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पहाड़ जैसी ठंड का कहर, तीन की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:04 AM IST
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गोरखपुर में ठंड।
- फोटो : Amar Ujala
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ठंड ने कहर बरपाना तेज कर दिया है। गोला इलाके में ठंड से तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। हालांकि प्रशासन इन मौतों की वजह ठंड नहीं मान रहा है। वहीं शनिवार को बर्फीली हवाओं और गलन ने शहरवासियों को भी पहाड़ी इलाकों जैसी सर्दी का एहसास कराया। अधिकतम पारा इस सीजन में सबसे निचले स्तर पर आ गया। ठंड से हाड़ तक कांप गए। यह पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस कम है। सामान्य पारा 21.4 डिग्री होता है। सर्दी ने भी इस सीजन के पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए। 9 जनवरी 2013 के बाद इस तरह की सर्दी पड़ी है। तब अधिकतम पारा 9.3 डिग्री सेल्सियस गया था।
गोला इलाके के डांड़ी खास निवासी लक्ष्मी गौड़ की पत्नी गंगाजली (55) शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद सो गईं। सुबह उन्हें मृत पाया गया। वहीं भरसी गांव के रामकरण पांडेय (65) शनिवार सुबह पशुओं को चारा खिला रहे थे कि तभी चक्कर आने से गिर गए। कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। भूपगढ़ निवासी रामअवध (67) की शनिवार रात मौत हो गई। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसडीएम गौरव श्रीवास्तव का कहना है कि सूचना मिली है। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही होती है। पोस्टमार्टम न होने से ठंड से मौत होना नहीं कहा जा सकता।
दूसररी ओर गोरखपुर में सर्दी का सितम जारी है। अधिकतम और न्यूनतम पारा भी लगातार नीचे जा रहा है। जो अधिकतम पारा शुक्रवार को 11.4 डिग्री सेल्सियस था, वह शनिवार को एक डिग्री नीचे आ गया। इससे कड़ाके की सर्दी पड़ी। आठ से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने जबरदस्त गलन का एहसास कराया। शहरवासियों के हाथ, पैरों की उंगलियां सुन्न हो गईं। रात की सर्दी ने भी इस सीजन के पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यह पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यही पारा शुक्रवार को 5.3 था।
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वातावरण में सुबह की नमी 100 प्रतिशत और दोपहर की नमी 80 प्रतिशत रिकार्ड की गई है। इससे वायुमंडल के ऊपरी सतह पर धुंध छा गई। दिनभर धूप के दर्शन नहीं हो सके। शहर में जगह-जगह अलाव भी जले लेकिन गलन ने राहत की सांस नहीं लेने दी। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि अगले तीन दिनों तक सर्दी का सितम जारी रहेगा। अधिकतम, न्यूनतम पारे में और गिरावट हो सकती है। ऐसा हुआ तो गलन और बढ़ेगी।
ऐसे चढ़ा-उतरा अधिकतम पारा (डिग्री सेल्सियस में)
3 जनवरी 12.8
4 जनवरी 14.3
5 जनवरी 11.4
6 जनवरी 10.4
पारे का अंतर और कम हुआ
अधिकतम, न्यूनतम पारे के बीच अंतर और कम हो गया। यह अंतर महज 5.2 डिग्री रह गया। इस कारण ज्यादा सर्दी महसूस की जा रही है। फसलों के लिहाज से भी यह खतरनाक होता है। रोग, कीट फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
दूसरे दिन भी गोरखपुर प्रदेश में सबसे ठंडा
दिन की सर्दी के मामले में गोरखपुर दूसरे दिन भी यूपी में पहले पायदान पर रहा। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा ठंड गोरखपुर में पड़ी है। कानपुर का अधिकतम पारा 19.6 डिग्री सेल्सियस, लखनऊ का 18.7, आगरा का 20.1 और इलाहाबाद का अधिकतम पारा 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पारा सामान्य के आसपास है। इसके मुकाबले गोरखपुर का अधिकतम पारा सामान्य से 11 डिग्री कम (10.4) रिकार्ड हुआ। शिमला का अधिकतम पारा भी 10.7 और नैनीताल का 12.2 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो गोरखपुर से कम है।
