने के कृष्ण पक्ष में अमावस्या के दिन इस व्रत के लिए स्नान-ध्यान कर महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कीं। महिलाओं ने वृक्ष के जड़ में ब्रह्मा जी का, तने में भगवान विष्णु और डालियों व पत्तियों में भगवान शिव का स्थान मानकर धूप, दीप, नैवेद्य आदि से पूजा की।
महिलाओं ने वट वृक्ष में कच्चा सूत लपेटकर 108 बार परिक्रमा की। कुछ महिलाओं ने सात बार परिक्रमा की। इस दौरान सत्यवान और देवी सावित्री का भी पूजन किया गया। सावित्री के पूजन में सौभाग्य वस्तुएं यानी काजल, मेहंदी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, स्वर्णाभूषण, दर्पण का चढ़ावा चढ़ाया गया। महिलाओं ने वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया। सावित्री और सत्यवान की कथा से पति के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
विज्ञापन
महिलाओं ने वट वृक्ष में कच्चा सूत लपेटकर 108 बार परिक्रमा की। कुछ महिलाओं ने सात बार परिक्रमा की। इस दौरान सत्यवान और देवी सावित्री का भी पूजन किया गया। सावित्री के पूजन में सौभाग्य वस्तुएं यानी काजल, मेहंदी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, स्वर्णाभूषण, दर्पण का चढ़ावा चढ़ाया गया। महिलाओं ने वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया। सावित्री और सत्यवान की कथा से पति के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
विज्ञापन