सरकारी दफ्तरों में अलाव, हीटर से भगाई सर्दी
सर्दी का सितम सरकारी, गैर सरकारी कर्मचारियों ने भी झेला। नगर निगम मुख्यालय के अलग-अलग दफ्तरों में हीटर लगा मिला। अलाव का इंतजाम भी किया गया। जिला अस्पताल में भी मरीज, तीमारदार हीटर से सर्दी भगाते मिले। जीडीए दफ्तर में भी सर्दी से निजात के लिए हीटर का सहारा लिया गया। तमाम अफसर, कर्मचारी सर्दी की वजह से दफ्तर देर से पहुंचे।
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गोला इलाके के डांड़ी खास निवासी लक्ष्मी गौड़ की पत्नी गंगाजली (55) शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद सो गईं। सुबह उन्हें मृत पाया गया। वहीं भरसी गांव के रामकरण पांडेय (65) शनिवार सुबह पशुओं को चारा खिला रहे थे कि तभी चक्कर आने से गिर गए। कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। भूपगढ़ निवासी रामअवध (67) की शनिवार रात मौत हो गई। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसडीएम गौरव श्रीवास्तव का कहना है कि सूचना मिली है। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही होती है। पोस्टमार्टम न होने से ठंड से मौत होना नहीं कहा जा सकता।
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दूसररी ओर गोरखपुर में सर्दी का सितम जारी है। अधिकतम और न्यूनतम पारा भी लगातार नीचे जा रहा है। जो अधिकतम पारा शुक्रवार को 11.4 डिग्री सेल्सियस था, वह शनिवार को एक डिग्री नीचे आ गया। इससे कड़ाके की सर्दी पड़ी। आठ से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने जबरदस्त गलन का एहसास कराया। शहरवासियों के हाथ, पैरों की उंगलियां सुन्न हो गईं। रात की सर्दी ने भी इस सीजन के पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यह पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यही पारा शुक्रवार को 5.3 था।
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वातावरण में सुबह की नमी 100 प्रतिशत और दोपहर की नमी 80 प्रतिशत रिकार्ड की गई है। इससे वायुमंडल के ऊपरी सतह पर धुंध छा गई। दिनभर धूप के दर्शन नहीं हो सके। शहर में जगह-जगह अलाव भी जले लेकिन गलन ने राहत की सांस नहीं लेने दी। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि अगले तीन दिनों तक सर्दी का सितम जारी रहेगा। अधिकतम, न्यूनतम पारे में और गिरावट हो सकती है। ऐसा हुआ तो गलन और बढ़ेगी।
ऐसे चढ़ा-उतरा अधिकतम पारा (डिग्री सेल्सियस में)
3 जनवरी 12.8
4 जनवरी 14.3
5 जनवरी 11.4
6 जनवरी 10.4
पारे का अंतर और कम हुआ
अधिकतम, न्यूनतम पारे के बीच अंतर और कम हो गया। यह अंतर महज 5.2 डिग्री रह गया। इस कारण ज्यादा सर्दी महसूस की जा रही है। फसलों के लिहाज से भी यह खतरनाक होता है। रोग, कीट फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
दूसरे दिन भी गोरखपुर प्रदेश में सबसे ठंडा
दिन की सर्दी के मामले में गोरखपुर दूसरे दिन भी यूपी में पहले पायदान पर रहा। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा ठंड गोरखपुर में पड़ी है। कानपुर का अधिकतम पारा 19.6 डिग्री सेल्सियस, लखनऊ का 18.7, आगरा का 20.1 और इलाहाबाद का अधिकतम पारा 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पारा सामान्य के आसपास है। इसके मुकाबले गोरखपुर का अधिकतम पारा सामान्य से 11 डिग्री कम (10.4) रिकार्ड हुआ। शिमला का अधिकतम पारा भी 10.7 और नैनीताल का 12.2 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो गोरखपुर से कम है।
सरकारी दफ्तरों में अलाव, हीटर से भगाई सर्दी
सर्दी का सितम सरकारी, गैर सरकारी कर्मचारियों ने भी झेला। नगर निगम मुख्यालय के अलग-अलग दफ्तरों में हीटर लगा मिला। अलाव का इंतजाम भी किया गया। जिला अस्पताल में भी मरीज, तीमारदार हीटर से सर्दी भगाते मिले। जीडीए दफ्तर में भी सर्दी से निजात के लिए हीटर का सहारा लिया गया। तमाम अफसर, कर्मचारी सर्दी की वजह से दफ्तर देर से पहुंचे।